@bhupeshbaghel अनियमित कर्मचारियों के लिए इतनी उदासीनता किसलिए ?.दाऊ जी
2019 में मांगी गई जानकारी 2022 तक आपको नही मिल सका है,इसकी जिम्मेदारी कब तय होगी ? इस लेटलतीफी के कौन जिम्मेदार है ? आप या आपके कोई अधिकारी |आपसे ऐसी उम्मीद कभी नही थी |🙏🙏🙏
@bhupeshbaghel मात्र 2500 की संख्या है हमारी पूरे छ.ग. में।
बिजली का कार्य अत्यधिक खतरनाक है।
सुबह काम में निकलते ही ऐसा प्रतीत होता है की शाम में घर वापसी हो पायेगी की नही?
लेकिन परिवार के खातिर करना ही पड़ता है 😭😭😭🙏🙏
कृपया जल्द ही नियमित करें
@bhupeshbaghel हमारा भी परिवार है काका श्री।
संविदा में रह के हम उनका भरण पोषण करने में असमर्थ है।
खास कर बिजली के काम में।
पता नही कब क्या हो जाए।
अगर आप में थोड़ी सी भी इंसानियत बची है तो आप हम विद्युत संविदा कर्मचारियों को तत्काल नियमित करें
@bhupeshbaghel अनियमित कर्मचारियों का भी परिवार है,दाऊ जी |
अनियमित कर्मचारी कब तक अपने परिवार के सामने मायूस चेहरा लेकर जाते रहेंगे |
इस अनियमितता कि गुलामी से आजादी कब?
@ChhattisgarhCMO आदरणीय कका अनियमित कर्मचारियों को भी आप न्याय दिला दीजिए |
आज छत्तीसगढ़ में यदि कोई सबसे शोषित और पीड़ित है,क्योंकि कुप्रथाओं के कारण गुलामी की जीवन जीने मजबूर है,
इसलिए कुप्रथाओं से मुक्ति एवं नियमितीकरण की सौगात देकर गुलामी से मुक्ति दिलाइए |
तभी तो कहेगे,कका अभी जिदा हे |
अनियमित कर्मचारियों को भी अनियमितता से आजादी दिला दीजिये,दाऊ जी |
और कितने दिन अनियमितता रुपी गुलामी का दंश झेलना पडेगा |
आपने स्वयं सडक लेकर सदन तक अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण करने की बात कबूल की है,फिर देरी क्यों ?
छत्तीसगढ़ में अब अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ना भी मुख्यमंत्री @bhupeshbaghel की नज़रों में सौदेबाज़ी हो गई है। हैरत है कि प्रदेश आज कांग्रेसी कुशासन से अव्यवस्थित है, और भूपेश जी को हिमाचल चुनाव की चिंता है, जहां कांग्रेस का बंटाधार तय है।
पूरा छत्तीसगढ़ के युवा भाई विधुत विभाग के आउटसोर्सिंग कर्मचारी आपसे प्रश्न पूछ रहे हैं साहब जवाब तो दो कब मिलेगा न्याय 2023 में रण में आप बाहर निकल जाओग उसके बाद ?@bhupeshbaghel