क्या मदन दिलवार या भजनलाल शर्मा अपने बच्चों को इस लट्टों से भरे किचन का खाना खिलायेंगे?
क्या राजस्थान या देश का कोई भी राजनेता अपने बच्चों को इस स्कूल में भेजेगा?
तो जो इस देश के मूल निवासी है, वो क्यो अपने बच्चे को ऐसे स्कूल में भेजने में मजबूर है?
इस देश का हर राजनेता कान खोल कर सुनले - हमारे आदिवासी बच्चों को अच्छे स्कूल नहीं दिए, तो तुम्हारी एक एक की दुकान @Cockroachisback बंद करवाएगी।
Worms and stones in Rajasthan Govt School midday meals!
And it's no better in Congress ruled states with expired peanuts used in chutney in Telangana sending 15 students to hospital.
SHAME! #SchoolThikKaro
राजस्थान के आदिवासी इलाकों की सरकारी स्कूल की हालत।
आज खेरवाड़ा, पोंगरी के गांवों में आशुतोष रांका के साथ CJP टीम यहां पहुंची।
"आदिवासी स्कूल ठीक करो" अभियान पर है यह युवा टीम।
This school is located in the village of Magru Mahiwal in Udaipur, where basic amenities are severely lacking. There is a shortage of teachers, and the washroom facilities are inadequate, particularly for girls.
@Cockroachisback@abhijeet_dipke@AshutoshRanka
राजस्थान के उदयपुर में आदिवासियों के लिए बना यह सरकारी स्कूल मिट्टी का है। मिट्टी से बना एक ही क्लासरूम आदिवासी बच्चों का स्कूल है।
यह 80 सालों का BJP और कांग्रेस का मिला-जुला शिक्षा मॉडल है। क्या BJP या कांग्रेस का कोई नेता अपने बच्चों को इस स्कूल में भेजेगा?
BJP और कांग्रेस की विचारधारा - लोगों को गरीब और अशिक्षित रखो ताकि वे अपने अधिकारों की मांग न कर सकें, उन्हें बेवकूफ बनाते रहो और राजाओं की तरह राज करते रहो।
#SchoolThikKaro
Clay - This Adivasi community Govt school in Udaipur Rajasthan is made of clay. One clay classroom is the school for the Tribal children.
This is the combined BJP-Congress Education Model of 80 years. Would any BJP or INC leader send their kids to this school?
Ideology of BJP and Congress - Keep people poor and uneducated so that they cannot ask for their rights, keep fooling them and keep ruling as kings.
#SchoolThikKaro
उदयपुर: ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत खेरवाड़ा पहुंची CJP टीम
उदयपुर के खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के देमात, पोंगली और बाबरी गांवों में ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत CJP टीम ने सरकारी स्कूलों का जमीनी निरीक्षण किया। टीम ने स्कूलों में भवन, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया।
टीम ने TAD के कथित ₹1,500 करोड़ के लैप्स बजट को लेकर सरकार से सवाल किए और आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था सुधारने की मांग की। अभियान में आशुतोष रांका समेत CJP पदाधिकारी और आदिवासी एकता परिषद के प्रतिनिधि मौजूद रहे...
उदयपुर: ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत खेरवाड़ा पहुंची CJP टीम
उदयपुर के खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के देमात, पोंगली और बाबरी गांवों में ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत CJP टीम ने सरकारी स्कूलों का जमीनी निरीक्षण किया। टीम ने स्कूलों में भवन, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया।
टीम ने TAD के कथित ₹1,500 करोड़ के लैप्स बजट को लेकर सरकार से सवाल किए और आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था सुधारने की मांग की। अभियान में आशुतोष रांका समेत CJP पदाधिकारी और आदिवासी एकता परिषद के प्रतिनिधि मौजूद रहे...
