हेल्थ इंश्योरेंस मिडिल क्लास का सबसे बड़ा छलावा बन गया है।
जानकारी मिल रही है कि धीरे-धीरे अस्पताल चुपके-चुपके इंश्योरेंस रहने के बा�� भी कैशलेश सिस्टम बंद कर रहे हैं। पहले इलाज कराएं खुद पेमेंट करें और बाद में बीमा कंपनी देगी। और जब आप इसे लेने जाएंगे तो तारीख पर तारीख। आब्जेक्शन पर ऑबजेक्शन।
और कितने लोग होंगे जो इलाज के समय तुरंत 10-15 लाख निकाल सकें। ऐसे वक्त में लोग उधार भी नहीं देते हैं,यह एक कड़वा सच है।
अगर मिडिल क्लास अपनी आवाज नहीं उठाएंगे तो हेल्थ इंश्यारेंस का कोई मतलब नहीं रहेगा। और इलाज कितना महंगा हो गया है उस��ा आयडिया तो होगा ही।
मैंने भी 25-30 मिनट के बाद यह डिबेट देखना बन्द कर दिया। पता नहीं कल क��सी ने मुफ़्ती साहब से यह सवाल पूछा या नहीं कि वह किस ‘God’ के होने की बात कर रहे हैं? और वह जिस ‘God’ की बात कर रहे हैं, क्या ��ही God ईसाइयों का भी है, हिन्दुओं का भी है और बाक़ी सारे धर्मों का भी है, या फिर मुफ़्ती साहब का ‘God’ बाक़ी के ‘God’ से अलग है? इसी सवाल पर उनकी पोल खुल जाती!
Love the conviction with which this Rajasthani girl Jigisha Joshi ji is defending the honour of the #aravallihills.
‘खड़ा रहना हमने हमारे पहाड़ों से ही सीखा है’
#SaveAravalli.
आ��� हमारे बैच के बेहद ज़हीन पत्रकार हैं और सबसे बुलंद आवाज़ भी।
शुभकामनाएँ आपको, आज़ादी मुबारक। ❤️
इंसान होने की कुछ ज़रूरी शर्तें होती हैं। लचीलापन एक सीमा तक ही ठीक है। आपने सही ही निर्णय लिया है।
मुख्यधारा मीडिया ने अपनी कब्र ख़ुद खोद ली है बस उसे उस कब्र में लेटने की ज़रूरत है।
IIMC में पढ़ाई के दौरान एक ही सपना था कि किसी प्रतिष���ठित मीडिया संस्थान से जुड़ जाएं और जबर काम करें. इंटर्नशिप के दौरान ही अमर उजाला जैसे बड़े संस्थान में नौकरी लग गई. अपने बैच में सबसे पहले नौकरी मिली थी.
जितनी ख़ुशी पहली नौकरी मिलने पर हुई थी, पच्चीस साल नौकरी करने के बाद उसे छोड़ने पर तब के मुक़ाबले कई गुना संतोष हो रहा है. लग रहा है कि अब आगे का सफ़र थोड़ा मुश्किल लेकिन सुकून भरा होगा.
उदय प्रकाश जी ने लिखा था
आदमी
मरने के बाद
कुछ नहीं सोचता.
आदमी
मरने के बाद
कुछ नहीं बोलता.
कुछ नहीं सोचने
और कुछ नहीं बोलने पर
आदमी
मर जाता है.
तो अब मरने से पहले मरने से बचने और सोचने, सुनने, बोलने के लिए The Swatantra के नाम से आपका अपना Youtube चैनल शुरू किया है, जिसमें आप सभी का भरपूर साथ चाहिए आपका
इस लिंक 👇 पर Click करिए और जानिए “मेरी और The Swatantra की कहानी”
Journalist Vikrant Yadav ने News 18 को अलविदा क्यों कहा? Why Did Vikrant... https://t.co/xtdMXSV9f4 via @YouTube
@t4templates चंदन जी, प्रणाम।
जी, आप देखेंगे कि मैंने समानांतर शब्द जोड़ने पर आपत्ति नहीं ज़ाहिर की है। यहाँ शब्द हटाने की बात है। मेरी नज़र में, पहले से लोकप्रिय शब्दों को जबरन हटाने से हम अपनी ही भाषा को कमज़ोर करते हैं।
"जुर्म" और "क़त्ल" को ��टाओ, पर "क्राइम" और "मर्डर" के स्वागत की तैयारी भी कर ही लो।
हद्द है, अंग्रेज़ी के शब्दकोशों में शब्द जोड़े जाते हैं, हमारे यहाँ शब्द हटाए जाते हैं। हमलोगों ख़ुद हिन्दी की क़ब्र खोद रहे हैं। 😞
The Mango War: The King Of Fruits & The Fight For Its Honour
To disrespect a city or a region, all you have to do is insult its #mango | @joshisopan writes in his latest book #MangiferaIndica | @AlephBookCo
Read an excerpt from the book here: https://t.co/TZy2jyJsLX