लौट आई आज नरक से
व्यवस्था भी देख आई
किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं
नर्क में अब जगह बची नहीं
लोग नर्क की दीवारों पर लटके है
जितनी मर्जी पुण्य करो या पाप
अब यही सब को रहना है ...
#UpdateFromHell
मुझे औरत की अँगुलियों के बारे में पता है
ये अंगुलियाँ समुद्र की लहरों से निकलकर आती हैं
और एक थके-माँदे पस्त आदमी को
हरे-भरे गाते दरख़्त में बदल देती हैं
(चंद्रकांत देवताले)