इतना पैसा लूटा गया, बोरा बोरा में भरकर पैसा ले जाया गया। मंदिर निर्माण पूरा हुआ तो श्रद्धालुओं को खिचड़ी खिला दी। चंपत राय अयोध्या के संतों को देखना भी पसंद नहीं करते। ट्रस्ट के सभी लोगों के घर पर बुलडोजर चलना चाहिए।
- महंत जयराम दास वेदांती
बीजेपी ने जमीन घोटाले के खुलासे के बाद जितनी सफाइयाँ दी थीं, इंडियन एक्सप्रेस के इस नए 5 मिनट के वीडियो ने एक-एक करके सबकी पोल खोल दी।
हर दावा... गलत। हर सफाई... बेनकाब।
अब सवाल सिर्फ़ एक है—सच से कब तक भागेंगे?
#घोरकलजुग#IndianExpress#MohanYadav
भाजपा का लंकाकांड, अयोध्या में ही होगा।
आख़िर ‘दानभक्तों’ का मुखौटा उतर ही गया क्योंकि प्रभु की अलौकिक शक्ति ने अपना चमत्कार दिखा ही दिया। अब भाजपाइयों के अहंकार की चमचमाती लंका के साम्राज्य का भी अंत होगा और ‘लंकाधिपति’ का भी।
भाजपा के लिए तो अमृतकाल काल बनकर आया है।
ये सरकार तो कहती थी कि इसके राज में इस्तीफ़े नहीं होते हैं। ‘चढ़ावा-चंदा-दान चोरी’ से आहत जनता कटाक्ष करते हुए कह रही है कि भाजपाई कह रहे हैं कि हमने कहा था कि ‘इस्तीफ़ा’ नहीं होता, हमने इस्तीफ़ा नहीं ‘त्यागपत्र’ दिया है।
दरअसल अभी तो ‘भाजपाई और उनके संगी-साथियों’ के काले कारनामों, करतूतों और कारगुज़ारियों का ये प्रथम अध्याय खुला है। बँटवारे की इस लड़ाई में अब इनकी ‘पार्टी, संघ, सभा, परिषद, वाहिनी और ट्रस्ट की टोली’ एक-दूसरे की पोल खोलेगी, इससे पहले कि ये लोग चोरी के माल से भरा अपना ‘झोला-बोरा’ लेकर इधर-उधर भागें, बार्डर बंद कर दिये जाएं। अभी तो शुरुआत है, अब तो केयर फ़ंड के साथ-साथ अनरजिस्टर्ड लोगों को अपने कुकृत्यों का हिसाब भी देना होगा।
भगवान के ऑडिट से ‘भाजपाई-गिरोह’ बच नहीं पाएगा।
NEET के छात्र कह रहे हैं कि जब इस्तीफ़े शुरू हो गए हैं तो ‘लीकाधिपति’ का भी करवा दीजिए।
#भाजपा_अयोध्या_महापाप
#NEET
#NEET_Reexam
#NEET_लीकाधिपति
यूपीए-वन का दौर था. नटवर सिंह विदेश मंत्री. उनके बेटे जगत सिंह पर ईराक में चलाये जा रहे 'फूड फॉर ऑयल' प्रोग्राम में भ्रष्टाचार के आरोप लगे. मनमोहन सिंह ने उन्हें निकाल कर मंत्रिमंडल से बाहर फेंक दिया. इसके बाद नटवर सिंह का पॉलिटिकल कैरियर खत्म हो गया.
पवन बंसल रेल मंत्री थे. उनके भतीजे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे. कांग्रेस लीडरशिप ने इस्तीफा लेने में देर नहीं की. पवन बंसल भी इसके बाद हाशिये पर चले गये.
कोयला घोटाले का मुद्दा गरम था. अश्विनी कुमार कानून मंत्री थे. उन पर सीबीआई की जांच को प्रभावित करने का आरोप लगा. कांग्रेस जबकि सत्ता में थी लेकिन कोई रियायत नहीं दी गई. अश्वनी कुमार को इस्तीफा देना पड़ा.
