IIMC में पढ़ाई के दौरान एक ही सपना था कि किसी प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान से जुड़ जाएं और जबर काम करें. इंटर्नशिप के दौरान ही अमर उजाला जैसे बड़े संस्थान में नौकरी लग गई. अपने बैच में सबसे पहले नौकरी मिली थी.
जितनी ख़ुशी पहली नौकरी मिलने पर हुई थी, पच्चीस साल नौकरी करने के बाद उसे छोड़ने पर तब के मुक़ाबले कई गुना संतोष हो रहा है. लग रहा है कि अब आगे का सफ़र थोड़ा मुश्किल लेकिन सुकून भरा होगा.
उदय प्रकाश जी ने लिखा था
आदमी
मरने के बाद
कुछ नहीं सोचता.
आदमी
मरने के बाद
कुछ नहीं बोलता.
कुछ नहीं सोचने
और कुछ नहीं बोलने पर
आदमी
मर जाता है.
तो अब मरने से पहले मरने से बचने और सोचने, सुनने, बोलने के लिए The Swatantra के नाम से आपका अपना Youtube चैनल शुरू किया है, जिसमें आप सभी का भरपूर साथ चाहिए आपका
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Journalist Vikrant Yadav ने News 18 को अलविदा क्यों कहा? Why Did Vikrant... https://t.co/xtdMXSV9f4 via @YouTube
.@CNNnews18 reporter is asking #Punjab farmers that why do they burn paddy straw, when they are harvesting "wheat" ? She does not know that farmers are harvesting paddy not wheat
Manufacturing fake narrative, with zero knowledge of farming, when Punjab farm fires are down 93%
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16 अगस्त 2011, 107/151 में अन्ना हज़ारे, अरविंद केजरीवाल,मनीष सिसोदिया को हिरासत में लिया गया. SEM के सामने बांड भरने से इनकार कर दिया. जिसके बाद इन्हें दिल्ली के तिहाड़ जेल भेज दिया गया और उसके बाद जो हुआ वो इतिहास में दर्ज हो गया
अब नेहा बोरा ने भी बांड भरने से इनकार कर दिया है
पत्रकारिता के पतन में हमारे देश की मीडिया का स्थान सर्वोपरी रहेगा. खुलकर पूछते हैं, मुसलमानों के वोट के दो हिस्सेदार.
कभी ये नहीं पूछते कि हिंदुओं के दिल में क्या है?
हालांकि हिंदुओं ने BJP को अयोध्या हराकर अपने दिल की बात 2024 में बता दी थी.
This evil man will be punished. There was delay in lodging the official complaint but Delhi Police and Tripura Police will teach him a hard lesson. People who tolerate such wicked behavior in the society are also responsible for the spread of hatred.
कल जयपुर में भी दिल्ली की तरह पर इंडिपेंडेंट जर्नलिस्ट के साथ हाथपाई की गई है । अब सिस्टम बन चुका है डर वाजिब है ।
@ReporterVikrant भाई लगता है मोटभाई ने एक सिस्टम लागू किया है कानून को रक्षा करने वाले गैरकानूनी तरीके आजमा रहे है ।
देश के केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी और एपस्टीन की फ़ोटो पिछले 24 घंटे में देश की सबसे बड़ी ख़बर होनी चाहिए थी
पर नहीं हुई, क्योंकि देश का मेनस्ट्रीम मीडिया बेईमान है और अल्टरनेट मीडिया को बेलगाम साबित करने की कोशिश हो रही है
तो कौन पूछेगा ‘सवाल’, पुरी साहब ये फ़ोटो ग़लत है क्या?