इस बत्��मीज महिला को HC का आदेश तक पता नहीं है और कह रही है UPSC क्लियर किया है। ऐसे मूढ़मतियों को इसी तरह सार्वजनिक रूप से बेइज्जत करने की आवश्यकता है।
पुरे बस में हर आदमी ने मास्क पहन रखा है!सड़क छाप सम्पादक के आलावे!ऐसे छिछोड़े ही किसी नेता कि पूँछ पकड़ सीधे संपादक बन गए!फिर पत्रकारिता को चेला ट्रांसफर का धंधा बना दिया!एक दूसरे के चेलों को प्रमोट करने के लिए!उसी का असर आज टीवी पत्रकारिता मूर्खो का पेशा बना है!
इस आदमी ने साबित किया की कमीनापन में कोई सानी नहीं!टीवी पर दिन रात Add से पिछले साल भी दिल्ली की स्थिति बेहतर बताता रहा... जब तक गृहमंत्री ने एंट्री नहीं मारी... अब कल तक हजारों बेड खाली की बात करने वाले cm को देखिए..
@CMOMaharashtra माननीय उधव जी ठाकरे महाराष्ट्रा मे कोरोना अपने चरम पे है|
बेड नही है
सारे स्कूल कॉलेज को खाली पड़े मैदान को क्यो नहीं अस्थायी हॉस्पिटल बना दिया जाय एक बार महाराष्ट्र की जनता से और कॉरपोरेट से अपील तो किजीए
आपका आम नागरिक
@ZeeNews@aajtak@NewsNationTV
नरेंद्र कोहली जी ने मुझसे ठिठोली करते हुए कहा था, 'संदीप देव, आज की दुनिया में देव होते हैं क्या!'
'हे श्रद्धेय होते हैं। देखिए न आप जैसे देव पुरुष के गोलोक गमन पर कितनी आंखें अश्रुपूरित हैं।'😥
रामायण और महाभारत जैसी कालजयी महाकाव्य को आज के पाठकों के समक्ष सरलता से प्रस्तुत क���ने वाले अप्रतिम कथाकार श्रद्धेय नरेंद्र कोहली जी का करोना से निधन। ईश्वर उन्हें मोक्ष प्रदान करें। 🙏
अमेरिका-यूरोप में कुछ नहीं है सीखने को, सब सीखना भारत में है, भारत के शास्त्रों में है!
यह सुंदर मन विदेश की धरती से लगातार चार साल पैदल चलकर भारत पधारे हैं!
विदेश सीख रहा है भारत का योग, ध्यान और सनातन धर्म! हम कब सीखेंगे?
सर, वही तुगलकी लॉक डाउन और वही तुगलकी लॉक डाउन लगाने वाला आज लोगों को याद आ रहा है। लोग अपने राज्य के मुख्यमंत्रियो�� से इतने नाउम्मीद हैं कि उनसे सवाल पूछने की बजाए उसी तुगलकी लॉक डाउन लगाने वाले कि तरफ उम्मीद से ताक रहे हैं कि कब वो फिर से कमान अपने हाथ में ले और स्तिथि सम्भाले।
बीजेपी शासित राज्यों में कोरोना मैनेजमेंट का सच ... मौत हुई 112 लेकिन सरकार के record में केवल चार... शर्म आनी चाहिए सरकारों को जो टीवी मीडिया में अच्छा अच्छा दिखने के लिए लोगों को मरने के लिए छोड़ दे रही हैं
दिल्ली के राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के बाहर एक युवक रोता हुआ मिला। पूछ�� तो बताया-पिछले साल कोरोना में यहां हॉस्पिटल में खूब सेवा की, यहां के टॉयलेट साफ किये, कोरोना वॉरियर का सर्टिफिकेट मिला। आज माँ को कोरोना है तो हॉस्पिटल में उन्हें भर्ती करने के लिए बेड नहीं मिल रहा।
@Central_Railway@drmbct@GM_CRly
जब महाराष्ट्रा सरकार के गाइड लाइन मे ट्रेन से यातायात सिर्फ अनिवार्य सेवा वाले कर्मचारी को है|
लेकिन ट्रेन मे सारे लोग सफर करते हैं तो कोरोना का चैन ब्रेक कैसे होगा|