"क्या हेमंत बिस्वा सरमा और पत्नी इनकार कर रहे हैं कि दुबई में उनकी प्रॉपर्टी नहीं है? क्या वे इनकार कर रहे हैं कि अमेरिका में उनकी कंपनी नहीं है? क्या वे इनकार कर रहे हैं कि उनकी शेल कंपनी नहीं है?
अभी हमारे पास बहुत सारे सबूत हैं। सब सामने आयेंगे।"
- पवन खेड़ा
राहुल गांधी जैसे हेमंत बिस्वा सरमा के बारे में बोल रहे हैं, वैसा किसी भी अन्य मुख्यमंत्री के बारे में नहीं बोलते। मतलब उनके पास यह सब सूचनाएं बहुत पहले से हैं। तभी उन्होंने हेमंत बिस्वा सरमा को देश का सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री घोषित किया है।
देश के सबसे वरिष्ठ दलित नेता और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष @kharge जी के बारे में जिस तरह के अपशब्द ये आदमी बोल रहा है वो बेहद शर्मनाक है।
@narendramodi जी आपके नेता का ये बयान दर्शाता है कि दलितों के प्रति भाजपा नेताओं की सोच क्या है।
इजराइल के जुल्म की सारी हदे पार हो चुकी है फिलिस्तीनियो के लिए आवाज़ उठाओ.! 🇵🇸
फिलिस्तीन के बारे में बोलो, भले ही सिर्फ एक शब्द ही क्यों न हो 🇵🇸💔
#FreePalentini 👇#FreePalestine
गाजा में काम कर रही ऑस्ट्रेलियाई महिला डॉक्टरों ने ये बयान दिए हैं:
"हम यह वीडियो इसलिए बना रहे हैं क्योंकि हमारी जान किसी भी पल जा सकती है।"
"हमारे 70% से 80% मरीज़ बच्चे और गर्भवती महिलाएं हैं।"
"मैंने एक ऐसी महिला की डिलीवरी करवाई जो नौ महीने की गर्भवती थी और जिसका सिर धड़ से अलग हो गया था।"
"कृपया, इस भयावहता और आतंक को रोकें।"
आप सांसद राघव चड्ढा ने सदन में उठाया मोबाइल रिचार्ज का मुद्दा
◆"रिचार्ज खत्म होने पर इनकमिंग कॉल बंद होना सरासर मनमानी है"- राघव चड्ढा
◆ इनकमिंग कॉल बंद करना हमारे Right to Communication को बंद करने जैसा है- राघव
◆ साल में महीने 12 तो फिर रिचार्ज 13 क्यों? - राघव
@raghav_chadha | #Rajyasabha | #AAP | #MobileRecharge | Telecom Operator
नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में-
⦁ पहले नोटबंदी से पूरे देश को लाइन में खड़ा कर दिया
⦁ कोरोना में लोगों को ऑक्सीजन के लिए लाइन में खड़ा होना पड़ा, श्मशान घाट में लाइन देखी गई
⦁ अब देश में LPG की किल्लत है और लोग लाइन लगाकर खड़े हैं
आज हमारे देश में तेल कब और कहां से लिया जाएगा, उसका फैसला अमेरिका कर रहा है।
नरेंद्र मोदी ने खुद को बचाने के लिए पूरी तरह से सरेंडर कर दिया है, क्योंकि अमेरिका एपस्टीन फाइल दिखाकर नरेंद्र मोदी को डरा रहा है और ब्लैकमेल कर रहा है।
: महिला कांग्रेस अध्यक्ष @LambaAlka जी
पश्चिम एशिया में चल रहा युद्ध हमारी अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है, लेकिन हमारे compromised प्रधानमंत्री में इस पर चर्चा करने का साहस नहीं है।
शेयर बाज़ार गिर रहा है, LPG की कीमतें बढ़ रही हैं और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच रही हैं - इसका सीधा असर आम आदमी, घरेलू बजट और छोटे व मध्यम व्यवसायों पर पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी को blackmail किया जा रहा है। उनके पास भारतीय जनता के हितों को बेचने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। मेरी बात याद रखिए, वे संसद में नहीं आएंगे।
राहुल जी ने संसद में कहा था,
अमेरिका बताएगा नरेंद्र मोदी जी को,
कहां-कहां से तेल लेना है,
और कहां-कहां से नहीं लेना है,
तब सत्ता पक्ष के सांसद हंस रहे थे,
मीडिया जगत भी देश को भ्रमित कर रहा था,
आज राहुल जी पुनः सत्य साबित हुए।
'भारत को अमेरिका से अनुमति मिल गई है कि हम 30 दिनों के लिए रूस से तेल खरीद सकते हैं।'
सच्चाई ये है कि भारत का प्रधानमंत्री अमेरिका और इजराइल के हाथों की कठपुतली बन चुका है- जिसके सबूत रोज सामने आ रहे हैं।
हमने कल सवाल उठाया था- जब रूस, भारत को तेल देने के लिए तैयार है, तो मोदी सरकार किस बात का इंतजार कर रही है?
