सरेआम भविष्य की नीलामी।
Paper Leak Rate Card:
* NEET - ₹40 लाख
* IIT-JEE - ₹15 लाख
* उत्तराखंड पटवारी - ₹15 लाख
* बिहार शिक्षक भर्ती - ₹10 लाख
* ओडिशा पुलिस भर्ती - ₹25 लाख
जिसके पास पैसा है, वो मेन्यू से पेपर चुन लेता है। और जो सिर्फ़ मेहनत करता है वो अपना सपना खो देता है।
152 पेपर लीक, 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित और सज़ा? एक को भी नहीं। यही इस माफ़िया की असली ताक़त है - बच्चों का भविष्य बेचो, पैसा कमाओ और बेख़ौफ़ घूमो।
मोदी जी, देश का हर छात्र आपसे यही पूछ रहा है - यह गिरोह किसकी शह पर इतना बेख़ौफ़ है?
@Sog_Rajasthan केस छिपाने के लिए बनी हैं या जांच के लिए?
@BhajanlalBjp जी, आपकी छवि धूमिल कर रहे हैं sog में बैठे लोग, जनता में गुस्सा बढ़ रहा हैं यकीन न हो तो निकाय चुनाव में देख लेना
राजस्थान सरकार @RajGovOfficial द्वारा पेपर लीक की जांच के लिए गठित SIT @Sog_Rajasthan की कनिष्ठ अभियंता पुन: परीक्षा 2020 प्रकरण संख्या 03/2026 की जांच के बीच सार्वजनिक निर्माण विभाग में बैठे मुख्य पेपर लीक लाभार्थियों/बेईमानों ( JEn & AEn ) के द्वारा दावे किये जा रहे हैं कि उन्होंने अपना नाम निकलवा लिया है। यह बैकडोर चल रहा खेल पारदर्शी जांच प्रक्रिया व सरकार की मंशा पर कड़े प्रश्न चिन्ह खड़े कर रहा है क्योंकि जिन बेईमानों ने एक नहीं दो दो बार पेपर पढ़ा है उनको बरी किया जा रहा है।
इस पूरे स्कैम के विभिन्न पहलुओं को लेकर हम सभी अभियांत्रिकी युवा 19/07/2026, रविवार को जयपुर में बैठकर मंथन करेंगे। मेरा सभी विभागों में कार्यरत कनिष्ठ तकनीकी सहायक, कनिष्ठ अभियंता, सहायक अभियन्ता व आगामी भर्ती की तैयारी में जुटे समस्त अभियंतागणों से निवेदन हैं कि आप सभी 19/07/2026 को जयपुर पधारें ताकि हम इन बेईमानों को काले कारनामों को उजागर करने की दिशा में कुछ रणनीति पर विचार कर सकें।
हम एक बार पुनः @Sog_Rajasthan के अधिकारियों से निवेदन हैं कि उक्त प्रकरण की जांच के लिए नियुक्त जांच अधिकारी महावीर सिंह (Add. SP ) को तुरंत प्रभाव से हटाकर किसी सक्षम अधिकारी को नियुक्त पर जांच प्रक्रिया आगे बढ़ायी जाये।
@BhajanlalBjp@RajCMO@AjayLamba_IPS@8PMnoCM@TheTribhuvan@Viveksbarmeri@arvindchotia
@Razz3lxi@arvindchotia अपनी जाति के लोग होने चाहिए, मूर्ख भी बन जाए
वक्ता कभी जरूरी नहीं रहा
पूरे राजस्थान में मैक्सिमम 1,2 कैस को छोड़कर सभी नेता जाति आधारित ही हैं
@bharatindianx@AshokMeghwal_ मेरे क्षेत्र में मीणा नहीं हैं
मुझे ईमान•से पता नहीं हैं
केस की बात ऐसी हैं कि इसके पीछे कई रीजन हैं
थानों में लोग मामला दबा देते हैं
लड़ाई का डर
कहते हैं शुरू से ऐसा होता आया हैं
मानसिकता भी ऐसी ही बन गई हैं कि लोग भेदभाव करेंगे ही,ऊंची जाति हैं
इसके बावजूद भी केस होते है