मध्य प्रदेश के ग्वालियर में भिंड निवासी 15 वर्षीय दलित नाबालिग बेटी को बेचने, उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करने, हत्या करने तथा सबूत मिटाने के लिए शव को जलाने की घटना अत्यंत भयावह एवं दण्डनीय है। यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है, बल्कि समाज की संवेदनाओं को भी झकझोर देने वाली है।
28 मई से लापता बच्ची का शव 1 जून को बरामद हुआ, जिसके बाद पुलिस ने समाज के लोगों की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार कराया।
परिजनों के अनुसार 28 मई को ही नामजद शिकायत दर्ज कराए जाने के बावजूद पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की।
मुख्यमंत्री @DrMohan Yadav51 जी, यह केवल अपराधियों की क्रूरता का ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का भी गंभीर मामला है, जिसकी निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर दोषियों तथा लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
हमारी संवेदनाएँ शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। प्रकृति उन्हें इस असीम दुःख को सहने की शक्ति दे।
हम @MP_MyGov से मांग करते हैं कि:-
1. इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।
2. इस जघन्य अपराध में शामिल सभी दोषियों को कठोरतम सजा दिलाई जाए।
3. अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत प्रभावी कार्रवाई की जाए।
4. पुलिस की लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाए।
5. पीड़ित परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता, सुरक्षा एवं निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए।
6. मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराकर शीघ्र न्याय सुनिश्चित किया जाए।
@CMMadhyaPradesh
आज ‘व्यवस्था परिवर्तन दिवस’ पर प्रारंभ हो रही सत्ता परिवर्तन यात्रा से घबराकर मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी के इशारे पर मुझे मेरे धामपुर स्थित आवास पर पुलिस द्वारा डिटेन किए जाने का निंदनीय एवं अलोकतांत्रिक कृत्य होने के उपरांत, पुलिस-प्रशासन से वार्ता के बाद मैंने यात्रा शुरू करने से पहले जिला बिजनौर स्थित संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के गुरूघर पहुंचकर गुरु महाराज जी को नमन किया।
इतने सबके बाद भी बिजनौर की सड़कों पर उमड़े जनसैलाब ने साबित कर दिया कि परिवर्तन की यह लड़ाई अब जन-जन की आवाज़ बन चुकी है और कोई भी दमन या बाधा इस जनसंकल्प को रोक नहीं सकती।
आभार बिजनौर, एक बार पुनः आभार नगीना।
#ASP_K_Mission2027 #सत्तापरिवर्तनयात्रा
#UPMaangeChandraShekharAzad #ASPK
#AzadSamajParty #bhimarmy #SattaParivartanYatra
भर्ती परीक्षाओं में लगातार हो रही धांधली, पेपर लीक, भ्रष्टाचार और युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ के खिलाफ 29 मई को प्रयागराज में हुए छात्रों-छात्राओं के आंदोलन के बाद संस्थानों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई बेहद चिंताजनक और निंदनीय है।
संस्थानों पर सरकार की यह दमनकारी कार्यवाही अगर जल्द वापस नही ली गई तो इसके खिलाफ जल्द ही बड़ा आंदोलन प्रयागराज या लखनऊ में किया जाएगा। अध्यापक साथी अपने आप को अकेला ना समझे, भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) हर प्रकार के अन्याय के खिलाफ मजबूती से खड़ी है।
#Prayagraj #StudentProtest #PaperLeak
झारखंड के सिमडेगा जिले में बहन जेबा परवीन की हत्या अत्यंत दुखद, निंदनीय और चिंताजनक घटना है, जो महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े करती है।
परिजनों के अनुसार, 16 मई 2026 को आरोपी घर में घुसा और जेबा परवीन के सिर में गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस गंभीर घटना के इतने दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
हमारी संवेदनाएँ शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। प्रकृति उन्हें इस असीम दुःख को सहने की शक्ति दे।
@JharkhandCMO से हमारी मांग है कि इस मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाए, आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जाएं।