इस सवाल का जवाब हमें आज मिला है।
: AICC मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन @Pawankhera जी
📍 दिल्ली
ईरान ने Strait of Hormuz बंद कर दिया है। वहां से सिर्फ रूस और चीन के जहाज ही जा सकते हैं। इस लिस्ट में भारत का नाम नहीं है।
• Strait of Hormuz बंद होने के चलते, 10 हजार करोड़ का भारतीय सामान, 38 जहाज और 1,100 sailors फंसे हुए हैं
• इंडियन नेशनल शिप ओनर्स एसोसिएशन ने भारत सरकार से मदद की गुजारिश की है, लेकिन सरकार मदद करने की स्थिति में नहीं है, क्योंकि भारत सरकार ने ईरान के साथ बातचीत के सारे रास्ते बंद कर लिए हैं
• क्या नरेंद्र मोदी को नहीं मालूम नहीं था कि ऐसा कुछ होने वाला है?
• Strait of Hormuz बंद होने के कारण देश के लोगों को खामियाजा उठाना पड़ेगा, क्योंकि LPG, LNG उसी रास्ते से आता है
• मिडिल ईस्ट में होने वाले युद्ध का असर हमारे लोगों के साथ देश के फर्टिलाइजर, ट्रांसपोर्ट, माइनिंग, रेलवे, पॉवर, एग्रीकल्चर समेत कई सेक्टर्स पर पड़ेगा
आने वाले समय में जिस तरह से महंगाई बढ़ेगी और मंदी आएगी, हम उसकी कल्पना भी नहीं कर सकते हैं।
: AICC मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन @Pawankhera जी
📍 दिल्ली
रस्ता निहारती रहीं माएं तमाम रात
बच्चे सभी स्कूल से जन्नत चले गये.
ख़ुद को सुपर पावर कहने वाले देश जब लड़कियों के स्कूल पर बम गिरायें और उसमें 180 से ज्यादा बच्चियॉं शहीद हो जायें और पूरी दुनिया में प्रगतिशीलता के अलम्बरदार मुल्क बेशर्मी वाली चुप्पी ओढ़े रहे तब समझ लीजिये कि दुनिया के हुक्मरान दरअसल कमज़ोर और बुज़दिल हैं।
ये उन्हीं ईरानी बच्चियों के जनाज़े में उमड़ा हुआ जनसैलाब है।
दुनिया का कितना ही घिनौना और खूंखार अपराधी हो, उसकी बस एक ही तमन्ना होती है कि कैसे जेल जाने से बचा जाए।
कल आंध्र प्रदेश में मुख्यमंत्री बिल गेट्स का स्वागत कर रहे थे और दो दिन पहले मोदी जी के द्वारा हरदीप पुरी को exotic बर्थडे विश दी जा रही थी। कुल मिलाकर, सबको क्लीन चिट देने का काम BJP कर रही है।
सरकार के सूत्र कह रहे हैं- बिल गेट्स AI समिट में नहीं आएंगे और खुद बिल गेट्स कह रहे हैं कि मैं समिट में आऊंगा और भाषण दूंगा।
सरकार के सूत्र यह भी कह रहे हैं कि हम उन Survivors के साथ खड़े हैं, जो Epstein के हाथों शिकार हुए हैं। मतलब अब सरकार को अच्छी बात कहने में भी शर्म आ रही है।
सवाल है-
• ये सरकार के सूत्र कौन हैं?
