"मप्र में CHO से ANM का कार्य जैसे टीकाकरण करवाया जा रहा है, जिससे CHO की OPD सेवा और PBI जैसे मुख्य कार्य प्रभावित हो रहे हैं। जब हर काम CHO ही करेगा तो अपनी जिम्मेदारी कब निभाएगा?
लगातार अतिरिक्त कार्यभार और अन्य स्टाफ के कार्य हम पर डाल देना अन्यायपूर्ण है।
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इंदौर ज़िले के ठीकरी स्वास्थ्य केन्द्र में भ्रष्टाचार से संबंधित एक और मामला
लगातार बढ़ती ही भ्रष्टाचारी को देखते हुए सरकार को सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों का PBI वेतन में ज़ोड देना चाहिए
इस तरह की घटनाएँ लगातार देखने को मिल रही है प्रशासन को ध्यान देना चाहिए लेकिन फिर भी हमारी प्रशासन मौन बैठी हुई है।
कभी कभी यह लगता है कि सरकार ही भ्रष्टाचारी को बढ़ावा दे रही है
केंद्र सरकार के द्वारा पत्र में कहा गया था कि सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के वेतन का 37 प्रतिशत भाग इंसेंटिव के रूप में दिया जा रहा है और यह भी कहा था कि यदि राज्य सरकार चाहे तो इसे एक मुश्त राशि भी दे सकती है फिर भी आज तक कभी ऐसा कुछ नहीं किया गया और 9 महीने 8 महीने महीने राशि को रोके रखा जाता है और निकालने के एवज़ में भारी रक़म माँग ली जाती है और यह सिलसिला लगातार पिछले छह वर्षों से चल रहा है फिर भी हम और हमारी प्रशासन मौन है @MoHFW_INDIA@narendramodi@DrMohanYadav51@mygovindia@healthminmp@AnupriyaSPatel@JPNadda@officer_cho
सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी को नियमित किया जाना चाहिए 6 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं केंद्र सरकार अपनी गाइडलाइन का पालन करें , भारत के 1,78,000 CHO यही चाहते हैं ।
हम सभी यही निवेदन कर रहे हैं।
आपके द्वारा दिए गए पत्रों का भी धरातल पर पालन होना चाहिए लागू होना चाहिए
अन्यथा न कोई भी कर्मचारी अपनी ही सरकार पर भरोसा नहीं कर पाएगा।@PMOIndia@MoHFW_INDIA@JPNadda@AnupriyaSPatel@CMMadhyaPradesh@CMOMaharashtra
ग्राम पंचायत आंक्य ब्लॉक बड़वाह जिला खरगोन में आयुष्मान कार्ड नेटवर्क की समस्या होने के कारण CHO के द्वारा लोगो के घरों की छतों पर जा जाकर कार्ड बनाए गए @PROJSKhargone@CollecterK@AyushmanNHA@MoHFW_INDIA
महोदय जी पहले आप सीएचओ के बारे में पूरा डिटियल निकालिये फिर बोलिए। सीएचओ के पास आज इतना काम थोप दिया है कि वह सेंटर पर बैठ ही नहीं सकती और उसके पास सेंटर के अलावा अदर और भी गाँव आते है और वहां भी जाना पड़ता है। पहले पूरी जानकारी लीजिये फिर सवाल कीजिये।
#CHOsInAP సార్,https://t.co/Ss1DMNIrR7 Nursing అంటే గ్లోబల్ డిగ్రీ మీకు నచ్చితే గొప్పగా జర్మనీ కి పంపిస్తారు.ఇక్కడ ఏళ్ల తరబడి పనిచేస్తున్న వారికి న్యాయం చేయండిఅంటే 12 వేలు లాంటి డైలాగ్స్ మా మనసులు నొచ్చుకునే విధంగా మాట్లాడతారు.కనీసం ఈ ప్రభుత్వం లో అయినా రెగ్యులర్ నర్సింగ్ ఉంటుందా
*मुख्य चिकित्सा अधिकारी ऑफिस कि महिला क्लर्क 4 हजार रिश्वत लेते लोकायुक्त के शिकंजे में* *सूचना अधिकार की जानकारी देने मांग रही थी घूस* जबलपुर।
आवेदक-राकेश कुमार विश्वकर्मा ग्रीन सिटी रोड, गोल्डन टाऊन, माढ़ोताल जबलपुर
आरोपिया-श्रीमती विनीता विलियम पद सहायक ग्रेड-3, प्रभारी RTI शाखा, कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जबलपुर
घटना 6 मई
घटनास्थल-कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला चिकित्सालय जबलपुर परिसर
रिश्वत राशि- ₹ 4,000/-
विवरण =आवेदक द्वारा पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त जबलपुर को शिकायत की कि आवेदक मानव अधिकार एवं जन सूचना अधिकार संघ भारत संगठन में प्रदेश अध्यक्ष के पद पर नियुक्त है जिसके द्वारा जनहित के कार्य किए जाते हैं, सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला जबलपुर कार्यालय में सूचना के अधिकार के तहत आवेदन पत्र प्रस्तुत किया था एवं मांगी गई जानकारी देने के एवज में श्रीमती विनीता विलियम,द्वारा ₹5000 रिश्वत की मांग की जा रही है, शिकायत सत्यापन उपरांत आज रिश्वत राशि ₹ 4 हजार लेते हुए रंगे हाथों पकड़ी गई तथा आरोपिया के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम1988 (संशोधन)2018 की धारा-7, 13(1)B, 13(2) के अंतर्गत कार्यवाही की जा रही है । *ट्रेप दल में पुलिस अधीक्षक श्रीमती नीतू त्रिपाठी, इंस्पेक्टर नरेश बेहरा, इंस्पेक्टर कमल सिंह उईके, इंस्पेक्टर शशिकला मस्कुले एवम् लोकायुक्त जबलपुर का दल था*।@CMMadhyaPradesh
भारत सरकार ने ग्रामों में CHO को इसलिए पदस्थ किया की लोगों को पहले जो स्वास्थ सुविधा का लाभ नही मिलता था वो लोगो के प्राप्त हो पर आधिकारी सरकार की मंशा को पूरा नहीं होने देंगे और वो CHO को डरा धमका कर उनसे ANM का कार्य करवाया जा रहा है और नही करने पर सैलरी तक रोकी जा रही है