@ANINewsUP Pot is calling kettle black😄
BJP is full of black 🐖s
Yogi is not even worth shit of AK
AK was an IRS Officer
Whereas Yogi is just random street G@@ndu 🐖
And ANI is that gutter worm, which always enjoy comfort in the assholes of these BJ🐖s 24 X 7
😄😄
@ARanganathan72
Only Rahul Gandhi will lift up Sinking India under onslaught of Modi - Saha on constitution, economy and democracy of India . He is a seafarer Par excellence,would have steer clear of any danger.
@INCIndia
People can see through attempts to impose a single set of dietary beliefs through state institutions. Food is a matter of personal choice, cultural diversity, and individual freedom—not government prescription. Most concerning of all, children are being made the subjects of this social experiment.
This agenda of Hindutvaisation must stop 🛑
@SuvenduWB@myogiadityanath@BhajanlalBjp@DrMohanYadav51@VHPDigital
अंडा प्रोटीन से भरपूर और आसानी से मिलने वाला खाद्य पदार्थ है। भारत में बड़ी संख्या में बच्चे कुपोषण का शिकार हैं। सरकार को लोगों की सेहत सुधारने के लिए कदम उठाने चाहिए, क्योंकि यही उनकी ज़िम्मेदारी है।
People can see through attempts to impose a single set of dietary beliefs through state institutions. Food is a matter of personal choice, cultural diversity, and individual freedom—not government prescription. Most concerning of all, children are being made the subjects of this social experiment.
This agenda of Hindutvaisation must stop 🛑
यह खबर चौंकाती है कि चंपत राय और अनिल मिश्रा ने रामजन्मभूमि ट्रस्ट से इस्तीफा दे दिया है लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया गया है। फिलहाल उन्हें पद पर बने रहने को कहकर विहिप, बीजेपी और RSS इस पर मन्त्रणा कर रहे हैं।
इस बात की जानकारी है कि सीएम योगी आदित्यनाथ ट्रस्ट को भंग करने के पक्ष में है लेकिन बीजेपी की टॉप लीडरशिप इसे नहीं मान रही है। लीडरशिप का मानना है कि अगर इस्तीफा स्वीकार किया गया तो आगामी चुनाव में नुकसान हो सकता है।
एक चर्चा यह भी है कि राम मंदिर के चंदे का इस्तेमाल भगवा पार्टी ने चुनावों में भी किया है हांलांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।
650 crore scam in Rekha Gupta Govt with in first 16 months of their Govt.
And this is just one department. Imagine what’s happening in other departments.
@myogiadityanath दिल्ली इकलौती सरकार थी जिसका बजट सरप्लस था, जबकि बाकी सभी राज्यों पर भारी कर्ज़ है। यहाँ कई कल्याणकारी योजनाएँ भी चलाई गईं। केजरीवाल गरीबों और मध्यम वर्ग के मसीहा साबित हुए। महिलाओं के लिए मुफ़्त बस सेवा, खाली पदों को भरना, मुफ़्त बिजली वगैरह
@ArvindKejriwal@BJP4UP
@myogiadityanath केजरीवाल के शासनकाल में दिल्ली ने शिक्षा, स्वास्थ्य (मोहल्ला क्लिनिक), जनता कैंटीन, बुनियादी ढांचे (बीजेपी की तुलना में 50% बजट में), महिला सुरक्षा और कई अन्य कल्याणकारी उपायों के मामले में काफी तरक्की की है। इससे बहुत कुछ सीखा जा सकता है।
@ArvindKejriwal@yadavakhilesh@BJP4UP
@mukeshbudharwi It was a slip of tongue . The name of another bjp leader Son was surfaced in Pannama papers . The information was true but by mistake he wrongly attributed to Shivaraj Singh son. He is magnimanous enough to regret it unlike Modi ji who hardly speak truth .
@MediaHarshVT
Dear Dharmendra Uncle,
@dpradhanbjp
Happy Birthday. You turn 57 today. We couldn't even reach half your age.
Yours,
Late Ritik Mishra
Late Anshika Pandey
Late Bhagyashree
Late Umesh Mali
Late Riya Kumari Thapa
Late Anukeerthana
Late Rima Begum
Late Siddharth Hegde
Late Pradeep Meghwal
Late Shivani Yadav
Late Renu Meena
Late Akansha
Late Kahan Patel
Late Maithili Sonwane
👉Govt says your passport “not a document of citizenship”
▪️But 4 government documents.
▪️Two ministries - Home and MEA.
▪️All live on https://t.co/kvYgi94vwv portals right now contradict the government's statement.
• Home Ministry's OCI portal accepts the passport - ALONE - as “evidence of being a citizen of India.” The same portal says “Indian Passport is given only to an Indian citizen.”
• MEA's own passport application makes you swear under oath that you are a citizen of India before issuing the passport. Lying on it is a criminal offence.
• MEA's own Passport Manual calls the passport “evidence of the citizenship status of an individual.”
• And the Citizenship Rules, 2009 call a passport “conclusive proof of citizenship.
@theprobeindia@premasridevi delve deep to dismantle Modi govt’s claim on the passport not being proof of citizenship.
https://t.co/Q1VWuZ42l6
यूपीए-वन का दौर था. नटवर सिंह विदेश मंत्री. उनके बेटे जगत सिंह पर ईराक में चलाये जा रहे 'फूड फॉर ऑयल' प्रोग्राम में भ्रष्टाचार के आरोप लगे. मनमोहन सिंह ने उन्हें निकाल कर मंत्रिमंडल से बाहर फेंक दिया. इसके बाद नटवर सिंह का पॉलिटिकल कैरियर खत्म हो गया.
