बेसिक शिक्षा विभाग के अध्यापकों का 'हल्ला बोल'
मूलभूत मांगों को लेकर शिक्षकों का अभियान
बारिश और जलभराव के बीच ऑनलाइन हाजिरी का विरोध
भारी बारिश और खराब रास्तों पर समय से ना पहुंचने पर अनुपस्थिति
#BasicEducation#UpBasicSchool @imrakeshRmp
'सामाजिक न्याय' के योद्धा, संविधान के रक्षक, समृद्ध PDA के शिल्पकार, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व मुख्यमंत्री एवं कन्नौज के लोकप्रिय सांसद श्री अखिलेश यादव जी को जन्मदिवस के अवसर पर अनंत शुभकामनाएं!
@yadavakhilesh@samajwadiparty
Look at this man
यह वही व्यक्ति है जिसे इस देश की जनता ने भरे स्टेडियम में बू किया।
यह वही व्यक्ति है जो अपनी पत्नी के दूर जाने के दर्द से जूझ रहा था।
यह वही व्यक्ति है जो घरेलू पीड़ा में होते हुए भी किसी का सहारा नहीं पा सका।
यह वही व्यक्ति है जिसने इस देश के लिए अपना सौ फीसदी दिया और आज हमें यह ट्रॉफी जितवाई।
हमें इस व्यक्ति से माफ़ी मांगनी चाहिए जो हमने इसे अथाह पीड़ा दी।
जीवन में कोई न कोई कसक तो रह ही जाती है। इंसान अपने सबसे बुरे और सबसे अच्छे दिनों में अपने सबसे करीबी व्यक्ति को याद करता है।
वर्ल्ड कप जीते तो, विवाहित खिलाड़ियों में
रोहित शर्मा की पत्नी आईं उन्होंने रोहित को हग किया।
सूर्यकुमार यादव की पत्नी आईं उन्होंने सूर्या को हग किया।
विराट कोहली ने अपनी पत्नी को वीडियो कॉल किया।
रविंद्र जड़ेजा की पत्नी आईं उन्होंने जड़ेजा को हग किया
मगर
हार्दिक पांड्या जो अपने बुरे दिनों से निकलते हुए एक नए आसमान में प्रवेश किया, न तो इसके बुरे दिनों में कोई था जो उसे सांत्वना देता और न ही कल उसके पास कोई था जिसके गले लगकर वो खुशी में ज़ोर से रोता।
Hardik Pandya 🫂 💔
चुनाव के पहले फ़ीता काटने की आतुरता का ख़ामियाज़ा देश को भुगतना पड़ रहा है - ऐसी भी क्या जल्दी थी मोदी जी?
▪️अटल सेतु
• ₹18,000 करोड़ की लागत
• मोदी में उद्घाटन किया 12 जनवरी, 2024
• अटल सेतु में दरारें
▪️जबलपुर एयरपोर्ट
• ₹450 करोड़ की लागत
• मोदी ने 10 मार्च, 2024 को उद्घाटन किया था
• एयरपोर्ट कैनोपी का हिस्सा टूट गया
▪️दिल्ली T1 एयरपोर्ट
• ₹4600 करोड़ की लागत
• मोदी ने 10 मार्च 2024 को उद्घाटन किया था
• छत टूटने से 1 मौत, 6 घायल
▪️श्रीराम मंदिर, अयोध्या
• लागत ₹1800 करोड़
• मोदी ने 22 जनवरी, 2024 को उद्घाटन किया था
• अधूरे मंदिर में शिखर ना होने से पानी अंदर टपका
• बरसात में निकाई ना होने से मंदिर और प्रांगण जल मग्न
न्यूयार्कर में Evan Osnos ने लिखा है कि अमरीका में टीवी पर प्रेसिडेंशियल डिबेट की शुरूआत 1960 में हुई थी। उस समय डेमोक्रेट पार्टी से उप राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार थे। रिपब्लिकन से जॉन एफ़ कैनेडी। वाशिंगटन के NBC चैनल के स्टुडियो में निक्सन और कैनेडी के बीच डिबेट हुई थी। डिबेट से पहले निक्सन सर्वे में आगे चल रहे थे।मामूली बढ़त हासिल थी। डिबेट के बाद कैनेडी मामूली अंतर से राष्ट्रपति पद का चुनाव जीत गए।