@HemantSorenJMM
जम्मू-कश्मीर में वन अधिकार अधिनियम (FRA), 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग को लेकर जम्मू से श्रीनगर तक मार्च कर रहे हमारे साथियों की गिरफ्तारी अत्यंत चिंताजनक और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है। यह कार्रवाई उन लोगों की आवाज़ दबाने का प्रयास प्रतीत होती है, जो संविधान और कानून के दायरे में रहकर अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं।
आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट रज्जत रमित जी, भीम आर्मी परवासी विंग के अध्यक्ष बलराम अहीरवार जी तथा आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के सचिव सुरिंदर अत्री जी को जम्मू पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर बाग-ए-बहू पुलिस स्टेशन में रखा जाना न केवल निंदनीय है, बल्कि जनजातीय समुदायों की समस्याओं के प्रति सरकार की असंवेदनशीलता को भी उजागर करता है।
ये सभी साथी एसटी समुदाय, विशेष रूप से गुज्जर-बकरवाल समाज के लोगों के साथ मिलकर वन अधिकार अधिनियम के पूर्ण क्रियान्वयन और वनभूमि पर पीढ़ियों से निवास कर रहे समुदायों के अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर मुख्यमंत्री @OmarAbdullah जी से मिलना चाहते थे। लेकिन संवाद के बजाय गिरफ्तारी का रास्ता चुनना बेहद चिन्ताजनक है।
जब वन अधिकार अधिनियम स्वयं जनजातीय एवं परंपरागत वनवासी समुदायों को भूमि, आवास, आजीविका और सामुदायिक संसाधनों पर अधिकार प्रदान करता है, तब उन्हीं अधिकारों की मांग करने वालों को अपराधियों की तरह देखना न्यायसंगत नहीं ठहराया जा सकता।
हम @CM_JnK से मांग करते हैं कि हमारे सभी साथियों को तत्काल रिहा किया जाए तथा जनजातीय समुदायों की न्यायसंगत मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई की जाए। अन्यथा आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम), भीम आर्मी और सामाजिक न्याय में विश्वास रखने वाले संगठन पूरे प्रदेश में व्यापक लोकतांत्रिक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
IIT-JEE Advanced 2026 में सफलता प्राप्त करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए मंगलकामनाएँ।
जो विद्यार्थी इस बार सफल नहीं हो सके, उनसे कहना चाहता हूँ कि एक परीक्षा आपकी क्षमता, प्रतिभा और भविष्य का अंतिम निर्णय नहीं करती। निराश होने के बजाय नए संकल्प के साथ आगे बढ़िए, क्योंकि मेहनत और लगन का कोई विकल्प नहीं होता।
हमारा मानना है कि प्रतिभा को अवसर मिलना चाहिए। इसलिए उत्तर प्रदेश में हमारी सरकार आने पर IIT में चयनित प्रदेश के प्रत्येक छात्र-छात्रा की पढ़ाई मात्र 1 रुपये में कराई जाएगी, ताकि आर्थिक अभाव किसी भी मेधावी विद्यार्थी के सपनों के आड़े न आए।
मेहनत आपकी, जिम्मेदारी हमारी।
#ASP_K_Mission2027
10 विधानसभा मार्ग, लखनऊ स्थित बोधिसत्व बाबा साहेब डॉ. बी.आर. आंबेडकर महासभा एवं अस्थि कलश स्थल को यथास्थिति बनाए रखने तथा संरक्षित किए जाने के संबंध में माननीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी को पत्र लिखा।
@UPGovt@CMOfficeUP
मेरे बहुजन समाज के स्वाभिमानी भाइयों और बहनों,
4 जून से शुरू होने वाली ‘सत्ता परिवर्तन यात्रा’ के प्रचार-प्रसार के लिए हमें और इस यात्रा को आपकी आवश्यकता पड़ेगी।
इस यात्रा से जुड़ने के लिए हमारे What's app चैनल से जुड़ें, स्कैन करें, और प्रचार में मदद करे।
मथुरा जनपद के थाना हाईवे क्षेत्र के गांव नरहोली में दो जाटव भाइयों की बारात चढ़ने के दौरान जातंकवादियों द्वारा जातिसूचक गालियाँ देना, हमला करना और पथराव करना बेहद शर्मनाक, कायराना और संविधान पर सीधा हमला है।
आज भी दलित समाज यदि सम्मान के साथ बारात निकालना चाहता है, तो जातंकवादी उसे बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। यह घटना बताती है कि उत्तर प्रदेश में दलितों के संवैधानिक अधिकारों को खुलेआम कुचलने की कोशिश की जा रही है।
