मजहब के नाम पर दुनियां भर के करोडों मुसलमान,,
Iran को Support कर सकते हैं ।
गाजा और फ्लीस्तीन को Support कर सकते हैं ।
मजहब के नाम पर चल रहे ISIS और हमास जैसे आतंकी संगठनों को Support कर सकते हैं ।
मजहब के नाम पर पाकिस्तान, बांग्लादेश को Support कर सकते हैं ।
तो भारत के हिन्दू नेपाल को सपोर्ट क्यों नहीं कर सकते ??
ध्यान रहे मुस्लिमों का अपना कोई देश नहीं होता, जिस देश में रहते हैं, वहां जनसंख्या बढाकर उसी देश को Islamic Country बना लेते हैं ।
इसलिए आज दुनियां में 56 Islamic मुल्क हैं ।
हिन्दूओं दुनियां में तुम्हारे कितने "हिन्दू राष्ट्र" हैं....??
गीता प्रेस के शताब्दी-वर्ष के अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीजी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथजी द्वारा विमोचित विशिष्ट ग्रंथ—संक्षिप्त चित्रमय शिवपुराण।
भगवान शिव की पावन कथाओं और लीलाओं को सुंदर रंगीन चित्रों के साथ प्रस्तुत करने वाला यह भव्य ग्रंथ आर्ट पेपर पर मुद्रित है।
📖 पुस्तक: संक्षिप्त चित्रमय शिवपुराण
🔢 कोड संख्या: 2318
🏛️ गीता प्रेस, गोरखपुर
सावन के पावन मास में शिवपुराण के अध्ययन और भगवान शिव के दिव्य चरित्र के चिंतन हेतु एक अनुपम ग्रंथ।
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#चित्रमयशिवपुराण #शिवपुराण #सावन #महादेव #हरहरमहादेव #शिवभक्ति #गीताप्रेस #GitaPress #SawanCampaign
🚨In Tirupati There are More than 100 Churches !
🚨When Non Christian are Not allowed to Settle in Vatican !
🚨 When Non Mu$lims are Not allowed to Settle in Mecca !
🚨 Then why Non Hindus are allowed to Settle in the Holy Cities of Hindu ? ??
🚨Wake Up Call for Hindus !!! 👇
भारत के हर गाँव में तालाब मौजूद है…
और तालाब के चारों ओर सैकड़ों बीघा के आगोर मौजूद है…
क्योंकि इसी आगोर क्षेत्र से होकर पानी तालाब तक पहुँचता है…
इसलिए हर गाँव का एक अघोषित नियम होता है…
तालाब और इसके आगोर क्षेत्र में किसी तरह की गंदगी नहीं की जाएगी…
इस एक नियम के कारण सैकड़ों हज़ारों सालों से हमारे तालाब साफ़ सुथरे और शुद्ध पानी से भरे रहे…
दूसरी तरफ़ बात करें शहरों की…
तो हर शहर ने अपनी गंदगी तालाब, झील, नदियों में डाली…
और चंद सालों में हर प्राकृतिक जल स्रोत को बर्बाद करके रख दिया…!!!
नेटफ्लिक्स के CEO ने भारत के कारगिल युद्ध पर आधारित नई सीरीज़ Operation Safed Sagar को लेकर कहा—
“ऑपरेशन सफेद सागर ऐसी कहानी है जिसे दुनिया तक पहुंचाना हमारे लिए सम्मान की बात है। कारगिल युद्ध में सेवा देने वाले वीर सैनिकों और महिलाओं के अदम्य साहस को हम इस सीरीज़ के माध्यम से सम्मानित कर रहे हैं।”
कारगिल के नायकों की गाथा अब वैश्विक मंच पर।🔥
आरक्षण किसे मिलना चाहिए?
राष्ट्रपति उपराष्ट्रपति राज्यपाल के परिवार को या गरीब किसान-मजदूर के बच्चों को?
सांसद विधायक मंत्री मुख्यमंत्री के परिवार को या गरीब किसान-मजदूर के बच्चों को?
