"NEET पेपर लीक का कारण ब्राह्मण हैं"
-ये कहकर "जय भीम, जय भीम" का नारा लगाकर, नीला गमछा गले में लपेटकर, आंदोलन करते प्रदर्शनकारी!
ऐसे हो रहा है छात्रों का समर्थन!!
> NEET Paper leaks
> Messed up CBSE results
> Brought UGC Regulations
> Turned campuses into battlegrounds
> Minus 40 marks cutoff for NEET PG
> Caste conferences in IITs
> Thousands of students protested
Forget resignation - not even a word of apology from him !
26 के उम्र के बाद पढ़ाई लिखाई में रुचि नहीं रह जाती। किताबें बोझ लगती है और ये जीवन नर्क महसूस होता है। इस उम्र तक जो नौकरी पा लिया या अच्छा कॉलेज पा लिया वो ठीक है, इसके बाद समाज और परिवार का दवाब आये या न आए, लेकिन अंदर अंतरात्मा से आवाजें आना अवश्य शुरू हो जाती है कि कब तक ये अनिश्चितताओं के खेल जैसी नौकरी या इसकी तैयारी के पीछे पड़े रहोगे। कब तक खुद को छलोगे। अकेले रह कर परीक्षाओं के लिए क्या मिला? जीवन में आज एक व्यक्ति नहीं है जिस से एक रुपये की मदद ले सकूं, एक खास मित्र नहीं जिस से कुछ सच में खुल कर साझा कर सकूं। जीवन कितना अजीब हो गया है। अब तो कुछ लिखने में भी अजीब लगता है, सोचता हूं जो पढ़ेगा वो गाली ही देगा और मन ही मन चुटिया बोलकर हँस देगा।
देखता हूं क्या कर सकता हूं। जीवन में सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक हर मुद्दों पर अंधेरा ही छाया है। कभी कभी लगता है काश पैसों का जखीरा होता तो पढ़ना नहीं पड़ता, इतना बेवजह अवसाद नहीं आता, किसी को कुछ प्रूफ करने का दवाब नहीं रहता। पर सच तो यही है कि जो अकेला है, वो जीवन भर अकेला ही रहेगा जब तक उसे मनपसंद की चीजें न मिल जाए।
महिलाओं को नीचा दिखाना अब सोशल मीडिया ट्रेंड बन गया है जिससे आपको तुरंत लाइक्स मिलते है, लेकिन ये सिर्फ़ महिलाओं का विरोध करने वालों की निचले स्तर की सोच को ही दिखाता है ✍🏻
वक्त तय है, जगह तय है, घटना तय है, घटित होना तय है। जितना बेहतर आप खो रहे है, उस से बेहतर आपको मिलेगा।
क्रोध आये तो खुद से लड़ो,मनुष्य से नहीं। मुसीबत आये तो समय से लड़ो खुद से नहीं। तुम स्वयं के लिए इतने पर्याप्त हो कि तुम्हारे समस्त घाव तुम स्वयं ही भर सकते हो पार्थ।
So a national-level exam #NEET gets leaked and millions of students suffered.
The gvernment just moves on like nothing happened.
There are no suspensions, no resignations, nothing?
Is this some kind of joke?
It's funny that the armed forces have to hire Agniveers and schools & colleges have to hire temps because we can't give pension, no money saar, but we can totally recruit 300 extra MPs and pay for bungalows, security, pension, health, etcetc.