आज मेरे दादाजी मरहूम चौ. अब्दुल रज़ाक (पूर्व विधायक, फिरोजपुर झिरका) की 16वीं बरसी पर ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश करता हूँ।
मेवात के लिए उनकी सेवा, सादगी, इंसाफ़ आज भी लोगों के दिलों में ज़िंदा है।
ऐसे रहनुमा सदियों में पैदा होते हैं,
जिनकी याद हमेशा लोगों के दिलों में ज़िंदा रहती है।
आज मेरे दादाजी मरहूम चौ. अब्दुल रज़ाक (पूर्व विधायक, फिरोजपुर झिरका) की 16वीं बरसी पर ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश करता हूँ।
मेवात के लिए उनकी सेवा, सादगी, इंसाफ़ आज भी लोगों के दिलों में ज़िंदा है।
ऐसे रहनुमा सदियों में पैदा होते हैं,
जिनकी याद हमेशा लोगों के दिलों में ज़िंदा रहती है।
अगर आप और आपका बुलडोज़र इतना ही सफल है तो अलग पार्टी बनाकर ‘बुलडोज़र’ चुनाव चिन्ह लेकर चुनाव लड़ जाइए। आपका भ्रम भी टूट जाएगा और घमंड भी। वैसे भी आपके जो हालात हैं, उसमें आप भाजपा में होते हुए भी ‘नहीं’ के बराबर ही हैं, अलग पार्टी तो आपको आज नहीं तो कल बनानी ही पड़ेगी।
Praying for humanity. 🤲🏼 Praying for peace. 🤲🏼🇵🇸 Innocent people and especially innocent kids are losing their lives in the war - on both sides. It's so heartbreaking & sad. 😥💔 PLEASE STOP THE WAR!!! ❌❌❌
इस बात को समझिये ये बहुत बड़ी बीमारी हैं ,
नफरत से भला न होगा इसमें ही समझदारी हैं ,
वोटों के लालच में जुल्म पे चुप्पी ठीक नही हैं ,
मौत तो सबको आनी हैं इससे किसकी यारी हैं !!
#Justice_for_Nasir_junaid