@NationalDastak प्राइवेट फैक्ट्रियों में काम करने वाले कर्मचारियों की वेतन इतनी हो जिससे उनका घर का गुजारा अच्छे से चले इस पर सरकार एवं जिम्मेदार लोगों को ध्यान देना चाहिए अधिकतर देखा जा रहा है कि कंपनियां फायदे में है कर्मचारियों को सैलरी समय से महंगाई के हिसाब से नहीं बढ़ाते।
संविधान में लोकसभा और विधानसभा में अगर अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति के लिए सुरक्षित सीटें नहीं होती तब हाल यह होता कि इन जातियों के सांसद विधायक दिया लेकर ढूंढने पड़ते। आरक्षण वह प्रतिनिधित्व है जिसकी वजह से यह राजनीति में दिखाई दे रहे हैं।
•यह वीडियो दुनिया के हर इंसान के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा होनी चाहिए❤️
•जरा सोचिए, एक ऐसा पक्षी जिसकी त्वचा फूल से भी ज्यादा नाजुक और मुलायम है, उसे 150 किमी/घंटे की रफ्तार से आई ऐसी लेदर बॉल लगी, जो पत्थर से भी भारी महसूस हो सकती है..यह घटना बिग बैश लीग के दौरान हुई
•इतनी जोरदार चोट लगने के बावजूद उस नन्हे पक्षी ने हार नहीं मानी..वह फिर उठा, खुद को संभाला और दोबारा खड़ा हो गया🥹❤️
•इससे बड़ी मोटिवेशनल वीडियो शायद ही कोई हो
•हम इंसानों को भी जिंदगी की मुश्किलों के सामने इसी तरह मजबूत बने रहना चाहिए, गिरना कोई हार नहीं है, हार तब है जब हम दोबारा उठने की कोशिश छोड़ दें
•ईश्वर हमें भी हर मुश्किल का सामना करने की ताकत दे और उम्मीद कभी न छोड़ने का हौसला दे🙏❤️
भारत के ईंट भट्टा कारखाना बंधुआ मजदूर का केंद्र है, सरकार को संज्ञान लेना चाहिए, पीढी दर पीढ़ी शोषण होता है और इसका शिकार सिर्फ़ बहुजन वर्ग के लोग है,
ग़रीबी के कारण कुछ पैसा ले लेते हैं फिर असली खेल चालू होता है, भट्टा संचालक ब्याज़ पर ब्याज़ बढ़ाता जाता है, उसकी मजदूरी से वह कभी ब्याज छोड़ो मूल भी नहीं भर पाता,
पूरा जीवन शोषण का शिकार होते हैं बच्चे नहीं पढ़ पाते इसीलिए उनको भी मजबूरी में यही कार्य करना पड़ता है, पूरा परिवार ही इसमें लिप्त हो जाता है, दिन रात मेहनत करते हैं फ़िर भी कर्ज उतारने में जीवन बीत जाता है,
बहुत खतरनाक स्थिति है, कहने को आजादी के 80 वर्ष हो गए लेकिन बंधुआ मजदूरी आज भी जारी है,
इस मार्मिक दृश्य से आप आहत नहीं हुए है तो समझिए आप मनुवादी है, शोषण की व्यवस्था मनुवाद की देन हैं ।
@hindipatrakar कैंसर की बीमारी ऐसे थोड़ी फैल रही है फैलाई जा रही है जनता को काम किया जा रहा है मोटा मुनाफा कमाया जा रहा है भारत देश में हर खाने पीने की चीज में मिलावट है। 😭
@bstvlive इसीलिए अधिकारी सरकारी अस्पतालों पर विश्वास नहीं करते हैं प्राइवेट में इलाज कराते हैं। सोचो इतने बड़े अधिकारी के बच्चों के साथ में इस तरह खिलवाड़ होता है तो आम जनता के साथ में क्या होता होगा।
@JeetuBesla बिल्कुल सही जवाब दिया पत्रकार महोदय को ऐसे पत्रकारों को जवाब मिलना जरूरी है पत्रकारिता का पैसा स्वतंत्र होता है यह संविधान का चौथा स्तंभ है।
भारत की मुख्य धारा की मीडिया में 90% न्यूज़ एंकर और पत्रकार एक ही जाति से आते है। यहाँ पर कोई आरक्षण नहीं है, फिर भी इसकी रैंकिंग 180 देशों में पिछले साल तक 157 वे स्थान पर थी, इस साल इससे भी नीचे गर्त में गई होगी।
इसका सबसे बड़ा कारण क्या है, घटिया दर्जे के जातिवादी मानसिकता के दो कौड़ी के मसखरे, मीडिया पर क़ब्ज़ा करके इसको अपनी जोकरी का अड्डा बना लिया है।
इसीलिए मैं हमेशा कहता हूँ, मीडिया में भी हर वर्ग का प्रतिनिधित्व होना चाहिए, अब इसी जोकर @Aamitabh2 को देखो, ये दुनिया भर में भारतीय पत्रकारिता को किस स्तर पर भद्द पिटवायेगा सोचो 👇 🤡
धत्त! ये कैसी पत्रकारिता है? खेत में चिड़िया उड़ाने बैठे हो क्या अग्निहोत्री?
अरे थोड़ा तो अपनी उम्र का लिहाज करिए इतना चीखेंगे तो कलेजा बाहर को आ जाएगा फिर समेटते नहीं बनेगा।
आरक्षण का नाम सुनते ही आगबबूला हो उठे।
कहते हो पानी नहीं मिला, रोटी नहीं मिली जबकि सालों पहले किसके साथ क्या हुआ था ये आप भी जानते हो।
सब एक ही थाली के चट्टे बट्टे लगते हो लेकिन आराम से आरक्षण का विरोध करो चिल्लाओगे तो नुकसान होगा।😀
@WasimAkramTyagi यह पत्रकार पूरे समाज का माखोल उड़ा रहा है। जबकि अभी हाल ही की घटना है कि एक विधायक जो जिनको मंदिर में पूजा नहीं करने दी गई है कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जी मैदान में गए थे उसे मैदान में हवन करके इसका शुद्धिकरण किया गया है यह वर्तमान की घटनाएं हैं।