थानेदार तहसीलदार कलेक्टर कप्तान कमिश्नर सचिव जज के परिवार को या गरीब किसान-मजदूर के बच्चों को
जिस PNC Infra Ltd मैं #कानपुर#लखनऊ एक्सप्रेसवे में घटिया काम किया, उसे 20 दिन पहले ही उत्तर प्रदेश में ₹3,500 करोड़ के नेशनल हाईवे का नया ठेका मिला है
यही वह कंपनी है जिसके निदेशकों और #NHAI के कुछ अधिकारियों के खिलाफ 2024 में #CBI ने रिश्वत देकर ठेके हासिल करने के आरोपों में मामला दर्ज किया था।
इसी कंपनी पर अवैध खनन के मामले में ₹104 करोड़ का जुर्माना भी लगाया जा चुका है।
कंपनी के प्रमुख शेयरधारकों में #भाजपा के राज्यसभा सांसद नवीन जैन का नाम है। वह कंपनी के व्होल टाइम डायरेक्टर भी रह चुके हैं, फिलहाल कंपनी उनके भाई संचालित करते हैं
इतने विवादों के बावजूद बार-बार बड़े सरकारी ठेके मिलना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
भाई के अंतिम दर्शन को निकलीं बुजुर्ग दादी...रास्ते में बैग चोरी हो गया। उसमें सिर्फ 300 रुपये थे, जिनसे भाई के लिए कफन खरीदना था।
यह बुजुर्ग दादी बस में जा रही थीं अपने भाई के अंतिम संस्कार के लिए। लेकिन रास्ते में ही किसी चोर ने उनका बैग चुरा लिया। जैसे ही बैग चोरी होने का पता चला तो दादी रोने-बिलखने लगीं।
दादी रो-रोकर बताने लगीं – अंदर सिर्फ 300 रुपये थे… कफन खरीदने के लिए रखे हुए। मेरा भाई चला गया… और अब ये पैसे भी चले गए। कफन कैसे खरीदूँगी.?
आसपास बैठे यात्रियों की आँखें नम हो गईं। एक व्यक्ति ने 100 रुपये निकालकर दिए और बोला – दादी, आप पहुँच जाओ… अंतिम दर्शन तो कर लो।
केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में स्पष्ट कर दिया है कि SC/ST कोटा में ‘क्रीमी लेयर’ की अवधारणा नहीं लागू होगी क्योंकि वह केवल OBC के लिए थी। तो मोदी जी, OBC रिजर्वेशन तो पहले था ही नहीं, फिर वो क्यों आया और आपकी पार्टी ने उसका समर्थन क्यों किया था?
दूसरी बात, आपके वकील ने कहा कि ‘आय के आधार पर’ SC/ST आरक्षण बिलकुल नहीं होगा क्योंकि उसका आधार केवल ‘आर्थिक पिछड़ापन’ ही नहीं, ‘ऐतिहासिक उत्पीड़न और अन्याय’ है। ‘केवल’ आर्थिक पिछड़ापन कहाँ, आप तो इनकम को कहीं भी आधार नहीं मानते!
जिस EWS का आप ढोल पीटते हैं, उसमें न तो फॉर्म के दाम कम हैं, न हॉस्टल की फीस, न कोर्स फीस… तो ये दो कौड़ी का राजनैतिक झुनझुने का सामान्य वर्ग करे क्या? @narendramodi यह बताएँ कि सामान्य वर्ग के टैक्स के पैसों से फंड हो रही SC/ST आरक्षण सब्सिडी का लाभ, सामान्य वर्ग के EWS को ही क्यों नहीं मिलता?
कोई तर्क है इसका कि आप जिसे सर्टिफाइड गरीब मानते हैं, वो प्रमाण पत्र उससे माँगते हैं, उसे सत्यापित करते हैं और उसे नौ लाख से सोलह लाख तक का लोन ले कर पढ़ाई करनी पड़ती है। फिर आप 1000 SC और 1000 OBC जातियों के शून्य प्रतिनिधित्व पर मौन हो जाते हैं कि इन जातियों का आरक्षण कहाँ है?
सत्य यह है कि आपका ‘विकसित भारत’ टूटते हायवे और निम्न गुणवत्ता के 50% लोगों से भरे कॉलेजों और विद्यालयों से कभी पूरा नहीं हो सकता। आरक्षण की समीक्षा करनी ही होगी, उसे तार्किक रूप से लाना ही होगा।
१. शून्य प्रतिनिधित्व वाली जातियों की पहचान
२. EWS की SC के स्तर की आर्थिक छूट
३. न्यूनतम अंक का विधान, GC से 10% से अधिक का कटऑफ में अंतर न हो SC/ST में
४. सक्षम लोगों को फर्जी तर्क के कारण आरक्षण न दिया जाए
५. हर श्रेणी में सबसे गरीब, पिछड़े को ही आरक्षण मिले
६. हर दस वर्ष में जातियों की समीक्षा और निष्कासन, नई जातियों को लिस्ट में जोड़ना बंद करें
AS INDIA DEBATES FCRA BILL THE ERA OF "NGO MIDDLEMEN" IS ENDING. EVEN IN AMERICA.
The U.S. government says foreign aid (when needed) will now go straight to national governments, not routed through NGOs anymore.
