Love you maa❤️
जहां सुमति तंहा संपत्ति नाना। जहां कुमति तहां विपत्ति बिताना
कर्म प्रधान विश्व रची राखा। जो जस करही सो तस फल चाखा।।
जय श्री राम जय श्री राम🙏🚩🚩
कुछ लोग प्रेम के लिए बने ही नहीं होते, वे जब तिरस्कृत हो जाते हैं उन सभी से जिनसे वे प्रेम चुनते है तो चल निकलते हैं एकांत में सबसे दूर किसी शांत सी जगह जहां वे अतीत से कुछ दूरी बना पाएं पर प्रेम से कहां कोई भाग सका है अंततः घुटते रहते हैं यादों में...!!!
अच्छा सुनो...
मेरे लिए एक ऐसी मुलाकात मुकर्रर करो, जहाँ वक्त को भी हमसे इजाजत लेनी पड़े। जहाँ न तुम्हें कहीं जाने की जल्दी हो, न मुझे तुमसे बिछड़ने की बेकरारी हो। जहाँ घड़ी की सुइयां भी थम जाएं और ये सारी दुनिया कुछ देर के लिए हमें भूल जाए।
बस तुम हो, मैं हूँ, और हमारे बीच फैली हुई एक खामोश शाम हो।
तुम मुझे अपने आगोश में ले लो और हम बैठ कर कुछ मेरी, कुछ अपनी बात करें। वो सारी बातें जो हम भीड़ में कभी कह नहीं पाए, जो लफ्ज़ होंठों तक आकर हर बार लौट गए, आज उन्हें बेफिक्र होकर कह दें। तुम अपनी थकान मुझे दे दो, मैं अपनी सारी मुस्कुराहटें तुम्हारे नाम कर दूँ।
कुछ देर के लिए इस दुनियादारी को, इन रस्मों को, इन उलझनों को भूल जाओ न। क्यों इतने उलझे उलझे रहते हो तुम? तुम्हारे माथे पर ये जो शिकन है, इसे आज मेरी उंगलियों से मिट जाने दो। कुछ तो बोलो, अपने दिल की कोई बात करो, जो सिर्फ मेरी हो।
और अगर तुम्हारा मन खामोश रहने का है, तो खामोश ही रहो। तुम्हारी खामोशी भी मुझे तुम्हारी बातों से ज्यादा प्यारी लगती है। बस यूँ आँखों ही आँखों में सवाल मत करो। तुम्हारी आँखों में देख कर मैं सारे जवाब भूल जाती हूँ, और तुम्हारी वो गहरी आँखें मेरी बेचैनियाँ और बढ़ा देती हैं, जिन्हें मैं संभाल नहीं पाती।✨❤️
#રાધાસ્વરા
#बज़्म
सुनो जाना…
हाँ, तुम ही। कई बार मैंने तुम्हें कहा है, कई बार जताया है कि तुम मेरे लिए कितनी अहम हो,फिर भी हर बार लगता है कि शब्द छोटे पड़ गए।जैसे मैं तुम्हारे प्यार को समेट तो पाया,पर पूरा बयान नहीं कर पाया क्योंकि जो मैं महसूस करता हूँ, वह शब्दों से कहीं बड़ा है।
तुम्हारी आँखें झील जैसी हैं .. गहरी, शांत और इतनी खूबसूरत कि उनमें डूबने को जी करता है।जब तुम देखती हो, तो लगता है पूरी दुनिया ठहर गई हो।
तुम्हारा मुस्कुराता चेहरा वह जगह है जहाँ मैं उम्र भर रहना चाहता हूँ; बस तुम्हें देखता रहूँ और जीता रहूँ।
तुम्हारे होंठ मखमली हैं, नाजुक और प्यारे बिल्कुल तुम्हारी तरह; जब तुम हँसती हो, तो लगता है केतकी के फूल झर रहे हों और तुम्हारे गालों की वह हल्की लाली… हाए, जी करता है उन्हें अपने हाथों में थामे रखूँ, जैसे कोई अनमोल खजाना हो जिसे खोने का डर भी न रहे।
मैं हमेशा तुम्हारी रेशमी जुल्फों की छाँव में खोया रहना चाहता हूँ।तुम्हें अपनी बाहों की गिरफ्त में रखना चाहता हूँ.. न ज्यादा कसकर, बस इतना कि तुम्हें लगे कि तुम सुरक्षित हो, और मैं पूरा तुम्हारा हूँ।
और जानती हो, सबसे खूबसूरत तो तुम्हारा दिल है। उसी दिल में तुमने मुझे पनाह दी है; वहीं मैं हर पल धड़कता हूँ।तुम्हारी सूरत खूबसूरत है, पर तुम्हारी सीरत उससे भी कहीं ज्यादा; उसी पर मैं पूरी तरह कायल हूँ।
शायद मेरे शब्द कम हैं, पर मेरी चाहत नहीं। मेरी आँखों में देख लेना, वहाँ मेरा इश्क लिखा है, गहरा और सच्चा;बस अब तुम हो और मैं तुम्हारा हूँ।✨❤️
#રાધાસ્વરા
#बज़्म
पुरुष की ख़ूबसूरती 🤍
पुरुष की ख़ूबसूरती पता है क्या है?
