Are more than 50 right wing goons threatening with violence right outside the mandir marg police station not a "breach of peace" for the Delhi Police?
This hooliganism is being enabled while peaceful protestors are being framed as disruptors in the imagination of the people.
In a small Greek restaurant in Cambridge my journey of love began.
Rajiv and I created a world filled with love, laughter and memories. On 10th November, I share that world with you.
ये आंध्र प्रदेश की पूर्व स्वास्थ्य मंत्री है
लोकल बॉडी चुनाव में उम्मीदवार का पर्चा भरने के लिए जा रही थी
बाकी आंध्र प्रदेश पुलिस का व्यवहार देख लीजिए
पूर्व मंत्री महोदया को सीधा जमीन पर पटक दिया
लोकचंद्र में आलूचना अनिवार्य है 🥱
हम ITBP समेत सभी बहादुर सैनिकों को सलाम करते हैं, क्योंकि वे विपरीत परिस्थितियों में भी डटकर मुकाबला कर रहे हैं।
क्योंकि देश में एक ऐसी सरकार है, जो न शहादत को सलामी देती है, न बहादुरी को शाबाशी। हालांकि, ये पहली बार नहीं है।
• साल 2020 में गलवान में हमारे 20 बहादुर जवान शहीद हुए, लेकिन तब मोदी ने चीन को क्लीन चिट देते हुए कहा- न कोई घुसा है, न कोई घुसा हुआ है
• DGs की कॉन्फ्रेंस हुई तो उसमें भी यह बात कही गई थी कि 65 में से 26 पेट्रोलिंग पॉइंट पर अब भारत का कंट्रोल नहीं रहा
मोदी की क्लीन चिट की वजह से ही लद्दाख से लेकर अरुणाचल तक चीन दुस्साहस दिखा रहा है और फिर से साबित हो गया है: नाम नरेंदर, काम सरेंडर
: AICC मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन @Pawankhera जी
📍 दिल्ली
My thoughts are with everyone affected by the heavy rains in Tamil Nadu.
I appeal to Congress leaders and workers to reach out to families in the affected areas and help with relief. Please work closely with the local authorities, and give special attention to the elderly and the most vulnerable.
To my sisters and brothers in Tamil Nadu: we stand with you. Please stay safe.
30 साल तक सत्ता में बने रहने की बात अमित शाह जनता के भरोसे नहीं कठपुतली ज्ञानेश कुमार की वोट चोरी के भरोसे कह रहे हैं
जनता ठीक करेगी
अमित शाह कहीं जा नहीं पाते इसलिए वो विदेश यात्रा पर मोदी जी पर तंज कस रहे हैं - जिन्होंने 104 विदेशी यात्राएँ की हैं
1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की महारैली "वोट बचाओ, देश बचाओ" अभियान का महत्त्वपूर्ण पड़ाव है।
वोट चोरी के आरोप, मतदाता सूची से नाम कटने और चुनाव आयोग की भूमिका पर उठ रहे सवालों ने लोकतंत्र की बुनियाद को हिला दिया है। जनता के वोट के अधिकार की रक्षा आज सबसे बड़ी लड़ाई है।
मैं राजस्थान के सभी कांग्रेसजनों और जागरूक नागरिकों से अपील करता हूं कि इस रैली में बड़ी संख्या में पहुंचें। प्रत्येक नागरिक का एक-एक वोट देश का भविष्य तय करता है। उसकी रक्षा के लिए आवाज़ बुलंद करना हम सभी का कर्तव्य है।
एक वर्ष में 4 बार वियतनाम, ऐसा क्या है वियतनाम में कि एक वर्ष में 4 बार जाना पड़ रहा है।
अगर किसी को घूमने भी जाना होता है तो एक बार या दो बार।
लेकिन यहां तो एक वर्ष में 4 बार।
क्या चल रहा है वहां ? क्या खास है वियतनाम में?