ऊर्जा प्रबंधन द्वारा बिजली कर्मियों पर कीगई उत्पीड़न की कार्रवाइयों के विरोध में संघर्ष का शंखनाद।
मा. मुख्यमंत्री जी से अनुरोध हैकि बिजली कर्मियों पर की गई उत्पीड़न की सभी कार्रवाइयों को निरस्त कराये जाने की कृपा करें,जिससे बिजली कर्मी निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कराते रहे।
पूजनीय @myogiadityanath महराज जी
जहां एक तरफ हिंदू धर्म के पावन दिवस पर शासन द्वारा अवकाश घोषित हो रहा तो दूसरी तरफ बिजली विभाग आज़मगढ़ के कुछ अधिकारी अवकाश के दिन भी कार्य करने का पत्र जारी कर रहे है!
किसका आदेश सर्वोपरि? कब अपने धर्म के त्यौहार को हम मनाएंगे ?
@aksharmaBharat
@UPPCLLKO की बैठक में चेयरमैन द्वारा टीजी–2 कर्मचारियों के संबंध में“दलाल”जैसी टिप्पणी आपत्तिजनक एवं निंदनीय है । टीजी 2 कर्मचारियों के सम्मान व मनोबल पर यह सीधा आघात है
संघ तत्काल सार्वजनिक खेद एवं सम्मानजनक स्पष्टीकरण की मांग करता है
@myogioffice@aksharmaBharat@ANI@RVPPKSUP
स्मार्ट मीटर योजना के नाम पर उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ डालना अस्वीकार्य कभी तकनीकी के नाम पर कभी सुधार के नाम पर मालामाल हो रही है मीटर कंपनियां भुगत रही जनता।
उपभोक्ता परिषद ने प्रदेश में बड़े पैमाने पर बिजली इकाइयों के बंद रहने पर उठाए सवाल केंद्र कानून के तहत कंस्यूमर राइट रूल 2020 की धारा 10 के तहत गांव शहर सबको देना है 24 घंटे बिजली लेकिन उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य जहां आज भी रोस्टर लागू।
उपभोक्ता परिषद ने प्रदेश में बड़े पैमाने पर बिजली इकाइयों के बंद रहने पर उठाए सवाल केंद्र कानून के तहत कंस्यूमर राइट रूल 2020 की धारा 10 के तहत गांव शहर सबको देना है 24 घंटे बिजली लेकिन उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य जहां आज भी रोस्टर लागू।
बिजली कंपनियों की ARR व बिजली दर की सुनवाई शुरू आज विद्युत नियामक आयोग में यूपीएसएलडीसी की आम जनता की सुनवाई में दर्जनों उत्पादन इकाइयों को बंद करके प्रदेश के उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली न देने का मुद्दा छाया रहा। यहां लो डिमांड कर मशीन बंद और वहां प्रदेश में आज भी रोस्टर लागू।
उत्तर प्रदेश भारत का पहला राज्य जहां आज भी रोस्टर व्यवस्था है लागू जबकि भारत सरकार द्वारा बनाए गए इलेक्ट्रिसिटी कंज्यूमर राइट रूल 2020 के तहत अब देश के सभी विद्युत उपभोक्ताओं ग्रामीण व शहरी को 24 घंटे बिजली आपूर्ति का अधिकार।
ड्राफ्ट राष्ट्रीय विद्युत नीति 2026 उपभोक्ता विरोधी, निजी घरानों को लाभ पहुंचाने वाली: आज राज्यसभा में ऊर्जा मंत्रालय का बयान पूरी तरह साफ देश के सार्वजनिक ऊर्जा क्षेत्र को निजी क्षेत्र में ले जाने की साजिश करना जिससे सरकारी क्षेत्र में ऊर्जा क्षेत्र का वर्चस्व हो समाप्त।
आज उत्तर प्रदेश सरकार का बजट प्रस्तुत होने जा रहा है। ऐसे में प्रदेश के 3 करोड़ 62 लाख विद्युत उपभोक्ताओं को इस बजट से बड़ी उम्मीदें हैं।रोस्टर प्रणाली को पूरी तरह समाप्त कर सभी उपभोक्ताओं को 24 घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने का रास्ता साफ होगा।
