He is the same officer who climbed on the truck to hit Geetanjali Wangchuk before we all jumped in to save her. Later he grabbed her hair.
Sandeep Lamba is not mentally fit to serve in the police.
हीरो राहुल गांधी नही हैं।
दीपके या सोनम नही हैं। हीरो वे बच्चे है जो सीना ताने, लाठियां खा रहे हैं। वे लोग है, जो जोमैटो स्विगी पर खाना, पानी, दवाएं भेज रहे हैं।
हीरो वे उम्रदराज अंकल, आंटी है, जिनके शायद अपने बच्चे पेपर लीक से प्रभावित नहीं। मगर वे बाहें फैलाये, घायल बच्चों को सहला रहे हैं।
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हीरो वे है, जो इस ब्रूटलिटी की तस्वीरे देखने के बावजूद अगली सुबह, प्रोटेस्ट साइट पर पहुँच रहे हैं। हीरो वे है जो छोटे छोटे यू ट्यूब चैनल बनाकर, मौके की असली कहानी हम तक भेज रहे हैं।
हीरो वे पुलिस वाले भी है, जो मजबूरन लाठी उठाते हैं, मगर उसका प्रहार जितना हल्का हो सके उतना रखते हैं। तो अपनी बात, अपनी सराहना, अपना आशीर्वाद उनकी ओर रखे..
जो इस संग्राम में असली हीरो हैं।
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और बचे राहुल गांधी, या दीगर नेता। तो आईटी सेल की स्टाइल में शेर की तरह चलते, सिंघम के म्यूजिक या स्लो मोशन की फिल्मी स्टाइल में डालने के लिए उम्र पड़ी है यारों। कर लेना।
क्योकि उनको सहयोग, सपोर्ट देने का मौका तो रोज रहेगा। पर आज सहारा, हिम्मत उन्हें दें, जो अपनी ऊर्जा और लहू, जंतर मंतर की बैरिकेटिंग पर बिखरा रहे हैं।
उन्हें इसकी सख्त जरूरत है।
प्लीज!!
वैसे दो मिनट लेट होने पर भी आम परीक्षार्थियों को एग्ज़ाम सेंटर में घुसने नहीं दिया जाता! आधा घंटा लेट होने पर भी आपके बेटे को एग्ज़ाम देने दिया गया! बच्चे के लिए इससे बढ़िया और क्या हो सकता है!
वैसे आप लकी हैं या ऐसा आपकी ऊँची पहुँच के चलते हुआ? जो भी हो, हर कोई इतना लकी या ऊँची पहुंच वाला नहीं होता है। लिहाज़ा देश की हर परीक्षा में शामिल होने वाले हर बच्चे को कितनी भी देर से भी पहुँचने पर परीक्षा देने का हक़ मिले, उम्मीद है आप इसके लिए इसी सत्र में एक प्राइवेट मेंबर बिल लेकर आएंगे @nishikant_dubey !
रेलवे ग्रुप-डी अभ्यर्थियों से जून माह में परिणाम जारी करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन जून समाप्त होने की कगार पर है और अभी तक परिणाम को लेकर कोई आधिकारिक स्पष्टता नहीं है।
01 जुलाई को 11 बजे सभी बच्चों तैयार रहे
#RAILWAY_GROUPD_RESULT_DO
#RAILWAY_GROUPD_RESULT_DO
🚨 जून में रेलवे ग्रुप-D रिजल्ट जारी करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई आधिकारिक अपडेट नहीं आया।
हजारों नहीं, लाखों युवाओं की उम्मीदें रिजल्ट पर टिकी हैं। अब समय आ गया है कि हर अभ्यर्थी एकजुट होकर अपनी आवाज़ बुलंद करे।
हक़ की लड़ाई, एकजुटता के साथ! ✊
#RAILWAY_GROUPD_RESULT_DO
जून में रेलवे ग्रुप-D रिजल्ट जारी करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई आधिकारिक अपडेट नहीं आया। अब समय आ गया है कि हर अभ्यर्थी एकजुट होकर अपनी आवाज़ बुलंद करे
हक़ की लड़ाई, एकजुटता के साथ!