आज़ादी के 80 साल बाद और 69,000 करोड़ रुपये के शिक्षा बजट के बावजूद, यह राजस्थान सरकार का आदिवासियों के लिए बना एक स्कूल है। लेकिन यह सिर्फ़ BJP की लापरवाही और नाकामियों को नहीं दिखाता।
यह 1947 से बारी-बारी से सत्ता में रहीं BJP और कांग्रेस सरकारों के मिले-जुले "विकास" कार्यों को दिखाता है।
कांग्रेस और BJP एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। वे दोनों ही लोगों को गरीब और अशिक्षित रखना चाहती हैं, दोनों ही सत्ता और विपक्ष का खेल खेलना चाहती हैं, दोनों ही पहचान की राजनीति (identity politics) से जनता को बेवकूफ बनाना चाहती हैं और दोनों ही लूट-खसोट करना चाहती हैं ताकि वे राजाओं की तरह जी सकें।
इसीलिए हममें से बहुत से लोग कहते हैं कि AAP की ज़रूरत है। #SchoolThikKaro #CJP
Credit- @Mystic_Soul25
This is a Rajasthan Govt school for tribals 80 years after independence with a Rs 69,000 crore education budget. But this doesn't just show BJP's negligence and failures.
This shows the combined "development" work of alternating BJP and Congress Govts since 1947.
CongRSS and BJ Party are two sides of the same coin. They both want to keep people poor and uneducated, both want to play the game of ruling and opposition, both want to fool the masses with identity politics and both want to loot so that they can live like kings.
This is why so many of us say AAP is needed. #SchoolThikKaro #CJP
This is a Rajasthan Govt school for tribals 80 years after independence with a Rs 69,000 crore education budget. But this doesn't just show BJP's negligence and failures.
This shows the combined "development" work of alternating BJP and Congress Govts since 1947.
CongRSS and BJ Party are two sides of the same coin. They both want to keep people poor and uneducated, both want to play the game of ruling and opposition, both want to fool the masses with identity politics and both want to loot so that they can live like kings.
This is why so many of us say AAP is needed. #SchoolThikKaro #CJP
क्रेडिट चाहे किसी को भी दे दो लेकिन भला सरकारी स्कूलों का हो रहा है।
राजस्थान के 472 सरकारी स्कूलों में भवन निर्माण को 401.3 करोड रुपए स्वीकृत। इससे 261 प्राथमिक स्कूलों को 41-41 लाख, 128 उच्च प्राथमिक स्कूलों के लिए 65-65 लाख तथा 83 उच्च माध्यमिक को 2 करोड़ 54 लाख रुपए मिलेगा।
ये तो यूनेस्को की नजर नहीं पड़ी वर्ना देमत गाँव के इस स्कूल को विश्व धरोहरों की सूची में पहले स्थान पर रखा जाता!
आप भी देखकर चौंक जाएंगे आदिवासी समाज के लिए ये कैसा स्कूल खोल रखा है सरकार ने!
जहाँ 5 जानवर रखना मुश्किल हो वहाँ हमारे बच्चे पढ़ने को मजबूर है,शर्म आनी चाहिए सरकारों को!
आप देखिए और ख़ुद निश्चय कीजिए कि ये स्कूल ठीक करों की हमारी लड़ाई कितनी जरूरी है!
खेरवाड़ा (उदयपुर) के देमत में राजकीय प्राथमिक आदिवासी स्कूल में 15 अगस्त का स्वतंत्रता दिवस का मेसेज आज भी लिखा हुआ है।
क्योंकि एक महीने से और कोई पढ़ाई ही नहीं हुई।
पूरी बिल्डिंग जर्जर। 70 बच्चों के लिए एक टीचर, दो जर्जर क्लासरूम। आंगनवाड़ी का कमरा कभी भी गिर सकता है। शौचालय की हालत आप देख सकते है।
हमने अपने आदिवासी बच्चों को पूरी तरह हाशिये पर छोड़ दिया है।
देमत (उदयपुर) के ही दूसरे आदिवासी स्कूल को देख लेंगे तो शर्म आ जाएगी। पूरा स्कूल मिट्टी के बने एक कमरे में चल रहा है।
लेकिन ग़ज़ब की बात यह है कि रिकॉर्ड में स्कूल पास में बने खंडहर में चलता है। यह कमरा भी किसी ने दे रखा है। एक शौचालय में खाने का समान रखा हुआ है।
यहाँ दशकों से एक ही विधायक है।
वो राजस्थान के शिक्षा मंत्री भी रह चुके है।