लेकिन उससे भी अधिक निंदनीय और खतरनाक बात यह है कि घटना के बाद पुलिस ने पीड़ित परिवारों को ही निशाना बनाया। शादी के पंडाल में घुसकर बारातियों, महिलाओं और परिवार के लोगों को पीटना, तथा पुरुष पुलिस कर्मियों द्वारा महिलाओं को लाठी मारना न केवल कानून का दुरुपयोग है, बल्कि यह सत्ता के संरक्षण में दलित उत्पीड़न का जीवंत उदाहरण है।
भीम आर्मी–आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की मथुरा टीम घटना के तुरंत बाद से ही पीड़ित परिवारों के साथ डटकर खड़ी है।
@UPGovt से हमारी मांगें हैं :-
• हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी हो।
• सभी आरोपियों पर SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम की सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए।
• पीड़ित परिवारों को सरकारी सुरक्षा, आर्थिक सहायता और न्याय दिया जाए।
• शादी के पंडाल में घुसकर मारपीट करने वाले पुलिस कर्मियों को तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।
• महिलाओं पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो।
@CMOfficeUP@myogiadityanath
उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ती बिजली कटौती एवं जनजीवन पर पड़ रहे गंभीर प्रभाव के संबंध में माननीय ऊर्जा मंत्री @aksharmaBharat जी को पत्र लिखा।
@UPGovt@UPPCLLKO
उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माने जाने वाले एनएचएम संविदा कर्मचारी पिछले दो माह से मानदेय न मिलने के कारण आर्थिक और मानसिक संकट से जूझ रहे हैं। संविदा चिकित्सक, एएनएम, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, पैरामेडिकल व मैनेजमेंट स्टाफ दिन-रात जनता की सेवा में लगे रहते हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन उनकी मेहनत का सम्मान करने में लगातार विफल साबित हो रहे हैं।
मार्च और अप्रैल 2026 का लंबित मानदेय न मिलने से कर्मचारियों के सामने बच्चों की फीस, किताबें, घर-परिवार और दैनिक जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है। यह बेहद चिंताजनक है कि जो कर्मचारी स्वास्थ्य व्यवस्था को संभाल रहे हैं, वही अपने परिवार का पालन-पोषण करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
@UPGovt से हमारी मांग है कि कर्मचारियों की जायज मांगों को तत्काल पूरा करते हुए लंबित मानदेय का शीघ्र भुगतान किया जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों और कर्मचारियों को न्याय मिल सके।
हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि हमारी सरकार आने पर संविदा व्यवस्था को समाप्त कर कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा। विभिन्न विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को स्थायी किया जाएगा तथा उन्हें न्यूनतम 25,000 रुपये मासिक वेतन सुनिश्चित किया जाएगा।
@nhm_up@brajeshpathakup
#ASP_K_Mission2027
आज दवा व्यापारियों द्वारा ऑनलाइन ई-फार्मेसी और ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ की जा रही बंदी और आंदोलन एक गंभीर विषय है।
हमारा मानना है कि दवा जैसी आवश्यक सेवा के क्षेत्र में पारदर्शी और सख्त नियमन अत्यंत आवश्यक है।ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बिना उचित नियंत्रण के दवाओं की उपलब्धता, मूल्य निर्धारण में अनियमितता तथा छोटे मेडिकल स्टोरों पर बढ़ता दबाव एक वास्तविक चिंता का विषय है, जिस पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी भी आंदोलन या बंदी के कारण आम मरीजों को दवा और उपचार में कोई कठिनाई न हो। आपातकालीन सेवाएं और अस्पताल क्षेत्रों में दवाओं की उपलब्धता हर स्थिति में बनी रहनी चाहिए।
@MoHFW_INDIA से आग्रह है कि वह दवा व्यापारियों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों और संबंधित नियामक संस्थाओं के साथ व्यापक संवाद कर ऐसी नीति तैयार करे, जो जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के साथ-साथ छोटे व्यापारियों के हितों की भी रक्षा करे।
@mygovindia@JPNadda