U.S. SECRETARY OF STATE RUBIO: if the goal is to help a country, fund the country not NGOs turning aid into their next business model.
Listen to what he says it exposes why a certain "ecosystem" is sweating under the collar in India and opposing the FCRA BILL.
THE REAL DEBATE ISN'T ABOUT CHARITY, DO GOODING.
यह खूबसूरत, चॉकलेटी, मुस्कुराता चेहरा प्रदीप कुमार जैन का है यह PNC इंफ्राटेक लिमिटेड के मालिक हैं। इन्होंने लखनऊ कानपुर हाइवे का ठेका लिया और सड़क का भट्टा बैठा दिया। अब मिनिस्टर ऑफ इथेनॉल ने सड़क की खराब क्वालिटी कॉन्टेक्ट हुए टोल टैक्स न लेने का फैसला किया है और कंपनी को ब्लैकलिस्टेड कर दिया है।
लेकिन कहानी यह नहीं है। कहानी यह भी नहीं है कि यह प्रदीप कुमार जैन भाजपा सांसद नवीन जैन का भाई है। जिसकी योग्यता केवल एक है कि वह एक व्यापारी है।
खबर यह है कि यह कंपनी 2021 में बनकर तैयार हुए झांसी-खजुराहो हाइवे प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार और घूसखोरी से जुड़े मामले में सीबीआई जांच का सामना कर रही है। कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों ने एनएचएआई (NHAI) के अधिकारियों को लाखों की रिश्वत दी थी। यह रिश्वत एनओसी (NOC) जारी कराने, परियोजना का अंतिम हैंडओवर प्रमाण पत्र प्राप्त करने और अंतिम बिल पास कराने के लिए दी गई थी। फिर भी मोदी सरकार और गडकरी ने इसे ब्लैक लिस्ट नहीं किया।
गजब का करप्शन यह है कि सरकार ने सीबीआई जांच के बावजूद इस कंपनी को 2022 में लखनऊ कानपुर हाइवे का ठेका दे दिया।
मिल जुल कर करें प्रयास, तो कहीं बच सकती हैं मुजफ्फरपुर के इस युवा की जान!
मुजफ्फरपुर: शहर के खबड़ा निवासी 25 वर्षीय यश राज पिछले लगभग पाँच महीनों से चीन के शंघाई डिटेंशन सेंटर में बंद हैं। परिजनों के अनुसार, यश मर्चेंट नेवी की MSC कंपनी में कार्यरत हैं। उनका जहाज तकनीकी खराबी के कारण चीन के एक बंदरगाह पर रुका था, जहाँ एक स्थानीय विवाद के बाद चीनी पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
यश की माँ सीमा सिंह का कहना है कि 28 फरवरी 2026 से उन्होंने अपने बेटे की आवाज़ तक नहीं सुनी है। परिवार के अनुसार, बेटे की चिंता में उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही है और डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह भी दी है। उनकी सबसे बड़ी इच्छा है कि एक बार बेटे से वीडियो कॉल पर बात हो सके।
पीड़ित परिवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्रालय (MEA), विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील की है। परिवार का कहना है कि भारतीय दूतावास और संबंधित अधिकारियों के माध्यम से कानूनी सहायता उपलब्ध कराकर यश राज की सुरक्षित भारत वापसी सुनिश्चित की जाए।
वहीं, स्थानीय लोगों ने भी इस मामले को गंभीरता से उठाते हुए अधिक से अधिक लोगों से इसे साझा करने की अपील की है, ताकि मामला केंद्र सरकार और संबंधित अधिकारियों तक पहुँचे और यश राज की जल्द रिहाई का मार्ग प्रशस्त हो सके.
(नोट: यह समाचार पीड़ित परिवार द्वारा साझा की गई जानकारी पर आधारित है। संबंधित भारतीय अथवा चीनी अधिकारियों की ओर से इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त होना शेष है।)
#Yash #JusticeForYashRaj
“I want to see my father’s face… please remove the cloth, sir.”
Clinging inconsolably to the coffin, young Arshan wept alongside his brother Abhishek, pleading for one last look at their dad.
R. Rajesh, a 37-year-old national throwball player and rescue instructor, swam into the roaring Karyankode River to save a trapped farmer. In an ultimate act of selflessness, he surrendered his own life jacket to secure the man's survival. The farmer made it to safety, but Rajesh was swept away by the lethal undercurrents—giving his life so another could live.
