देश भर के जैन समाज में इस बात को लेकर बेहद आक्रोश है कि उनके पूजा स्थलों और तीर्थों को कुछ बहुसंख्यक प्रभुत्ववादी लोग लगातार अपने क़ब्ज़े में लेते जा रहे हैं। ऐसे कुप्रयासों से शांतिप्रिय, अहिंसक अल्पसंख्यक जैन समाज में चतुर्दिक असंतोष जन्म ले रहा है।
एक विशेष दल का राजनीतिक प्रश्रय पाकर जो लोग अपनी पूजा पद्धति और कर्मकांड जैन उपासना स्थलों पर थोपना चाहते हैं, उनकी मंशा जैन समाज समझ रहा है।
ये भारत की विविधता के विरूद्ध एक बहुत बड़ा षड्यंत्र है जिसमें गुजरात के गिरनार से लेकर शिखरजी तक देश भर के कई अन्य जैन तीर्थस्थलों पर भी कुछ लोग कुदृष्टि लगाये बैठे हैं।
जैन समाज के तीर्थ स्थलों व मंदिरों को बचाने के लिए सबको एकजुट होना चाहिए। हमारी माँग है कि हर अल्पसंख्यक समाज को अपनी परंपरागत पूजा, उपासना या इबादत का संविधान सम्मत हक़-अधिकार मिलना चाहिए।
May the creators of Ilovepdf never know hunger. May they never lack. May their cups never run dry🥹. May goodness and mercy follow them all the days if their lives🥹🙏