India is the land of Shashtarth (intellectual debate). If SKM has honest courage, they should invite @KanganaTeam for a TV debate to prove that #KangnaRanaut is wrong and apologize. But then, courage is a big word for cowards who threaten her with violence.
जब वामपंथी पार्टियों के हथियारबंद साथी आदिवासियों की हत्या करते हैं तो छोटा सा समाचार छपता है। @SitaramYechury और @cpimspeak की जिम्मेदारी तय नहीं होती। बिट्टू बजरंगी के लिए मोदी दोषी हैं तो नक्सलियों के लिए दिल्ली में बैठे कॉमरेड क्यों नहीं?
रजनीकांत जी की उम्र 72 साल है जबकि योगी आदित्यनाथ जी की उम्र 52 साल है। जब रजनीकांत जी योगी जी से मिले तो उन्होंने योगी जी के पैर छुए। भारतीय संस्कृति में छोटे बड़ों के पैर छूते हैं।
रजनीकांत को लोग भगवान की तरह पूजते हैं मगर वो अपनी से छोटी उम्र के व्यक्ति के चरणों में गिर गए।
उर्दू यदि भारतीय भाषा है तो इसे देवनागरी या अन्य स्थानीय लिपियों में लिखा जाना चाहिए। अरबी-फारसी लिपि में लिखी जाने वाली उर्दू को भारतीय मानना एक बड़ी भूल होगी। #StopImposingUrdu
मिजोरम पर बमबारी राजेश पायलट और सुरेश कलमाडी ने की थी। यह बात अमित मालवीय ने नहीं, कॉमरेड पत्रकार शेखर गुप्ता ने लिखी है। @SachinPilot को समर्थकों से कहना चाहिए कि वे सोनिया गांधी को चुनौती देने पर उनके पिता की रहस्यमय मृत्यु की जांच के लिए प्रदर्शन करें। @amitmalviya
हिंदुओं का खलनायकीकरण कैसे किया जाता है @timesofindia से सीखें। एक ही रिपोर्ट के अनुसार बिट्टू बजरंगी दंगाई है, लेकिन नूंह के मदरसे में तिरंगा फहराया जा रहा है। मोनू मानेसर को राजस्थान DGP क्लीनचिट दे चुके हैं लेकिन @vineetjaintimes के पट्ठे #MonuManesar को ‘Accused’ बता रहे हैं।
प्रधानमंत्री का भाषण ख़त्म हो गया लेकिन भाषण की फैक्ट चेकिंग जारी है। मिज़ोरम में वायु सेना की भूमिका को लेकर ग़लत बोला गया। अब उसके बाद दरभंगा एम्स के तथ्य सामने आ गए हैं। लगता है आख़िर में एक ही तथ्य बचा रह जाएगा। यही कि भाषण में भले सौ तथ्य ग़लत हैं लेकिन यह तथ्य सही है कि भाषण प्रधानमंत्री ने दिया था। कुछ पत्रकार भाषण लिखने वाले को दोष दे रहे हैं। भाषण देने वाले को नहीं। जैसे वे लिखने वाले को स्कूल के दिनों से जानते हैं। नाम ही बता दीजिए उनका। इसलिए कॉलम लिखना हो तो इसी पर पन्ना भर दीजिए कि विपक्ष चूक गया। जवाब देने वाले ग़लत बोल कर निकल गए और हंगामा सवाल पूछने वालों को लेकर हो रहा है। मणिपुर के सांसद ने बोल दिया कि उन्हें बोलने नहीं दिया गया। इससे बड़ी नाइंसाफ़ी क्या हो सकती है। कोई तो अख़बार होगा जो मणिपुर के दोनों सांसदों से कहे कि लोकसभा में बोलने नहीं दिया गया,कोई बात नहीं, हम अपने अख़बार का एक पूरा पन्ना देते हैं। आप लिखिए जो बोलना चाहते थे। हम पूरा का पूरा छाप देंगे।
ऐसी घटनाओं के बाद भी मीडिया इस्लाम और ईसाई जैसे मजहबों को 'धर्म' लिखता है। धर्म शब्द केवल सनातन के लिए है। इसका प्रयोग मनुष्य निर्मित राजनीतिक गिरोहों के लिए नहीं किया जाना चाहिए। #Dharma
करिया अक्षर भैंस बराबर…
राहुल देव जैसे कुपढ़ वामपंथी पत्रकार को जगतगुरु रामभद्राचार्य की यह चुटकी याद रहेगी। जिस झूठ को इन धूर्तों ने लोगों को मूर्ख बनाने के लिए गढ़ा था, उनको दोहराते-दोहराते ये खुद ही विश्वास कर बैठे हैं।
जगतगुरु श्री रामभद्राचार्य जी ने लगाई अपढ़-कुपढ़, शीघ्र रूठजाने वाले तथाकथित बुद्धिजीवी श्री राहुल देव की क्लास!!
"हिन्दू" शब्द के शास्त्रों में न होने का दावा ठोंका राहुल जी ने, फिर क्या हुआ देखिए...
(वामपंथ यह झूठ लिए घूमता रहता है कि हिन्दू शब्द बाहरी लोगों ने दिया)
अहसान मेवाती उर्फ पाकिस्तानी भी रवीश कुमार का बहुत बड़ा फैन है। उसकी धमकी #HateSpeech नहीं, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है। यूट्यूब पत्रकारिता के लिए इस वर्ष का रामनाथ गोयनका अहसान मेवाती को ही मिलना चाहिए। @ravishndtv@RNGAwards