प्लेटफॉर्म नम्बर 1 और 2 में इंजन के पास शौचालय नहीं है वहीं 3 और 4 में भी जिधर इंजन लगती है वहां शौचालय नहीं है ! जिससे विशेषकर महिला यात्रियों को दिक्कत होती है, जो दोनों शौचालय हैं भी वो सफाई के अभाव में यूज करने योग्य नहीं है !
Health minister jharkhand state @IrfanAnsariMLA साहब ये फर्जी डॉक्टर आपके साथ फोटो खिंचाकर यहां के अधिकारियों पर रौब झाड़ता है !
ऐसे फर्जी लोगों के खिलाफ शख्त कार्रवाई हो !
@akhileshsi1@SethSanjayMP@Annapurna4BJP दोनों के साथ साथ उनके क्षेत्र के लोगों को बधाई ! लेकिन निशिकांत दुबे जी को भी जगह मिलना चाहिए था ! वो डिजर्व करते हैं !
बीजेपी बड़े कायदे से वोट बैंक के साथ योग्यता को भी तरजीह दे रही है।बिहार की तरह झारखंड में यादव राजद के वोटर रहे हैं। राजद अब कमजोर है तो इस वोट को साथ जोड़ने के लिए अन्नपूर्णा देवी को पहले भाजपा में लाया गया, सांसद बनने के बाद केंद्र में राज्यमंत्री बनाया गया। अब कैबिनेट मंत्री में प्रोन्नत हुई हैं।
संजय सेठ वैश्य समाज से आते हैं। पांच साल सांसद रहते इनोवेटिव काम करते रहे। सदन में भी सक्रिय रहे। राज्यमंत्री बने हैं। आज की मेरी खबर–
झारखण्ड के अस्तित्व और अस्मिता की रक्षा के लिए हेमन्त जी ने झुकना स्वीकार नहीं किया। उन्होंने षड्यंत्र से लड़ना और उसे हराने के लिए अपने आप को समर्पित करना बेहतर समझा।
आज हमारी शादी की 18वीं सालगिरह है, पर हेमन्त जी परिवार के बीच नहीं हैं। बच्चों के साथ नहीं हैं। विश्वास है वो इस षड्यंत्र को हरा विजेता बनकर हम सभी के साथ शीघ्र होंगे।
मैं एक वीर झारखण्डी योद्धा की जीवन साथी हूं। आज के दिन मैं भावुक नहीं होऊंगी। हेमन्त जी की तरह ही विषम परिस्थितियों में भी मुस्कुराते हुए उनके साहस और संघर्ष की शक्ति बनूंगी।
~ कल्पना मुर्मू सोरेन
कोडरमा (झारखंड) की लोकप्रिय सांसद और केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।भगवान से आपके सदैव स्वस्थ,सुखी और दीर्घायु रहने की कामना करता हूं।
@Annapurna4BJP
झारखंड सरकार की कार्यशैली देखिए। रमेश चंद्र तिवारी 31 मार्च को सरिया अंचल अधिकारी के पद से सेवानिवृत हो गए, लेकिन अब उन्हें तत्काल प्रभाव से सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी दुमका बनाया गया है। भाई साहब पूरी बोर्ड बैठती है तबादले के लिए, फिर ऐसी गलती कैसे। स्वास्थ्य विभाग पहले मृत को पोस्टिंग देने का कारनामा कर चुका है। खैर, ऐसी गलतियों से पैसों से पोस्टिंग का आरोप कम से कम गलत साबित हो रहा।
@HemantSorenJMM
न सिर्फ ट्वीट ही किया बल्कि डीसी को फोन कर समस्या का निराकरण करने की बात भी कही, दीगर बात है कि तत्काल समस्या से राहत स्थानीय लोगों के अड़ियल रवैया के कारण नहीं मिल पा रहा है !
गम्भीर नेताओं की यही पहचान है
सरिया थाना क्षेत्र के बागोड़ीह मोड़ समीप सरिया राजधनवार रोड में जल जमाव आए दिन दिन होते आ रहा है @GiridihDc कृपया इन्हें संज्ञान में लेकर इस समस्या का समाधान करने का पहल कीजिए।
क्या कश्मीर घाटी से अल्पसंख्यक पंडितों को निकाला नहीं गया?
क्या 90 के दशक में पंडित युवाओं की हत्याएं नहीं हुईं, बेटियों के साथ बलात्कार नहीं हुआ? क्या नारे नहीं लगते थे असि गछि पाकिस्तान, बटव रोअस त बटनेव सान।
और क्या मैडम @khanumarfa ये घटनाएं भी नहीं हुईं थीं–
- डोडा नरसंहार- अगस्त 14, 1993 को बस रोककर 15 हिंदुओं की हत्या कर दी गई।
- संग्रामपुर नरसंहार- मार्च 21, 1997 घर में घुसकर 7 कश्मीरी पंडितों को किडनैप कर मार डाला गया।
- वंधामा नरसंहार- जनवरी 25, 1998 को हथियारबंद आतंकियों ने 4 कश्मीरी परिवार के 23 लोगों को गोलियों से भून कर मार डाला।
–प्रानकोट नरसंहार - अप्रैल 17, 1998 को उधमपुर जिले के प्रानकोट गांव में एक कश्मीरी हिन्दू परिवार के 27 मौत के घाट उतार दिया था, इसमें 11 बच्चे भी शामिल थे। इस नरसंहार के बाद डर से पौनी और रियासी के 1000 हिंदुओं ने पलायन किया था ।
- 2000 में अनंतनाग के पहलगाम में 30 अमरनाथ यात्रियों की आतंकियों ने हत्या कर दी थी।
–20 मार्च 2000 चित्ती सिंघपोरा नरसंहार होली मना रहे 36 - सिखों की गुरुद्वारे के सामने आतंकियों ने गोली मार कर हत्या कर दी।
–2001 में डोडा में 6 हिंदुओं की आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
- 2001 जम्मू कश्मीर रेलवे स्टेशन नरसंहार, सेना के भेष में आतंकियों ने रेलवे स्टेशन पर गोलीबारी कर दी, इसमें 11 लोगों की मौत हो गई।
- 2002 में जम्मू के रघुनाथ मंदिर पर आतंकियों ने दो बार हमला किया, पहला 30 मार्च और दूसरा 24 नवंबर को । इन दोनों हमलों में 15 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई।
- 2002 क्वासिम नगर नरसंहार, 29 हिन्दू मजदूरों को मारडाला गया। इनमें 13 महिलाएं और एक बच्चा शामिलथा।
- 2003 नदिमार्ग नरसंहार, पुलवामा जिले के नदिमार्ग गांव - में आतंकियों ने 24 हिंदुओं को मौत के घाट उतार दिया था।
@FCI_India@PMOIndia मजाल है आपलोग का की इस गोदाम का कुछ बिगाड़ सकें ! दर्जनों बार शिकायतें हुई और जांच मगर इनका कुछ नहीं बिगड़ता है और ट्रांसपोर्टर के मिलीभगत से जमकर खेला होता है !
मुंबई के लिए हम उड़े तो नीचे खूबसूरत राँची था। हरी वादियाँ, ऊँची इमारतों व खपरैल छतों का कोलाज और मेरे शहर के लोग पुतलियों में आ बसे। फिर वे ओझल होने लगे। सब छूट रहा था। फिसलता-सा लग रहा था। जैसे ये दोबारा देखना शायद नसीब न हो। #LivingWithLungCancerStage4 https://t.co/8YfnCGEbD6