कारगिल युद्द में शहीद हुए सैनिकों और उनके परिवारों के लिये मुंबई में आदर्श सोसाइटी बनाई गई. अशोक चाह्वाण महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे. आरोप लगे कि फ्लैट आवंटन में घोटाला हुआ. कांग्रेस ने सिर्फ चाह्वाण का इस्तीफा नहीं लिया बल्कि उनके खिलाफ सीबीआई जांच भी करवाई.
अशोक चाह्वाण कोई छोटे-मोटे नेता नहीं थे. महाराष्ट्र जैसे बडे़ और अहम राज्य के मुख्यमंत्री थे. अपनी ही पार्टी के मुख्यमंत्री के खिलाफ सीबीआई जांच कराने का दुस्साहस मनमोहन सिंह जैसा प्रधानमंत्री और कांग्रेस जैसा राजनीतिक दल ही कर सकता है.
यहां उन मंत्रियों के नाम नहीं लिख रहा हूं जिनको .यूपीए के दौर में किसी घोटाले में नाम आने की वजह से इस्तीफा देना पड़ा था. सिर्फ उनका जिक्र कर रहा हूं जिनको conflict of interest की वजह से मंत्री पद गंवाना पड़ा. इसके बाद इन सबका पॉलिटिकल कैरियर लगभग खत्म हो गया.
मोदी कैबिनेट का लगभग हर मंत्री भ्रष्टाचार में डूबा हुआ है. बड़े मंत्री तो conflict of interest को मूतकर नाली में बहा रहे हैं. लेकिन प्रधानमंत्री के अंदर इतनी नैतिक शक्ति नहीं है कि अपने मंत्रियों का इस्तीफा ले लें. भारतीय जनता पार्टी का तो कहना ही क्या. उसके माथे पर तो शिकन भी नहीं आ रही.
#vishvadeepak
चंपत राय तो सिर्फ नाम है असली चोरी मोदी ने की है,
यह आदमी सिर्फ पैसा कमा रहा है,
पीएम केयर सरकारी ट्रस्ट बनाकर सरकारी कंपनियों से ₹13000 करोड़ रूपया इकट्ठा करके इसने झूठ बोल दिया कि यह तो मेरा प्राइवेट पैसा है,
यह आदमी पैसे का भूखा है,
अदानी का बिजनेस इसका अपना बिजनेस है,
यह जो सारी दुनिया में घूमता है सिर्फ अपना बिजनेस बढ़ाने के लिए जाता है,
यह मंदिर के चढ़ावे से अपनी तिजोरी भर रहा है,
आम जनता को यह सब सच्चाई तब पता चलेगी जब यह कुर्सी से उतर जाएगा,
तब जनता को समझ में आएगा कि उसे कितना मूर्ख बनाया गया था,
जिसे वह महा मानव समझ रहे थे वह तो दो कौड़ी का चोर था…
अयोध्या में करपात्री महाराज ने दान चोरी मामले में कहा 👇
मैं SIT जांच से संतुष्ट नहीं हूं.
मैं CM योगी से कहना चाहता हूं कि इन मगरमच्छों पर सख्त कार्रवाई हो, एक नई FIR दर्ज हो.
इन्हें ट्रस्ट से निकाला जाए और तत्काल अयोध्या छोड़ने के लिए कहा जाए.
अयोध्या
➡चंपत राय ने कोई इस्तीफा नहीं दिया- सूत्र
➡इस्तीफे का अभी कोई अधिकृत एलान नहीं
➡चंपत और मिश्रा के करीबियों ने इस्तीफे की खबर उड़ाई
➡चंपत राय, अनिल मिश्रा का लिखित इस्तीफा अभी नहीं
➡गोपाल राव ने भी कोई लिखित इस्तीफा नहीं दिया
➡चंपत के करीबियों ने इस्तीफे की अफवाह उड़ाई है
➡FIR से बचने के लिए अफवाह उड़ाई
#Ayodhya #RamMandir #UPNews @ChampatRaiVHP@dmayodhya@UPGovt@CMOfficeUP@ShriRamTeerth@ayodhya_police@Adv_Anil_Mishra@Uppolice@LucknowDivision
हमने आज श्री राम मंदिर में रामलला के दर्शन किए और भगवान से प्रार्थना की कि जिन लोगों ने भी श्री राम मंदिर से चढ़ावा चोरी का महापाप किया है, वे उन्हें कठोर से कठोर दंड दें।