पकौड़े और समोसे की तरह
बिकते हुए सामान हो गए।
मीडिया वालो तुम्हारी कृपा से हमारे
चाहते खान सर मुसलमान हो गए।
खान सर के समर्थन में वीडियो की बाढ़ आ गई है।
पहली बार सुप्रीम कोर्ट पर भड़का हाईकोर्ट.. EC की लंका लगाई !
बुरा फंसे अमित शाह.. ज्ञानेश तो नहीं बचेंगे !
एक्शन नहीं लिया तो तानाशाही चलेगी… हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट की एक न छोड़ी !
@Editor_SanjayS@boltipriyanka
ये युवा एक बहुत बड़ी कंपनी में काम करते हैं और कल अपनी जिंदगी में पहली बार प्रोटेस्ट करने आए
युवाओं में इतनी ज़्यादा निराशा है इस सरकार से! कुछ भी ठीक से चल नहीं रहा। पेपर लीक होते है, डेटा हैक होता है, और फिर भी धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा नहीं दे रहे।
और नहीं सहेंगे
ख़ान सर को ये समझना चाहिए कि वे एक ऐसे निज़ाम में रह रहे हैं जिसमें मुसलमानों की एक भूल भी माफ़ नहीं की जाएगी। इस निज़ाम में हिंदुओं को सौ भूल करने की छूट है। अगर ब्राम्हण हुए तो हज़ार भूल कर सकते हैं और अगर ताक़तवर कारोबारी हैं तो एक लाख भूल करने की छूट मिली हुई है। मगर यदि कोई विधर्मी, ख़ास तौर पर मुस्लिम एक ही भूल करेगा तो उसे ख़ान सर से फैसल ख़ान बना दिया जाएगा, उसके ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज़ कर दी जाएगी, उसे जेल भेजने की तैयारियाँ शुरू हो जाएंगी।
मीडिया उसे टुकड़े-टुकड़े गैंग के रूप में पेश करने लगेगा, उसे पाकिस्तानी, गद्दार कहा जाएगा, उसके घरों पर बुल्डोज़र पहुँच जाएंगे, उसको औकात में लाने की हर संभव साज़िश की जाएगी। ये भी समझ लेना चाहिए कि हिंदुत्व कोई भी मुस्लिम हीरो नहीं चाहता है। वह मुस्लिम समाज के सामाजिक-राजनीतिक-बौद्धिक नेतृत्व को पूरी तरह से साफ़ कर देना चाहता है ताकि वह संगठित न हो, अत्याचार और भेदभाव के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने की हिम्मत न करे।
अब ख़ान सर एक ही सूरत में बच सकते हैं। वे बीजेपी की राजनीति के टूल बन जाएं। कहा जा रहा है कि अतीत में ऐसा करते भी रहे हैं। इसमें कितनी सचाई है हमें नहीं पता। मगर हिंदु्त्व उन्हें उसी सूरत में बख्शेंगे अगर वे उनके पाले में चले जाएंगे। जो लोग ये कह रहे हैं कि ख़ान सर ने हदें लाँघ दीं, वे या तो नासमझ हैं या फिर ख़ुद इस्लाम-हेटर हैं। उन्हें हर दिन हिंदू ब्रिगेड के उग्रवादी बयान, कार्रवाईयाँ नहीं दिख रही हैं। वे उन्हें अनदेखा कर रहे हैं, बल्कि कई बार हौंसला भी बढ़ाते नज़र आ जाते हैं। वे ऐंकर, वे चैनल जो तरह-तरह के जिहाद गढ़ते रहे हैं, गढ़ रहे हैं, फल-फूल रहे हैं।
और जहाँ तक कोचिंग का मसला है तो ऐसे लोगों की आँखों में आज ही कोचिंग क्यों चुभने लगी...वे कोटा के कोचिंग उद्योग को बंद करवाने के लिए मुहिम क्यों नहीं छेड़ रहे थे। ख़ान सर ने ग़लती की है। उन्होंने मुस्लिम होते हुए भी ख़ुद को इस देश का बराबर का नागरिक समझने की ग़लती की है। उन्होंने ग़लती की है कि मुस्लिम होते हुए भी आवेश में आकर अनाप-शनाप बोल दिया। उन्हें हमले को चुपचाप सहना था। उन्हें पुलिस से मदद लेनी चाहिए थी। इतना आत्मविश्वासी नहीं बनना था कि हिंदू ब्रिगेड को ये लगने लगे कि साला कटुआ अपनी औकात भूल गया।
@mukeshbudharwi के कलम से।
अब समझ मे आया BJP क्यों नहीं चाहती की बैलेट पेपर से चुनाव हो?
Rahul Gandhi ऐसे ही नहीं बैलेट पेपर से चुनाव करवाने की मांग कर रहे थे
वो दूरदर्शी नेता है उन्हें पता है कि की अगर देश मे बैलेट पेपर से चुनाव हो तो
Narendra Modi, Amit Shah समेत BJP के बड़े नेता चुनाव हार जायेगे और बहुतो की तो जमानत भी जब्त हो जाएगी
राजा की जान ही EVM मे बसी है...
आपको क्या लगता है?
अंजना ओम कश्यप ने अबकी बार गलत लोगो से पंगा ले लिया है।
देश के सारे शिक्षक बारी बारी से अपने अपने हिसाब से उनके ऊपर लगे दलाली के मेकअप को धो रहे है।
शायद अब आगे से कभी शिक्षकों पर ऐसी दलाली नहीं करेगी..😂😂