#RAILWAY_GROUPD_RESULT_DO
The recruitment process should inspire confidence, not uncertainty. Dear @RailMinIndia, please release the Railway Group D result soon. #RAILWAY_GROUPD_RESULT_DO
CBSE मामले में जो गोदी चैनल अपनी ‘ख़बर का असर’ बताए, उन सबको थोड़ी लानत भेज दीजिए। ये सार्थक जैसे बहादुर छात्र और सोशल मीडिया की वजह से बने दबाव का क्रेडिट लूट रहे हैं।
अब कुमार विश्वास को भी ट्रीटमेंट मिल गया 🔥
शिक्षकों या छात्रों को जो उंगली करेगा उसका इसी प्रकार इलाज किया जाएगा सबके सामने।
RT करो रे इसे तो ताकि विश्वास तक पहुँचे।
This is India's ‘FREE PRESS’ !
He's an anchor on Doordarshan, a central government TV channel. He's always spewing venom. When a child questioned the flaws in the CBSE exam testing, this national channel anchor @AshokShrivasta6 labeled him a P@kistani child. Imagine the mental trauma the child and his entire family must have suffered!
This is a serious crime. It's online bullying. If it were any other country, he would be in jail for violating child rights. But the @narendramodi government won't take action against this anchor. If they do, we'll let you know.
This is PRESS FREEDOM here… you can FREELY commit any crime while sitting in the government's lap.
Thank you
कॉकरोचों का पहला असर सुप्रीम कोर्ट पर…
याद है न, कुछ महीने पहले NCERT की 8वीं की किताब में ज्यूडिशियल करप्शन के अंश पर सुप्रीम कोर्ट तम-तमाया था!
और इसे लिखने वाले तीनों एक्स्पर्ट को “बिरादरी” से निकालने, "हुक्का-पानी" बंद करने जैसा आदेश दिया था!
आज सुप्रीम कोर्ट ने अपने उस आदेश को वापस ले लिया है
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की खंडपीठ ने अपने पिछले आदेश को रिकॉल कर लिया है,
और कहा है कि केंद्र और राज्य सरकारों के शैक्षिक संस्थान ख़ुद तय कर सकते हैं कि वो इनके साथ काम करें या न करें!
सुप्रीम कोर्ट ने अपने पिछले आदेश में ये भी कहा था कि इन एक्सपर्ट्स ने “जानबूझ” कर “ज्यूडिशरी को भ्रष्ट दिखाने” के इरादे से ये अंश सामाजिक विज्ञान की किताब में डाले थे।
पर अपने आज के आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने इन एक्सपर्ट्स की “मंशा” पर की गई ख़ुद की उपरोक्त टिप्पणी को भी हटा लिया है!
तो लगता है, कॉकरोचों का मैसेज देश के मुख्य न्यायाधीश तक पहुँच गया है!
उम्मीद है आने वाले दिनों में कोर्ट से "न्याय" के साथ साथ “भाषाई संयम” भी मिलेगा…
क़रीब 6 हज़ार किलोमीटर दूर बैठी एक पत्रकार @HelleLyngSvends ने लोकतंत्र के ठहरे हुए पानी में एक कंकड़ डाल दिया है। एक पूरा का पूरा सिस्टम उससे लड़ने बैठ गया है। कोई गाली दे रहा है। कोई उसे किसी सोरोस का एजेंट बता रहा है। कोई उसके X अकाउंट पर बढ़ रहे काउंट को गिन कर अपने 15 करोड़ के पैकेज को जस्टिफ़ाई कर रहा है।
लगे रहो चाटुकारों। पत्रकार अपना काम करते रहेंगे। यहां के हों या वहां के।
बंगाल में भाजपा को TMC से 32 लाख ज्यादा वोट: SIR से हर सीट पर 30 हजार वोटर हटे, 176 सीटों पर इतने ही मार्जिन से जीत : दैनिक भास्कर का विश्लेषण
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BBC जर्नलिस्ट सर्वप्रिया सांगवान का ये पिछले साल का वीडियो है जिसमें ये बता रही थीं कि "जो सिस्टम बना दिया गया है उसमें विपक्ष को हारना ही है" फिर से सुनिए