• मोदी खुद सामने आकर क्यों कुछ नहीं कहते?
• आखिर ये डर किससे रहे हैं और डर किस बात का है?
ये दिखाता है कि प्रधानमंत्री का इकबाल मिट चुका है और अब बात देश की साख पर आ गई है।
: AICC मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन @Pawankhera जी
18% टैरिफ बनाम 0% - आइए समझाता हूं, कैसे झूठ बोलने में माहिर प्रधानमंत्री और उनकी कैबिनेट इसपर भ्रम फैला रहे हैं। और, किस तरह से वो भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से देश के कपास किसानों और टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स को धोखा दे रहे हैं।
बांग्लादेश को अमेरिका में गारमेंट्स निर्यात पर 0% टैरिफ का फायदा दिया जा रहा है - शर्त बस इतनी है कि वो अमेरिकी कपास आयात करें।
भारत के गारमेंट्स पर 18% टैरिफ की घोषणा के बाद जब मैंने संसद में बांग्लादेश को मिल रही खास रियायत पर सवाल उठाया, तब मोदी सरकार के मंत्री का जवाब आया - “अगर यही फायदा हमें भी चाहिए, तो अमेरिका से कपास मंगवानी होगी।”
आखिर, ये बात तब तक देश से छुपाई क्यों गई?
और, ये कैसी नीति है? क्या यह सचमुच में कोई विकल्प है - या फिर “आगे कुआं, पीछे खाई” की हालत में फंसाने वाला जाल?
अगर हम अमेरिकी कपास मंगवाते हैं तो हमारे अपने किसान बर्बाद हो जाएंगे। अगर नहीं मंगवाते, तो हमारा टेक्सटाइल उद्योग पिछड़कर तबाह हो जाएगा।
और, अब बांग्लादेश यह संकेत दे रहा है कि वह भारत से कपास आयात भी कम या बंद कर सकता है।
भारत में टेक्सटाइल उद्योग और कपास की खेती आजीविका की रीढ़ हैं। करोड़ों लोगों की रोज़ी-रोटी इन्हीं पर टिकी है। इन क्षेत्रों पर चोट का मतलब है लाखों परिवारों को बेरोज़गारी और आर्थिक संकट की खाई में धकेल देना।
एक दूरदर्शी और राष्ट्रहित में सोचने वाली सरकार ऐसा सौदा करती जो कपास किसानों और टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स - दोनों के हितों की रक्षा और समृद्धि सुनिश्चित करती।
लेकिन इसके ठीक उलट, नरेंद्र “सरेंडर” मोदी और उनके मंत्रियों ने ऐसा समझौता किया है जो दोनों क्षेत्रों को गहरी चोट पहुंचाने वाला साबित हो सकता है।
#FarmersFirst 🇮🇳
भारत पर अमेरिकी टैरिफ - 3% से बढ़कर 18%
अमेरिका पर भारतीय टैरिफ - 16% से घटकर 0%
भारत $100 बिलियन का अमरीकी आयात बढ़ाएगा -
मगर, अमेरिका का ऐसा कोई commitment नहीं आएगा।
सौदे के नाम पर भारत के ख़िलाफ़ ये आर्थिक आघात होता रहा - और PM चुपचाप, हाथ बांध कर, खड़े देखते रहे।