7 साल पहले।
मेरे एक दोस्त के NEET में 510 और दूसरे दोस्त के 388 नंबर आए थे।
पहले वाले का एडमिशन नहीं हुआ, लेकिन जिस दोस्त के 388 नंबर आए थे, उसे MBBS में एडमिशन मिल गया। आज वही दोस्त सोशल मीडिया पर लिख रहा है कि "एजुकेशन सिस्टम" गलत है।
@PMOIndia@narendramodi@myogiadityanath
@SupriyaShrinate 13 सितंबर 2008, 27 सितंबर 2008, 29 सितम्बर 2008, 30 अक्टूबर 2008, 26 नवंबर 2008, 13 जुलाई 2011, 21 फरवरी 2013, 24 जून 2013 इतने आंतकवादी हमले के बाद गजनी क्यों बन गए थे?
इंदिरा जी यह सब आंतकवादी हमलों के बाद याद आई होती तो आज ये आलम न देखना पड़ता!
@SupriyaShrinate आज जिन-जिन को इंदिरा जी याद आ रही हैं, वो 15 अगस्त 2004, 2 अक्टूबर 2004, 5 जुलाई 2005, 28 जुलाई 2005, 29 अक्टूबर 2005, 7 मार्च 2006, 11 जुलाई 2006, 8 सितम्बर 2006, 18 फरवरी 2007, 18 मई 2007, 25 अगस्त 2007, 11 अक्टूबर 2007, 24 नवंबर 2007, 1 जनवरी 2008, 13 मई 2008, 26 जुलाई 2008,
@nehafolksinger जहां विपक्ष अन्य राजनैतिक दल देश के साथ खड़े हैं.वही इसके पोस्ट देखकर यही लगता हैं की ये मानसिक दीवालिया हैं या फिर देश की गद्दार.और जहां मिले ऐसे गद्दारों का इलाज जनता को ही करना पड़ेगा.सरकार इस समय बाहर के दुश्मनों से लड़ रही हैं ऐसे गद्दारों से देश की जनता को तैयार रहना होगा
@RahulGandhi Biggest #LateralEntry in the civil services:
Manmohan Singh.
Montek Singh Ahluwalia.
Raghuram Rajan.
IG Patel.
Nandan Nilekani.
ALL BY CONGRESS.
Will Rahul Gandhi explain why his party deprived SC, ST and others by inducting these experts?
Did they damage the nation?
राजनीतिक विचारधारा अपनी जगह है... लेकिन आज से सौ-दो सौ साल बाद पीढ़ियां
जब उज्जैन, काशी, अयोध्या जैसी तीर्थनगरी से गुजरेंगी तो एक बार मोदी को जरूर याद करेंगी...
कि था कोई मतवाला जिसने राजनीति से परे अपनी संस्कृति, अपने सभ्यता पर जोर दिया था..!
उगते हुए सूरज और दौड़ते हुए घोड़े का चित्र लगा लेने से सफलता नही मिलती
जबकि
सफल होने के लिये
सूर्य से पहले जागना पड़ता है
और
पूरे दिन घोड़े की तरह दौड़ना पड़ता है!
एक समय देश में तमाम नेता लोग नारा लगाते थे .......
टाटा बिरला की जागीर नहीं यह देश हमारा है
बस आज नाम बदल गया
अंबानी अडानी हो गया
लेकिन आज तक किसी भी राजनीतिक पार्टी ने Amazon, नेस्ले , युनिलीवर ,कोका कोला , पेप्सी , जॉनसन एंड जॉनसन , फाइजर जैसी लुटेरी विदेशी कंपनियों के खिलाफ