लंबे समय से संविधान प्रदत्त हिस्सेदारी की व्यवस्था यानी आरक्षण के खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है। अब इसी मुहिम को “आरक्षण म��ं सुधार” जैसे शब्दों की आड़ में आगे बढ़ाने की कोशिश हो रही है।
कान खोलकर सुन लो—आरक्षण कोई खैरात नहीं है। यह सदियों से सामाजिक भेदभाव और वंचना झेलते समाज को संविधान द्वारा दिया गया प्रतिनिधित्व का अधिकार है।
भारत सरकार व लखनऊ दरबार में बैठे सत्ताधीशों, कान खोलकर सुन लो—आरक्षण व्यवस्था में किसी भी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आरक्षण पर हमला यानी सामाजिक न्याय पर हमला है और सा���ाजिक न्याय से समझौता आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) किसी भी कीमत पर नहीं करेगी।
हम यह भी देख रहे हैं कि इस पूरे माहौल को बनाने में मीडिया की बड़ी भूमिका है। हमारे हितों के विपरीत विचार रखने वाले लोगों को बार-बार बुलाकर एकतरफा माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है।
लेकिन याद रखिए—हमारे सब्र का इतना इम्तिहान मत लीजिए। अगर हमारी आवाज को लगातार दबाने और नजरअंदाज करने की कोशिश की गई, तो जनता लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगी।
हम जानते हैं कि मेनस्ट्रीम मीडिया में हमारा पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है, लेकिन हमारी आवाज को दबाया नहीं जा सकता। मीडिया को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर निष्पक्षता, संतुलन और जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका निभानी होगी।
और आरक्षण का विरोध करने वालों को आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) खुली बहस के लिए आमंत्रित करती है।
अगर आपके पास आरक्षण के खिलाफ तर्क और तथ्य हैं, तो सामने आइए। बहस हो—तर्क से, तथ्यों से और संविधान के दायरे में।
जय भीम! जय भारत! जय मंडल!
जय संविधान! जय आरक्षण!
जिला बाराबंकी के हैदरगढ़ के सुबेहा थाना क्षेत्र के पूरे गुमान मजरे कोलवा गांव में लंबे समय से चले आ रहे ���मीनी विवाद का फैसला पीड़ित पक्ष के पक्ष में आने के बाद उन्होंने अपनी जमीन पर फसल बोई थी। इसके बावजूद आरोपी पक्ष जुताई करने के लिए पहुंचा और विरोध करने पर पहले से घात लगाए लोगों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
पीड़ितों का कहना है कि इस दौरान महिलाओं समेत कई लोगों के ऊपर ट्रैक्टर चढ़ा दिया गया, जिसमें 70 वर्षीय शमशेर अली की मौत हो गई। वहीं, जब दलित समाज के लोग बीच-बचाव के लिए पहुंचे तो उन्हें भी बेरहमी से पीटा गया। इस हमले में कई लोग घायल हुए हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि 16 अगस्त की इस घटना में लगभग 30 आरोपियों में से अभी तक केवल 5 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। बाकी आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। यह पुलिस की कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की जिला टीम मौके-ए-वारदात से ही पीड़ित पक्ष के साथ खड़ी है। पीड़ितों को न्याय दिलाने और सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर कल धरना भी दिया गया।
@UPGovt से हमारी मांग है कि सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए, मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई हो तथा पीड़ित परिवार और घायलों को उचित न्याय एवं सहायता दी जाए।
हमारी गहरी संवेदनाएँ मृतक शमशेर अली जी के शोकाकुल परिवार के साथ हैं। प्रकृति परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे। साथ ही, हम सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।
सांसद चन्द्रशेखर भाई की युवाओं में दीवानगी तो देखिए.
आज 12/08/2026 को बाराबंकी (UP) में लाइब्रेरी में एक बच्चे ने अपनी पढ़ने वाली टेबल पर @BhimArmyChief जी की फोटो ���गाई है,जब मैंने बच्चे से इसके बारे में पूछा तो उसने बताया भाई देश का भविष्य हैं,मुझे इनके फोटो से प्रेरणा मिलती है।
बहुजन-पिछड़ा वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिए लोक सभा में आवाज बुलंद करते हुए माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष @BhimArmyChief, नगीना से लोकप्रिय सांसद भाई चन्द��रशेखर आजाद जी।
📅 17 अप्रैल 2026
📍 संसद भवन, नई दिल्ली
उत्तर प्रदेश के जनपद कौशाम्बी में हमारे परिवार की बच्ची के साथ हुई दरिंदगी और प्रयागराज के करछना में हमारे परिवारजन की बेरहमी से हत्या कर शव को जलाए जाने की दुखद घटना हुई।
मैं जब इन दोनों पीड़ित परिवारों से मिलने प्रयागराज पहुंचा तो पीड��ित परिवारों से मिलाने का आश्वासन देकर सुनियोजित साजिश के तहत एक तरफ मुझे धोखे से सर्किट हाउस में नजर बंद कर दिया गया दूसरी तरफ उसी दौरान पुलिस की मौजूदगी में असामाजिक तत्वों द्वारा बवाल करा दिया गया। इसी उपद्रव में मेरे छोटे भाई, भीम आर्मी के कार्यकर्ता सुनील कुमार गौतम (उम्र 25 वर्ष) की निर्मम हत्या ने मुझे, पूरे संगठन और बहुजन समाज को गहरा आघात पहुँचाया है।
