तो सरकार अब खुल कर सामने आ रही है कि उखाड़ लो हमारी %# यदि दम है तो। ये @nitin_gadkari का कथन है (मनी कंट्रोल पर), पर गडकरी या @narendramodi यह बताएँ कि आपने प्योर पेट्रोल का विकल्प किस पेट्रोल पम्प पर दिया है? एक्सट्रा प्रीमियम तो प्रीमियम पेट्रोल है, जो 2009 में भी मिलता था और तब के ‘प्योर पेट्रोल’ से 10-12% महँगा होता था।
एक तो कभी ठीक से बताया नहीं कि कौन सा तेल दे रहे हैं, उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी की, और अब ज्ञान दे रहे हैं कि दिक्कत है तो ₹167 वाला भरवाओ! जो लोग बोलें उन पर नागपुर में FIR करवाओ?
कायर! कापुरुष!!
@dm_kannauj महोदय जनगणना 2026-2027 के प्रथम चरण का कार्य प्रगणको द्वारा पूरा किया ज़ा चुका है, कृपया ससमय हमारे भुगतान को हमारे खातों में प्रेषित करने के संबंध में उचित दिशा निर्देश करने का कष्ट करें | - शिक्षक संघ अध्यक्ष pspsa
>नाम ज्ञानेंद्र सिंह
>जिलाधिकारी पीलीभीत
>मोदी जी की अपील पर खुद का एस्कॉर्ट व अतिरिक्त वाहन को हटाया
>ऑफिसर्स कॉलोनी में रहने वाले अधिकारियों को पैदल आने का निर्देश दिया
>DM साहब चाहते तो अन्य लोगों की तरह रील बना सकते थे
>लेकिन DM साहब ने चुपचाप काम करना उचित समझा
>हर एक अच्छे और बुरे अधिकारी पर हमारी नजर रहती है
>अच्छे काम करने वाले अधिकारी का हम सम्मान करते है
>बेईमान अधिकारियों का हम क्या करते है वो तो आप सभी जानते है।
मा. मुख्यमंत्री जी, परिषदीय शिक्षको को छुट्टियों में जनगणना के कार्य मे लगाए जाने के बदले उन्हें अर्जित अवकाश (EL) प्रदान किये जाने हेतु संबंधित अधिकारी को आदेशित करने का कष्ट करें।
@CMOfficeUP@myogiadityanath@thisissanjubjp@ChiefSecyUP
जनकसुता जग जननि जानकी,
अतिसय प्रिय करुना निधान की।
मेरे राघवेंद्र सरकार की प्राणप्रिया, परमादर्श नारी, भारतेश्वरी माता सीता के जन्मोत्सव 'सीता नवमी' की आप सभी को शुभकामनाएं🙏
जनता के मुद्दे -
1- शिक्षा
2- स्वास्थ्य
3- रोजगार
4- गरीबी
5- मंहगाई
सरकार के मुद्दे -
1- वंदे मातरम्
2- पाकिस्तान
3- हिंदू मुस्लिम
4- मुझको गाली दी
विपक्ष के मुद्दे -
1- EVM हटाओ
2- जाति जनगणना
4- लोकसभा स्पीकर हटाओ
5- वोट चोरी
मीडिया के मुद्दे -
1- सीमा हैदर का छठा बच्चा
2-मुस्कान को जेल में बेटी हुई है
3- आम काट कर खाते हो या चूसकर
भारत में एक ऐसी किताब है , जिसे 2 वर्ष 11 माह 18 दिन में तैयार किया गया, वह भी कई देशों की किताबों से नकल करके।
उस किताब को तैयार करने में एक पूरी टीम लगी थी, लेकिन पिछले आधे दशकों से केवल एक ही व्यक्ति का महिमामंडन किया जा रहा है।
क्या इतिहास का केवल आधा सच बताकर और वही पढ़ाकर देश का भला किया जा सकता है?
अपने कीमती विचार अवश्य दें।
आरक्षण पर इतना जोरदार कोई सत्ताधारी या विपक्ष का कोई देश मे नेता नहीं बोल पाया है।
बृजभूषण शरण सिंह अब आरक्षण और जातिगत कानूनों के विरोध में खुलकर सामने आ रहे हैं क्योंकि उनको पता है उनका आस्तित्व किसी दल की दम पर नहीं बल्कि खुद की दम पर है।
बिहार के सारण में जो लड़की कुएँ में मरी पाई गई, उसके माता-पिता और बहन ने बयान बदल लिया है। अब बयान वही है जो पुलिस का था।
लड़की की आत्महत्या हुई। NHRC ने केस लिया। पुलिस ने बच्ची से वर्दी में कैसे बात की, जबकि कानून इस पर स्पष्ट है कि वो ऐसा नहीं कर सकते।
चाहे नीट वाली छात्रा हो या सारण की, बिहार पुलिस ने अपना कर्तव्य निभाया है। ये पता नहीं कि कर्तव्य किसके प्रति निभाया। न्याय के प्रति तो नहीं दिखता।
@khurpenchh ने हाल के दिनों में सिस्टम की लापरवाही और भ्रष्टाचार से जुड़े कई दस्तावेज पलटकर सुर्खियां बटोरी.
दिल्ली पुलिस अब इनका पता तलाश रही है.
मेरी यह व्यक्तिगत राय है की इस देश को एक नहीं सैकड़ों खुरपेंच की जरूरत है जो सिस्टम की खामियों को उजागर करें और सुधार की गुंजाइश बनें...
पुलिस का तो काम ही है ऊपर के आदेश का पालन करना वो तो अपना काम करेगी ही,
अभी तो fssai के अफसरों की पोल खोली है तो ये इतना छनछना गए हैं,
आगे कई विभागों की पोल खोली जाएगी|
भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लड़ाई जारी रहेगी।
17 Jan 2016- रोहित वेमुला का सुसाइड, जातीय उत्पीड़न के आरोप ( पूरे देश की खबर बनी, नेताओं का ताँता उनके परिवार वालों से मिलने में लग गया, UGC ने तो नया नियम ही बना दिया )
26 Feb 2016- लखनऊ में इंजीनियरिंग के छात्र लवकेश मिश्रा ने सुसाइड किया, चिट्ठी में HOD पर आरोप लगाया, ना कहीं खबर बनी ना कोई नेता उनके दरवाज़े तक गया. कोई नाम भी नहीं जानता होगा.
सच ये है कि इस देश में जाति हमें हर रोज मारती है फर्क बस इतना है कि राजनीति ने एक वर्ग के छात्रों को हाशिये पर फेंक दिया है. क्योंकि उनके जीने और मरने से सियासतदानों को कोई फर्क नहीं पड़ता.उनके संघर्ष से वोट नहीं मिलते.
इस हमाम में सब एक जैसे हैं…