जिला कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र के झखरा संभरपुर गांव में 16 वर्षीय दलित किशोर शिवम कोरी और उसके पिता के साथ हुई बर्बरता कोई 5000 साल पुरानी घटना नहीं, बल्कि सिर्फ 13 दिन पहले, 2 मई की रात 9 बजे घटी एक सच्चाई है जो आज भी हमारे समाज के माथे पर कलंक बनकर खड़ी है।
मजदूरी और खेती कर किसी तरह अपने परिवार का पालन-पोषण करने वाले पिता-पुत्र खेत में काम कर रहे थे। तभी प्यास से बेहाल बेटे ने पिता के कहने पर सरकारी हैंडपंप पर रखे बाल्टी-लोटे से पानी पी लिया। बस इतनी सी बात पर जातंकवादियों ने उसे जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हुए गालियां दीं और कहा कि “नीच जाति ने बाल्टी छूकर धर्म भ्रष्ट कर दिया है।” इसके बाद जो हुआ, वह इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला है- उसे मुर्गा बनाया गया, निर्वस्त्र किया गया, जूतों से बेरहमी से पीटा गया, जूते में थूक कर चटवाया गया और उसी जूते में पानी भरकर पिलाया गया। इतनी क्रूरता की गई कि उसकी पसलियां तक तोड़ दी गईं।
यह घटना साफ दिखाती है कि आज भी दलित समाज को इंसान नहीं समझा जा रहा है और अपराधियों के मन में कानून का कोई डर नहीं है।
@UPGovt से हमारी मांग है:- इस अमानवीय कृत्य के सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए, SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत कड़ी धाराएं लगाई जाएं और पीड़ित परिवार को सुरक्षा तथा समुचित मुआवजा दिया जाए।
@CMOfficeUP@myogiadityanath
मेरठ के रोहटा थाना क्षेत्र के गांव उकसिया के जंगल में ईख के खेत में बीए तृतीय वर्ष की 21 वर्षीय दलित छात्रा ललिता गौतम (निवासी-गांव थिरोट) का क्षत-विक्षत शव, जिसका चेहरा और एक हाथ बुरी तरह झुलसा हुआ था, मिलना अत्यंत दुखद है और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
ललिता दो दिन पहले आरजी कॉलेज में परीक्षा देने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने कुछ युवकों पर अपहरण की आशंका जताते हुए थाना टीपीनगर में तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बजाय केवल गुमशुदगी दर्ज की। यह लापरवाही आज एक बेटी की जान पर भारी पड़ी।
परिजनों का यह भी कहना है कि ललिता का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की गई। यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई होती, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, जब एक दलित परिवार की शिकायत पर समय रहते FIR तक दर्ज नहीं होती, तो क्या इसी तरह उत्तर प्रदेश में SC/ST पर अत्याचार में कमी के दावे किए जा रहे हैं?
हमारी संवेदनाएँ शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। प्रकृति उन्हें इस असीम दुःख को सहने की शक्ति दे।
@UPGovt से मांगें:- सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी,दुष्कर्म व SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत सख्त धाराएं लगाई जाएं, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई, लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई,
पीड़ित परिवार को सुरक्षा व मुआवजा।
मालवाहक वाहनों पर लगने वाला भारी टोल शुल्क आज ट्रांसपोर्ट सेक्टर के लिए एक बड़ा आर्थिक बोझ बन चुका है। डीजल, पेट्रोल और सीएनजी की कीमतों में वृद्धि ने ट्रांसपोर्टरों की कमर तोड़ दी है।
यदि सरकार ने समय रहते टोल शुल्क में छुट नहीं दी, तो माल भाड़े में वृद्धि अवश्यंभावी है। इसका सीधा प्रभाव आम जनता पर पड़ेगा और महंगाई और अधिक तेज़ी से बढ़ेगी, जिससे आम लोगों का जीवन और कठिन हो जाएगा।
इसलिए @MORTHIndia को चाहिए कि महंगाई पर नियंत्रण और परिवहन क्षेत्र को राहत देने के लिए मालवाहक वाहनों के टोल शुल्क में तत्काल छूट देने का ठोस और प्रभावी निर्णय ले।
@mygovindia@nitin_gadkari
उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय (1.0–1.2 लाख रुपये) आज भी राष्ट्रीय औसत (2.0–2.2 लाख रुपये) से लगभग आधी है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वैश्विक संकट का हवाला देकर पूरे देश में एक समान वृद्धि की गई है।