स्थानीय पुलिस और उपद्रवियों ने मिलकर भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं पर हमला किया। इस हमले में सुनील को बेरहमी से पीटकर अधमरी हालत में खेत में फेंक दिया गया। सूचना मिलने पर उनके भाई ने उन्हें अस्पताल पहुँचाया, लेकिन डॉक्टरों की लाख कोशिशों के बावजूद सुनील ने ICU में दम तोड़ दिया। यह केवल हत्या नहीं है, बल्कि हजारों सालों से बहुजनों पर हो रहे अन्याय और अत्याचार का जिंदा प्रमाण है, जहाँ पीड़ित को ही आरोपी बना दिया जाता है।
यह निर्मम हत्या मेरे लिए किसी सदमे से कम नहीं है। ��स घटना ने यह साबित कर दिया है कि अन्याय का शिकार हम होते हैं और जब हम इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हैं, तब हमें ही मारा जाता है और आरोप भी हम पर ही लगाए जाते हैं। यही सिलसिला हजारों वर्षों से चलता आ रहा है और यही आज उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के करछना में हुआ है।
सुनील कुमार गौतम की निर्मम हत्या, कई निर्दोष साथियों को जेल भेजा गया है, बल्कि पुलिस द्वारा भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कार्यकर्ताओं के घरों पर दबिश डालकर फर्जी तरीके से नाम जोड़कर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। जो लोग वहां मौजूद भी नहीं थे, उन्हें भी परेशान किया जा रहा है। पुलिस द्वारा घर-घर दबिश डालकर दलित परिवारों में दहशत फैलाई जा रही है। यह पूरी तरह असंवैधानिक, अन्यायपूर्ण और लोकतांत्रिक मूल्यों का खुला उल्लंघन है।
@UPGovt से हमारी मांगें:
इस हत्या में शामिल सभी पुलिसकर्मियों और असामाजिक तत्वों पर BNSS की सख्त धाराओं, SC/ST अत्याचार निवारण एक्ट और गैंगस्टर एक्ट के तहत तत्काल मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाए।दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए।
भाई सुनील के परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
निर्दोष भीम आर्मी कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज फर्जी मुकदमे तत्काल वापस लिए जाएँ।
यदि हमारी मांगें शीघ्र पूरी नहीं की गईं तो भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) पूरे प्रदेश में बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
@myogiadityanath
@dgpup @CMOfficeUP
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश पर ग्वालियर खंडपीठ में भारतीय संविधान के निर्माता, आधुनिक भारत के शिल्पकार एवं शोषितों वंचितों व महिलाओं के मुक्तिदाता, ज्ञान के प्रतीक, विश्व रत्न, उपरम पूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की प्रतिमा की स्थापना को लेकर कई दिन���ं से चल रहा विवाद अपमानजनक और हिंसक मोड़ पर पहुँच चुका है।
माननीय उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के बावजूद बाबा साहेब की प्रतिमा को न केवल न्यायालय परिसर में प्रवेश से रोका जा रहा है बल्कि ये धमकी दी रही है "प्रतिमा ही नहीं बचेगी"। यह सीधा न्यायपालिका की अवमानना है। यह सिर्फ एक मूर्ति का सवाल नहीं है, यह हमारे आत्मसम्मान, इतिहास और संवैधानिक चेतना का प्रश्न है।
सबसे शर्मनाक बात यह है कि जब भीम आर्मी के निहत्थे कार्यकर्ताओं ने इस अन्याय के विरुद्ध शांतिपूर्वक विरोध किया, तब पुलिस की मौजूदगी में उन पर कायराना हमला किया गया।
यह हमला सिर्फ भीम आर्मी पर नहीं, बाबा साहेब के विचारों और बहुजन आत्मसम्मान पर हमला है।
मेरा सवाल है मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 जी, क्या आपकी सरकार उस सोच के सामने नतमस्तक हो चुकी है जो बाबा साहेब की विरोधी है और संविधान की आत्मा को कुचलना चाहती है?
हम इस अन्याय के खिलाफ चुप नहीं बैठ सकते है। बहुत जल्द मैं ग्वालियर आऊंगा।
@MP_MyGov @CMMadhyaPradesh
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की उपस्थित के , शव को जबरन जलाना निंदनीय एवं अधिकारों का हनन है। महोदय मामले को संज्ञान लेते हुए परिवारजनों को न्याय दिलाने की कृपा करें।
@BhimArmyChief@Uppolice@myogioffice@Barabankipolice
@BarabankiD
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ग्राम बसारी , बाराबंकी के किसान न्याय पाने की आस में, लगभग 1 वर्ष से जिलाधिकारी कार्यालय के सामने धरना एंव भूख हड़ताल कर रहे थे, जिसमें 1 व्यक्ति की जान चली गयी,परन्तु न्याय न��� मिल सका। उल्टे प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवार को डरा धमका कर बिना परिजन के रिश्तेदारों
भू माफिया सुनील यादव आदि पर उप जिलाधिकारी नवाबगंज का आदेश दिनांक 15/06/24 हो रहा बेअसर,
अनुसूचित जाति के व्यक्ति हरिनंदन गौतम की बड़ेल में रोड किनारे स्थित बहुकिमती कीमती भूमि गाटा संख्या 1087 पर रात दिन किया जा रहा अवैध कब्जा हुआ निर्माण, हरिनंदन न्याय के लिए दर दर भटक रहे।
सहारनपुर के देवबंद में भीम आर्मी चीफ व राष्ट्रीय अध्यक्ष भाई चंद्रशेखर आज़ाद जी पर जानलेवा हमला बहुजन मिशन मूवमेंट को रोकने का कायराना कृत्य है!
आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, सख्त कार्रवाई और राष्ट्रीय अध्यक्ष भाई चंद्रशेखर आज़ाद जी को सुरक���षा प्रदान की जाए।
@uppolice