प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र को नई गति देगा बजट कुछ मामलों में हुई निराशा सरकार को अब निजीकरण का फैसला वापस लेकर सरकारी क्षेत्र में बिजली निगमो को आगे बढ़ाने के लिए ठोस कार्य योजना से आगे बढ़ना होगा– उपभोक्ता परिषद।
बिजली के निजीकरण, इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 एवं प्रस्तावित नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 के विरोध में आज राजधानी लखनऊ के शक्ति भवन पर हुआ जोरदार विरोध प्रदर्शन।
व्यापक जनहित में इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल व प्रस्तावित नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 को वापस लिया जाये।
बजट में क्यों नहीं मिला ऊर्जा क्षेत्र को कोई बेल आउट पैकेज अब तक का सबसे बड़ा खुलासा बिजली क्षेत्र के निजीकरण के बाद ही बेल-आउट पैकेज देने की साजिश: 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट से हुआ खुलासा।
ईंधन अधिभार शुल्क व प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर के मामले में विद्युत नियामक आयोग में पहले से ही लोकमहत्व प्रस्ताव दाखिल किए जा चुके हैं अब जल्द ही इस पर अंतिम फैसला आने की उम्मीद है वहीं उपभोक्ता परिषद फिर एक बार विद्युत नियामक आयोग के सामने पूरे मामले को ले जाएगा।
यूपी की बिजली कंपनियों की रेटिंग में हुआ सुधार यह साबित करता है कि सुधार बिना निजीकरण के भी संभव है। उन्होंने कहा कि जब सरकारी डिस्कॉम्स का प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है, तो ऐसे में बिजली के निजीकरण से जुड़े सभी फैसलों पर तत्काल रोक लगाने की घोषणा राज्य सरकार को करनी चाहिए।
यूपी की बिजली कंपनियों की रेटिंग में हुआ सुधार यह साबित करता है कि सुधार बिना निजीकरण के भी संभव है। उन्होंने कहा कि जब सरकारी डिस्कॉम्स का प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है, तो ऐसे में बिजली के निजीकरण से जुड़े सभी फैसलों पर तत्काल रोक लगाने की घोषणा राज्य सरकार को करनी चाहिए।
उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर विवाद ने पकड़ा तूल उपभोक्ता परिषद ने विद्युत नियामक आयोग में लोक महत्व विधिक प्रस्ताव दाखिल किया बिजली कंपनियों पर कठोर कार्यवाही की उठाई मांग कहां बिजली कंपनियां राष्ट्रीय कानून का कर रही उल्लंघन उन पर अवमानना की कार्यवाही जरूरी।
केंद्र सरकार के प्रस्तावित इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2025 पर उद्योग व उपभोक्ता संगठनों के साथ अहम राष्ट्रीय बैठक संपन्न उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने प्रभावी तरीके से रखा देश व प्रदेश के उपभोक्ताओं का पक्ष।
प्रदेश में जी वर्टिकल व्यवस्था के आधार पर उपभोक्ता सेवा की बात हो रही है और 1912 पर शिकायतों के निस्तारण का जिम्मा है उसकी उपभोक्ता परिषद नेपोल खोल दी और बता दिया की पूरी व्यवस्था खस्ता हाल है इसे बंद किया जाना चाहिए चलते हुए पावर सेक्टर में प्रैक्टिकल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रदेश में जी वर्टिकल व्यवस्था के आधार पर उपभोक्ता सेवा की बात हो रही है और 1912 पर शिकायतों के निस्तारण का जिम्मा है उसकी उपभोक्ता परिषद नेपोल खोल दी और बता दिया की पूरी व्यवस्था खस्ता हाल है इसे बंद किया जाना चाहिए चलते हुए पावर सेक्टर में प्रैक्टिकल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।