रजनीगंधा विवाद में सच की जीत!
आदर्श व्यापार मंडल के संघर्ष के बाद एसीपी जांच में चौकी इंचार्ज की भूमिका सामने आई, लाइन हाजिर हुए। क्लीन चिट देने वालों पर भी होगी कार्रवाई❓
क्या कमिश्नरेट में शोर मचाने पर ही न्याय मिलता है❓ @aajtak@ANI@kanpurnagarpol@Uppolice@dgpup@UPGovt
It appears that complaints filed against the police are not being given the expected consideration through Twitter (X). @kanpurnagarpol@Uppolice@UPGovt
दुकान बंद कराने का कहीं जिक्र किया गया हो तो कृपया सार्वजनिक करें आडियो क्लिप 2 दिन में जांच पूर्ण करा कर अग्रिम कार्यवाही हेतु आश्वासन दिया गया था थाना महाराजपुर में वो भी ठंडे बस्ते में डाल दी गई अभी तक किसी भी अधिकारी ने अपनी जांच रिपोर्ट तक नहीं दी ना पीड़ित से बयान/मुलाकात
*एक बुजुर्ग व्यापारी के आँसू बता रहे हैं कि सम्मान पर लगी चोट कितनी गहरी है।*
*"रहिमन हाय गरीब की, कबहुँ निष्फल जाय।मुए ढोर के चाम से, लोहा भस्म होय॥"*
@aajtak@ANI@kanpurnagarpol@News18UP@Uppolice@dgpup
@kanpurnagarpol@aajtak@News18UP@Uppolice@dgpup@myogiadityanath@CMOfficeUP "शिकायत देर रात दुकान खुली होने की नहीं, बल्कि वर्दी के दुरुपयोग, गाली-गलौज और बुजुर्ग व्यापारी के अपमान की है। यदि आरोप असत्य हैं तो निष्पक्ष जांच कराकर सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक की जाए। सत्य सामने आ जाएगा। व्यापारी समाज निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग करता है।"
रजनीगंधा मसाला देने में मामूली देरी पर 70 वर्षीय बुजुर्ग दुकानदार का अपमान
महाराजपुर के पुरवामीर स्थित बाबा जलपान गृह के प्रो रामशरण सिंह के साथ चौकी प्रभारी द्वारा अभद्रता व गाली-गलौज का मामला CCTV फुटेज मौजूद @UPTakOfficial@aajtak@kanpurnagarpol@dgpup@Uppolice@ANI
रजनीगंधा मसाला देने में मामूली देरी पर 70 वर्षीय बुजुर्ग दुकानदार का अपमान
महाराजपुर के पुरवामीर स्थित बाबा जलपान गृह के प्रो रामशरण सिंह के साथ चौकी प्रभारी द्वारा अभद्रता व गाली-गलौज का मामला CCTV फुटेज मौजूद @UPTakOfficial@aajtak@kanpurnagarpol@dgpup@Uppolice@ANI
कृष्णा नगर एवं एचएएल सबस्टेशन क्षेत्र में 33 केवी लाइन के केबल बॉक्स की खराबी से सुबह से बिजली आपूर्ति ठप है। पूरा दिन केवल फॉल्ट खोजने में निकल गया, जबकि उपभोक्ता भीषण गर्मी में बेहाल रहे।
जब जनता समय पर बिल जमा कर रही है, स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं और विभाग का राजस्व लगातार बढ़ रहा है, तब भी ऐसी बदहाल व्यवस्था स्वीकार्य नहीं है। हर कुछ दिनों में होने वाले फॉल्ट यह साबित करते हैं कि रखरखाव और तकनीकी प्रबंधन गंभीर लापरवाही का शिकार है। 24 घंटे बिजली देने के दावे किए जाते हैं, लेकिन लोगों को 15 घंटे भी निर्बाध आपूर्ति नहीं मिल पा रही। आखिर उपभोक्ता बेहतर सेवा की उम्मीद किससे करें? जनता को राहत नहीं, केवल आश्वासन मिल रहे हैं।