उसका चेहरा नहीं, उसकी मर्यादा है
उसकी आँखों में झलकता सम्मान
और उसके व्यवहार में दिखती शालीनता है
जो अपनी ताक़त का प्रदर्शन नहीं करता
बल्कि अपनी ज़िम्मेदारी निभाता है
जो किसी स्त्री को पाने की नहीं
उसकी इज़्ज़त करने की चाह रखता है
जो प्रेम में अधिकार नहीं
साथ निभाने का वादा रखता है
जो नाराज़गी में भी शब्दों की सीमा जानता है
और रिश्तों में अपनी मर्यादा रखता है
जो स्त्री की आज़ादी से डरता नहीं
बल्कि उसके सपनों को उड़ान देता है
जो उसे अपने बराबर खड़ा देखकर
अपने होने पर गर्व करता है…🌸❤️
तेरा हाथ प्रिये, मेरा भाग्य-लेख,
इस प्रगाढ़ प्रेम का दृश्य देख।
चंचल लहरों सा मन मेरा,
हो गया मग्न, तेरी प्रीत देख।
— प्रिय तुम्हारी चूड़ियों की हर खनक, मेरे अंतर्मन में अनुराग की वर्षा करती है। ❤️💫
तुम्हारे बाद मैं ऐसा ही हूं जैसे पतझड़ के बाद पेड़ पर कोई पत्ता ही न बचे,और फिर हवा चाहे आए या जाए उस सूखे तने को अब मौसमों के बदलने से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता,मैं भी उसी सूखे तने की तरह खड़ा हूँ,जिंदा तो हूँ, पर मुझमें अब खिलने की गुंजाइश ख़त्म हो चुकी है...
बाहुपाश में बंधी तुम्हारी हरी चूड़ियाँ और साड़ी का यह पारंपरिक श्रृंगार अंतःकरण को मुग्ध कर रहा है।
मर्यादा की पावन परिधि में तुम्हारा निश्छल समर्पण मेरे जीवन का सबसे पावन उत्सव बन चुका है।
— सुनो प्रिय, तुम्हारी इस पावन समीपता में मेरा संपूर्ण अस्तित्व कृतार्थ हो गया है।...❤️💫
जब सब कुछ तुम्हारे एक निर्णय पर निर्भर था, तो फिर ये "अनंत पीड़ा" का मेरे हिस्से ही क्यों रही ? क्यों तुम्हारे एक क्षणिक निर्णय ने मेरे हिस्से में एक दीर्घ "विरह" लिख दी ? क्यों नियति ने समस्त प्रयासों को तुम्हारे उस एक निर्णय के सम्मुख इतना असहाय कर दिया...
On this auspicious occasion, our heartfelt wish is for happiness to always fill your life, for your dreams to come true, and for the constant presence and support of your loved ones. 🙏
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🌸 Warmest wishes for Raksha Bandhan! 🌸
मुझे अपने “निस्वार्थ प्रेम" पर तब आश्चर्य हुआ, जब मैंने तुम्हारी समस्त विवेचनाओं में स्वयं को निरंतर "पराजित" होते देखा...
अंततः,तुम्हारा प्रत्येक निर्णय हमारे "प्रेम" के विरुद्ध रहा, और मेरा "मौन" सदैव तुम्हारे पक्ष में...