जब प्रति व्यक्ति आय में इतना बड़ा अंतर है, तो फिर ईंधन पर बोझ एक जैसा कैसे न्यायसंगत हो सकता है? जिनकी आय कम है, उन पर वैश्विक संकट से उत्पन्न महंगाई का असर कई गुना अधिक पड़ता है। मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, यह ‘बीमारू राज्य’ उत्तर प्रदेश की सम्मानित जनता के साथ सीधा आर्थिक अन्याय है।
वैश्विक संकट के दौरान पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों के मद्देनज़र राज्य सरकार का यह दायित्व बनता है कि वह अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए VAT में कटौती कर जनता को राहत दे।
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि पेट्रोल और डीजल पर राज्य VAT में तत्काल और प्रभावी कटौती की जाए।
फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद स्थित नगला बिलौटिया गांव में बीएससी छात्र अतिन कुमार जाटव की मृत्यु अत्यंत दुखद ,चिंताजनक और झकझोर देने वाली घटना है।
16 मई को अतिन को जाति पूछकर बेरहमी से पीटा गया, सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया और मानसिक रूप से इस कदर प्रताड़ित किया गया कि उसने 17 मई को आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया। सुसाइड नोट में जिस पीड़ा, बेइज्जती और अन्याय का जिक्र है, वह पूरे समाज और प्रशासन के सामने गंभीर सवाल खड़े करता है।
एक गरीब दलित परिवार का इकलौता बेटा, जो पढ़ाई के साथ अपने दिव्यांग माता-पिता और छोटी बहन का सहारा था, आज इस दुनिया में नहीं है। यह केवल एक आत्महत्या नहीं, बल्कि सामाजिक भेदभाव, जातीय मानसिकता और अमानवीय व्यवहार का भयावह परिणाम प्रतीत होता है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, इस घटना में अब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी न होना आपके प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
हमारी संवेदनाएँ शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। प्रकृति उन्हें इस असीम दुःख को सहने की शक्ति दे।
हम @UPGovt से माँग करते हैं कि:- सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी हो।मामले में SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम की कठोर धाराओं के तहत कार्रवाई की जाए।सुसाइड नोट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष व त्वरित जांच हो।पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता, सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित किया जाए।
भीम आर्मी–आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की फिरोजाबाद की टीम घटना के बाद से ही पीड़ितों के साथ मौजूद है।
त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव है और ग्राम प्रधान जनता के सबसे निकट चुने हुए प्रतिनिधि होते हैं। ऐसे में जब पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त होने जा रहा है और उत्तर प्रदेश सरकार समय पर चुनाव कराने में असमर्थ है, तो यह स्थिति गंभीर चिंता का विषय है ,जो न केवल संवैधानिक दायित्वों के पालन पर प्रश्न उठाती है, बल्कि मुख्यमंत्री @myogiadityanath के नेतृत्व वाली एनडीए की ‘डबल इंजन’ सरकार की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि प्रशासक नियुक्त करने की व्यवस्था कानून में मौजूद है, लेकिन इसका उपयोग केवल अंतिम विकल्प के रूप में ही किया जाना चाहिए। हालाँकि, भाजपा की डबल इंजन सरकार की मंशा शुरू से ही प्रशासक नियुक्त करने की रही है, जिससे अपने समर्थित व्यक्तियों को प्रशासक के रूप में नियुक्त कर लोकतंत्र के तीसरे स्तर पर अप्रत्यक्ष नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
इस संबंध में, त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के संवैधानिक आरक्षण को अनुच्छेद 243D(6) के अनुसार शीघ्र सुनिश्चित किए जाने हेतु, मेरे द्वारा 6 फ़रवरी को माननीय पंचायती राज मंत्री @oprajbhar जी को पत्र भी लिखा गया था, क्योंकि पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा था।
ऐसे में @UPGovt से हमारी मांग है कि त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था के निर्वाचित प्रतिनिधियों को ही प्रशासक बनाया जाए, ताकि गांवों में विकास कार्यों की निरंतरता बनी रहे और जनता का जनादेश सम्मानित हो।
@myogiadityanath