विश्वविद्यालय ने मुझे मेरी माँ की तरह रखा है, वो अपने बच्चे के लिए अच्छी चीज़े बचा के रखती है, की उसको आने वाले समय में उसका लाभ मिले कुछ इसी तरह इस माँ ने मुझे अपने आँचल से छुपा कर रखा बचा कर रखा, और जब कुछ देने की बारी आई तो सम्मान, विद्या, शक्ति सब दिया 💐
लखनऊ विश्वविद्यालय ने मुझे अपनी माँ की तरह सींचा है, पाँच सालो तक पाला पोसा है, जैसे माँ अपने बच्चे की हर वक्त चिंता करती है, की उसे कहीं ग़लत संगत ना मिल जाए, विश्वविद्यालय ने उसी तरह मेरे व्यक्तिगत जीवन को गढ़ा है.
माँ को मेरा अभिवादन
@Uppolice@myogiadityanath@myogioffice@anandibenpatel क्या सच में हम प्रदेश में सुरक्षित है ? दिन दहाड़े घरों में घुस कर प्रवासी बच्चो पर जान से मारने की कोशिश की जाती है, और पूरा प्रशासन चुप बैठा है ? कृपया संज्ञान लें !
आप हैरान हो जाएँगे ये बच्चे सिर्फ़ यूकेजी और एलकेजी के है, ना ये बोल सकते है ना ये सुन सकते है सिर्फ़ देख कर जवाब देते है, ये बच्चो में कंप्यूटर शिक्षा को लेकर ग़ज़ब का अनुभव है जो आज कल के बच्चे बारह साल में सीखते है, वो ये बच्चे इतनी छोटी उमर में सीख चुके है
इस वर्ष की हमारी ये दूसरी उपलब्धि है, जब जब मुझे ऐसा लगता है की मैं अपने काम को लेकर चिंतित हूँ की मैं जो कर रहा हूँ क्या ये सच में समाज में कुछ बदलाओ ला रहा है, अपना विश्वास जब कमजोर होता है प्रभु ने उसे मजबूत करने के लिए हमेशा एक सहारा दिया है
समाज कार्य एक ऐसी शिक्षा है जो हमे हर क्षेत्र में काम आती है, मैं बहुत खुश हूँ की मैंने वो शिक्षा चुनी जिसे मैं पढ़ना चाहता था, आज लखनऊ भाजपा प्रदेश कार्यालय में वन नेशन वन इलेक्शन पर अपनी राय रखी
आज के समाज में आपके संबद्ध सिर्फ आपके रहन सहन पर निर्भर कर रहे है, आपके पास चमचमाती गाड़ी है तो आपके पास गाड़ी वाले लोग रहेंगे, वो यह महसूस करायेंगे की हम दोनों एक दूसरे की जरूरत पर काम आयेंगे इसलिए हमारा आपका संबध है, मैं ऐसे संबंधों को अपने जीवन में रत्ती भर का समझता हूँ
सादर
मुझे अच्छा लगता है की मैंने जो अपने लिए शिक्षा चुनी वो मुझसे बहुत जुड़ी हुई है, अपने फ़ील्ड वर्क पर जब मैं ज़मीनी स्तर पर उतर कर उन बच्चो, बुजुर्गों से मिलता हूँ जिन्हें सुनना कोई पसंद नहीं करता, जो बच्चे बोल नहीं पाते, उनकी बाते सुनना मेरे लिए नए अनुभव से कम नहीं होता