पवन बंसल रेल मंत्री थे. उनके भतीजे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे. कांग्रेस लीडरशिप ने इस्तीफा लेने में देर नहीं की. पवन बंसल भी इसके बाद हाशिये पर चले गये.
कोयला घोटाले का मुद्दा गरम था. अश्विनी कुमार कानून मंत्री थे. उन पर सीबीआई की जांच को प्रभावित करने का आरोप लगा. कांग्रेस जबकि सत्ता में थी लेकिन कोई रियायत नहीं दी गई. अश्वनी कुमार को इस्तीफा देना पड़ा.
कारगिल युद्द में शहीद हुए सैनिकों और उनके परिवारों के लिये मुंबई में आदर्श सोसाइटी बनाई गई. अशोक चाह्वाण महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे. आरोप लगे कि फ्लैट आवंटन में घोटाला हुआ. कांग्रेस ने सिर्फ चाह्वाण का इस्तीफा नहीं लिया बल्कि उनके खिलाफ सीबीआई जांच भी करवाई.
अशोक चाह्वाण कोई छोटे-मोटे नेता नहीं थे. महाराष्ट्र जैसे बडे़ और अहम राज्य के मुख्यमंत्री थे. अपनी ही पार्टी के मुख्यमंत्री के खिलाफ सीबीआई जांच कराने का दुस्साहस मनमोहन सिंह जैसा प्रधानमंत्री और कांग्रेस जैसा राजनीतिक दल ही कर सकता है.
यहां उन मंत्रियों के नाम नहीं लिख रहा हूं जिनको .यूपीए के दौर में किसी घोटाले में नाम आने की वजह से इस्तीफा देना पड़ा था. सिर्फ उनका जिक्र कर रहा हूं जिनको conflict of interest की वजह से मंत्री पद गंवाना पड़ा. इसके बाद इन सबका पॉलिटिकल कैरियर लगभग खत्म हो गया.
मोदी कैबिनेट का लगभग हर मंत्री भ्रष्टाचार में डूबा हुआ है. बड़े मंत्री तो conflict of interest को मूतकर नाली में बहा रहे हैं. लेकिन प्रधानमंत्री के अंदर इतनी नैतिक शक्ति नहीं है कि अपने मंत्रियों का इस्तीफा ले लें. भारतीय जनता पार्टी का तो कहना ही क्या. उसके माथे पर तो शिकन भी नहीं आ रही.
#vishvadeepak
CHINA का एजुकेशन बजट : $800B
INDIA🇮🇳 का एजुकेशन बजट : $12B
"और हम विश्वगुरु बनना चाहते हैं, वो मुमकिन नहीं है क्योंकि 80 करोड़ लोग अभी भी 5 किलो फ्री राशन ले रहे हैं" 😭
Abhinay Sir ने लाखों स्टूडेंट्स के सामने BJP सरकार की पोल खोल दी 🔥
-ये भी तो आपातकाल है-
आतंक का साया गहराया,
जन मन में डर समाया।
राहु-केतु संविधान पर बैठे,
आज़ादी के कान उमेठे।
लोकतंत्र की बिगड़ी चाल
सद्भाव का टूटा सुर-ताल।
झुकी रीढ़ और नत है भाल
फिर भी कहते देश खुशहाल।
ये भी तो आपातकाल है।
बुल्डोज़र-राज की देखो झाँकी,
इंसाफ़ कहाँ रह गया बाक़ी?
कहीं न कोई सुनवाई है,
हर आवाज़ दबाई है।
मीडिया पर पहरा भारी,
सच की साँस हुई दुश्वारी।
झूठ गूँज रहा दरबारों में,
न्याय फँसा इनकारों में।
मुश्किल में अब हर सवाल है,
साज़िशों का फैला जाल है।
ये भी तो आपातकाल है।
जनता को ख़ामोश करो,
झूठे वादों का जोश भरो।
जो सवाल करे, वो गद्दार,
जो सच बोले, वो गुनहगार।
जेलों में भर दो मतभेद,
भाटों से लिखवाओ नए वेद।
असहमति पर ताला डालो,
लोकलाज को छीलो-छालो।
राजा को बस यही ख़याल है,
उसको न कोई मलाल है।
लोकतंत्र बना फुटबाल है।
ये भी तो आपातकाल है।
न रोज़ी-रोटी, न रोज़गार है,
बोले तो लाठियों की मार है।
तिजोरी भर रही सेठों की,
मित्र हो रहे मालामाल हैं।
किसानों और मजूरों का,
हर दिन और बुरा हाल है।
उनकी थाली में छप्पन भोग,
अपना तो बस खाली थाल है।
राजा को इससे क्या मतलब
उसके गाल तो लाल-लाल हैं
ये भी तो आपातकाल है।
विचारों पर बंदिश भारी
रातों-रात होती गिरफ़्तारी
होंठ सीं दिए, जुबाँ पर ताले
ऐसे हैं ये आज़ादी के रखवाले
डर के साये में जीना सीखो,
सच को झूठ कहना सीखो।
कानून भूला अपनी चाल है
अदालतों का भी यही हाल है
कैसा यह लोकतंत्र विशाल है,
जहाँ आम आदमी बदहाल है?
ये भी तो आपातकाल है।
जब सत्ता सत्य बन जाए,
और प्रश्न असभ्य हो जाए,
जब अधिकार कुचले जाएँ,
और झूठ के नगाड़े बजाए जाएँ,
जब डर शासन की ढाल हो,
जब ज़ुल्म-ओ-सितम का माहौल हो
तब समझो आपातकाल है
ये भी तो आपातकाल है।
-मुकेश कुमार