Pranamam Rajesh 💐
Om Shanthi
देखकर न चलने का नतीजा, अभी मौत से मुलाकात हो जाती।
अरे अस्पताल आए हो तो चारों तरफ नजरें रहनी चाहिए, पता नहीं किस अधिकारी ने कितना खा रखा हो।
📍 राजस्थान
आज 22430 PTK–Delhi Express में अमृतसर से नई दिल्ली की यात्रा के दौरान ₹40 की Maaza ₹50 में और ₹14 MRP का नकली/लोकल पानी ₹20 में बेचा जा रहा था। मैंने इसका वीडियो बनाकर शिकायत की तो वेंडर भागकर अपने मैनेजर के पास गया। इसके बाद जालंधर से पहले हटाया जा चुका पूर्व मैनेजर ट्रेन में चढ़ा (मेरी जानकारी के अनुसार बिना टिकट) और कुछ लोगों के साथ मिलकर लगातार मेरा पीछा करने लगा।
उसने मेरे ऊपर झूठे आरोप लगाकर यात्रियों को भड़काया कि मैंने उसकी पत्नी का नंबर फेसबुक से निकालकर गाली दी है। इसके बाद लुधियाना में मुझे जबरन ट्रेन से उतारने और हमला करने की कोशिश की गई, जबकि मेरा टिकट नई दिल्ली तक था।
अगर उस समय यात्रियों ने बीच-बचाव करके मुझे नहीं बचाया होता, तो मेरे साथ गंभीर या जानलेवा घटना हो सकती थी। अपनी सुरक्षा के लिए मुझे सरहिंद स्टेशन पर यात्रा बीच में छोड़नी पड़ी, वहां से बस द्वारा अंबाला और फिर दूसरी ट्रेन से नई दिल्ली पहुँचा।
मैं इस पूरे मामले की CCTV, ट्रेन स्टाफ की जानकारी और उपलब्ध वीडियो के आधार पर निष्पक्ष जांच तथा संबंधित वेंडर, पूर्व मैनेजर और शामिल सभी लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग करता हूँ। मुझे अब भी अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा है।
@IRCTCofficial@RailMinIndia@RailwaySeva@RailwayNorthern@RPF_INDIA
#IndianRailways #RailMadad #PassengerSafety #Overcharging #IRCTC
क्या गज़ब हराम... मौजहबी गंदगी है 🚨
उत्तराखण्ड में. मोहम्मद नसीम इन बाइक्स और स्कूटी के सीट कवर्स को ब्लेड से काट रहा है....
पता है क्यों... क्यों कि सामने उसकी पंचर और सीट कवर की दुकान है ✍️
ये शैतानों से भी बदतर हैं.. और कुछ लोग इन्हे इंसान समझने की भूल करते हैं 🚨
एक रिपोर्ट देखी कि @CMOfficeUP ने विज्ञापनों पर किए खर्च में भारत सरकार को पीछे छोड़ दिया है, वहीं दूसरी ओर 24 दिन में 84 जगह सड़कों के टूटने की रिपोर्ट है। कहा जा रहा है कि निर्माता कंपनी भाजपा राज्यसभा सांसद के भाई की है।
यह दुर्भाग्य ही है कि जिन लोगों पर UPA2 ना हो जाने की आशा थी, वो इसी राह पर निकल रहे हैं। इसको कैसे डिफेंड किया जाए? एक सिंक-होल बनता है तो हम कह सकते हैं कि वर्षा में भूमि कहीं-कहीं खिसकती है, सामान्य है, पर हर नए एक्सप्रेसवे, हाई वे में आए दिन ऐसी समस्याएँ?
कैसे करें डिफेंड? गडकरी जी को भी मोदी जी छाती से चिपकाए वैसे ही घूम रहे हैं, जैसे प्रधान को लिए घूम रहे थे। जो लोग आलोचना करते हैं उन पर कुत्ते छोड़े जाते हैं इनकी कैंपेन बनाने वाली कंपनियों के माध्यम से।
PR से पब्लिक परसेप्शन नहीं बदलने वाला। अब भ्रष्टाचार की परतें उखड़ने लगी हैं, 'कीप काम एंड ट्रस्ट मोदी' के चक्कर में हज़ारों करोड़ के ढाँचे टूट रहे हैं क्योंकि वहाँ टेंडर के टर्म्स ऐसे किए जा रहे हैं कि एक ही कंपनी को मिले। कोएम्प्ट एडुटेक और CBSE OSM उसका बढ़िया उदाहरण था।
उसमे भी 'सिल्वर टच' का नाम आया था जिसे भाजपा के करीब माना जाता है। यह मोदी जी के व्यक्तिगत फेवरेट मंत्री जी के भी काफ़ी निकट के लोग हैं। इस कंपनी का एक काम सोशल मीडिया ट्रोलिंग भी है।
पर जो होता है, अच्छे के लिए ही होता है। मैं नहीं कहता, गीता में लिखा है।