I have sent a letter to Honourable CM of Uttarakhand with my suggestions to government of Uttarakhand. Hope government will go through it religiously and for the well being of the people of Devbhoomi would implement these suggestions with immediate effect.
लगातार दूषित होती भारतीय राजनीति को विकासपरक राजनीति की ओर वापस लाने और लगातार तीसरी जीत के लिये @ArvindKejriwal और @AamAadmiParty को मेरी हार्दिक बधाई।
@HemantSorenJMM झामुमो की सरकार गठित होने पर आपको शुभाशीष। आशा है, युवा नेतृत्व के हाथों में झारखण्ड अपने राज्य आंदोलनकारियों के सपने को पूर्णता देगा।
पुनः शुभकामनायें
उत्तराखण्ड के लोकगायक श्री नरेन्द्र सिंह नेगी जी एवं नाटक समीक्षक श्री दीवान सिंह बजेली जी को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, 2018 से सम्मानित होने पर शुभकामनायें।
आप दोनों ने उत्तराखण्ड को गौरवान्वित किया है।
अभी पता चला कि 108 सेवा के पूर्व कार्मिकों को सरकार ने जेल डाल दिया है। यह बर्दाश्त नहीं किया जायेगा, सरकार नौजवानों को रोजगार तो दे नहीं पा रही, वहीं उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें जेल डाल रही है। धिक्कार है ऐसी सरकार पर
गैरसैंण आन्दोलकारियों पर लगे झूठे मुकदमे सरकार तुरन्त वापस ले। जब अपनी पार्टी के उस कार्यकर्ता के खिलाफ आप मुकदमा वापस ले सकते हैं, जिसने एक दरोगा की आंख फोड़ दी थी, तो इन निश्छल आन्दोलनकारियों को क्यों जेल भेजा जा रहा है?
खानपुर के विधायक का वायरल वीडियो देखा, एक जनप्रतिनिधि का यह आचरण निन्दनीय है, मैं स्तब्ध हूं कि जिस राज्य से वह विधायक हैं, उसके बारे में उनके उतने घृणित विचार हैं, यह अक्षम्य है और उत्तराखण्ड की अवधारणा के खिलाफ भी।
उत्तराखण्ड में आपदा से आम जनता बेहाल है, सड़कें तो छोड़िये, पैदल रास्ते तक बह गये हैं और हमारी सरकार के वरिष्ठ मंत्री, वरिष्ठ नौकरशाहों के साथ मैट्रो रेल का मुआयना करने विदेश यात्रा पर हैं।
आपदा से प्रदेश में त्राहि-त्राहि मची है और मंत्रिगण एवं उच्च अधिकारी विदेश दौरे पर जा रहे हैं, आखिर जनता को आप वोट लेने की मशीन के अलावा भी कुछ समझते हैं।
गैरसैंण के विषय पर सभी आन्दोलकारी ताकतों से आह्वान है कि एक बार फिर से हम मिलकर गैरसैंण को राजधानी बनवा लें, ताकि उत्तराखण्ड के शहीदों की आत्मा को शान्ति मिल सके।
तब नहीं तो अब गैरसैंण, अब नहीं तो कब गैरसैंण।
वनाग्नि वीडियो कांफ्रेसिंग से नहीं रुकेंगी सरकार, जिस वन क्षेत्र में आग लगे, वहां के वन क्षेत्राधिकारी की जिम्मेदारी फिक्स करिये, आग खुद बन्द हो जायेगी। https://t.co/pUSAkr3N4z
सचिवालय में वन विभाग के अधिकारियों तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े सभी जिलाधिकारियों के साथ वनाग्नि की घटनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री श्री @tsrawatbjp#cmuttarakhand
वनाग्नि वीडियो कांफ्रेसिंग से नहीं रुकेंगी सरकार, जिस वन क्षेत्र में आग लगे, वहां के वन क्षेत्राधिकारी की जिम्मेदारी फिक्स करिये, आग खुद बन्द हो जायेगी।
@drharaksrawat@tsrawatbjp
२० मार्च से गैरसैंण में आहूत विधान सभा सत्र में गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाये जाने का सरकारी संकल्प लाया जायेगा या नहीं? यदि संकल्प नहीं लाना है तो यह कवायद मात्र ढोंग साबित होगी।
@tsrawatbjp@PrakashPantBjp@satpalmaharaj @UttarakhandBJP
गैरसैंण को हमने उत्तराखण्ड की महान जनता की स्वीकार्यता से 1992 में राजधानी बना दिया था, अब अपनी ही सरकारें, अपने ही लोग, इसे नकारने की कोशिश करते हैं, तो मन कचोटता है।
अभी भी बहुत कुछ बाकी है और हां, यह केवल एक स्थान नहीं है, आत्मा है उत्तराखण्ड की।
जनता जाग चुकी है, गैरसैंण के विषय पर सभी आन्दोलकारी ताकतों से आह्वान है कि एक बार फिर से हम मिलकर गैरसैंण को राजधानी बनवा लें, ताकि उत्तराखण्ड के शहीदों की आत्मा को शान्ति मिल सके।
तब नहीं तो अब गैरसैंण, अब नहीं तो कब गैरसैंण।
कुछ साल पहले नरु भाई का एक गीत आया था, सब्बे धाणी देरादूण। जब पूरी सरकार गैरसैंण में थी और आन्दोलनकारी विधान सभा भवन से १० कि०मी० दूरी पर थे, सरकार ने तब सुध ना ली और अब गैरसैंण आन्दोलनकारियों को भी देहरादून ले आये हैं।
वाह रे डबल इंजन
पुलिस प्रशासन के दम पर जनता की आवाज को दबाना बन्द करे सरकार, गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाये जाने के लिये विधान सभा का एक विशेष सत्र आयोजित कर तुरन्त निर्णय लिया जाय।