They thought, "Shuru tumne kiya hai, Khatam hum karenge" and they went out to sell the Anti-Reservation movement.
Man, that only happens in movies.
Yeh shuru humne kiya hai, aur khatam bhi hum hi karenge.
भारत में सबसे मजबूत लॉबी है IAS, ये इतना प्रभाव रखते थे कि अनुच्छेद 314 केवल इनकी अकड़ को बनाए रखने हेतु संविधान में जोड़ा गया था।
इंदिरा ने 1972 में ये अनुच्छेद उड़ा दिया। उन्होंने crpc के माध्यम से बाबू लोग का जज वाला पावर भी छीन लिया।
इस लॉबी की तुलना में आरक्षण क्या है?
मेरे प्रिय GC साथियो,
2018 में ScSt एक्ट के विरोध में हुए हमारे मजबूत आंदोलन को BJP ने इसी तरह कमजोर किया था।
ठाकुर देवकीनन्दन जी को आगे कर के पूरा आंदोलन हाईजैक करवाया था।
इसलिए इस भाजपा की चाल को समझो।
आंदोलन कर के देवकीनंदन जी अंडर ग्राउंड हो गए थे और उसके बाद कभी मुंह नहीं खुला।
पुराने साथी जानते होंगे।
सवर्णों की तरफ से बैटिंग करते हुए मैंने इनकी फुल टॉस बॉलिंग पर दो शतक जड़े हैं ...
1 - सुदामा कोटे के जवाब में गंगू तेली कोटा
और
2 - मुखपुत्र के जवाब में पादपुत्र
जैसे शब्दों की खोज कर सवर्णों को भेंट किए हैं ...
जब से ये शब्द दिए हैं तब से विपक्ष के हमले बहुत कम हो गए हैं ...
अब ये क्रिमिनल लोग सुदामा कोटा या मुखपुत्र लिखने से पहले जरा सोच लेते हैं ... कि इनका बाप आगे बैठा है ...वो पलट कर इनको इनकी भाषा में जवाब देगा ...
वैचारिक मतभेद अलग बात है पर गाली का जवाब गाली से ही दिया जाएगा नंगों ...
10% ब्राह्मण है देश मे,
और 10% ब्राह्मण मे मात्र 1-2% ऐसे ब्राह्मण होंगे जिन्हे आरक्षण का जरुरत नहीं है,
लेकिन बाकि के 8% ब्राह्मण का इस्थिति जमीनी स्तर पे दलित से भी बुरा है,
और यही हाल है सारे सवर्ण का है देश मे,
इसलिए सरकार को इसपे विचार करना चाहिए और जो गरीब सवर्ण है उनको भी आरक्षण मिलना चाहिए,
ताकि देश के हर वर्ग का विकास हो सके,
और भाजपा यह डर न बेचे कि आरक्षण को हाथ लगाया गया तो करोड़ों आरक्षित लोग देश जला देंगे।
दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी सेना है हमारे पास। जिसदिन असामाजिक तत्व देश जलाने आएँगे उसदिन अरबों के रक्षा बजट का सदुपयोग करे सरकार। देश का कचड़ा ही साफ होगा।
क्षत्रिय समाज की अगुआई में पोषित, समर्थित,सामान्य वर्ग के संयुक्त आंदोलन का इकलौता ठेकेदार इस चौमू को किसने बनाया?इसके इस याचना पत्र से इस आंदोलन का अथवा क्षत्रिय समाज का कोई लेना देना नहीं!
उसके साथ बंद कमरे में हुई किसी भी deal का हम समर्थन नहीं करते!
#गद्दार
आरक्षण आज सिर्फ चंद जातियों की जागीर बनकर रह गया है!
आरक्षण में सुधार की मांग SC, ST, OBC वर्ग की वंचित जातियाँ भी कर रहीं हैं, लेकिन अफसोस कि उनकी आवाज को दबा दिया जाता है!
हमारे साथ वाल्मीकि, मातंग, भील समाज के लोग भी जुड़े हैं!
अनुरोध है कि SC, ST, OBC समाज के अन्य लोग, जो वर्तमान आरक्षण व्यवस्था में बदलाव चाहते हैं, वो भी हमारे साथ जुडें!
हम आपकी आवाज भी आगे तक लेकर जाएंगे🙏
The entire Reservation Reform Protest has been so eye opening for all of General Category citizens. That absolutely no party, no politician no one cares about us. We are no one’s vote bank. Everyone takes us for granted. We are on our own!
करणी सेना प्रमुख सिर्फ एक है बाकी सब दुकाने है
सबसे पुरानी इकाई का संगठन, समाज का भरोसा
राजस्थान में उसका जन्म 2006 में हुआ
लोकेंद्र सिंह कालवी उसके संस्थापक और वर्तमान उसके प्रमुख महिपाल सिंह मकराना
जो राजस्थान में UGC ROLLBACK के लिए संघर्ष कर उनकी पदयात्रा से बड़ा आंदोलन खड़ा किया ताकत के साथ,और उसका प्रकोप अब पुरे देश में फैल गया है
वर्तमान में हरियाणा राज्य में पदयात्रा कर रहें है ताकत के साथ जनसमर्थन जुटा रहें है
पुरे देश में सवर्णो को जागरूक कर रहें है
करणी सेना प्रमुख 👉 @mahipalmakrana_
ये तो शुरुआत है ...
जिस दिन पुराने अंदाज में आ गया न सवर्ण समाज ताप से जल जाओगे सब के सब, वो तो चुप हैं क्योंकि देश में उपद्रव नहीं होने देना चाहते हैं और वो गर्मी आज भी बच्चा बच्चा के खून में है....
ये जो पावर और सत्ता का खेल खेल रहे हो वो भी सवर्ण समाज का देना है, और भाजपा जो आज 2 सीट से 300+ पर बैठा है वो भी सवर्ण समाज का ही देन है तो मजबूर मत करो....
धन्यवाद अजीत भाई @ajeetbharti@AjeetBhartii