डिबेट से पहले कैनेडी ने कई दिन लगाकर तैयारी की थी। बकायदा इंडैक्स कार्ड बनाया और सारे तथ्यों को ठीक से याद कर लिया। कैनेडी ने अपनी तैयारी से निक्सन को हरा दिया। इतिहासकार डोरिस केयर्न्स (doris Kearns) ने अपनी किताब An unfinished Love story : A Personal History of the 19060’s में यह सब लिखाहै।
2020 में जब बाइडन और ट्रैप के बीच डिबेट हुआ तब स्टुडियो में गेस्ट भी थे। इस बार नहीं थे केवल दोनों थे। ट्रैप 78 के हैं और बाइसन 81 के हैं। उम्र में ख़ास अंतर नहीं है। बाइडन और ट्रंप के डिबेट को लेकर यू ट्यूब से लेकर अख़बारों में आपको कई विश्लेषण मिल जाएंगे। देख सकते हैं। मैंने देखा नहीं और पढ़ा नहीं। देखूंगा और पढूंगा ज़रूर। 2024 में राहुल गांधी प्रधानंत्री मोदी को डिबेट के लिए चुनौती देते रहे मगर उन्होंने स्वीकार नहीं किया।
अमरीका में डिबेट की परंपरा टीवी से शुरू नहीं होती है। कई सदी पुरानी है। 4 जुलाई 1776 को अमरीका आज़ाद हुआ था। उसके बहुत पहले से वहां डिबेट आंदोलन का रुप ले चुका था। इसे LYCEUM MOVEMENT कहते हैं। आज भी LYCEUM HALL आपको दिख जाते हैं। न्यूयार्क में जहां ब्राड-वे है वहां मुझे किसी हॉल के आगे LYCEUM लिखा दिखा था।
1885 में लिंकन और डगलस के बीच जब डिबेट होती थी तो कई घंटों तक चलती थी। दोनों अपना भाषण लिख कर लाते थे और लिखा हुआ भाषण पढ़ते थे। डिबेट लंबी हो जाती थी तो ब्रेक होता था और लोग घर चले जाते थे। डिनर के बाद फिर लौट कर आते थे और डिबेट होती थी। उस दौर में हालत यह थी कि डिबेट के लिए हॉल ख़ाली नहीं मिलता था।
यू ट्यूब पर राधा वल्लभ त्रिपाठी बनारस में हुए एक ऐसे ही डिबेट का शानदार उल्लेख करते हैं। राधावल्लभ जी बताते हैं कि 19 वीं सदी में दयानंद सरस्वती शास्त्रार्थ का पुनर्जागरण करते हैं। उन्होंने बहस की शर्तें विकसित की। श्रोताओं की संख्या,स्थान, वक्ताओं के नाम और संख्या पहले से तय हो। पूरी बहस लिखी जाएगी और डिबेट के बाद दोनों पक्ष हस्ताक्षर करेंगे कि हम पराजित हुए या विजित हुए।दयानंद सरस्वती बकायदा अपने ख़र्चे से पोस्टर छपवाते थे और लगाते थे। उनका विज्ञापन पांच भाषाओं में होता था। संस्कृत, अंग्रेजी हिन्दी गुजराती और मराठी में। काशी का शास्रार्थ संस्कृत में हुआ था। 16 नवंबर 1869 के दिन काशी के आनंदबाग में दयानंद और पंडितों के बीच शास्त्रार्थ होता है। मूर्ति पूजा के विरोधी थे दयानंद सरस्वती।
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UPSI 2021 SCAM एक ऐसी भर्ती की कहानी है जिसमें ना नंबर सार्वजनिक किए गये
ना जिसमें रैंक सार्वजनिक हुईं।
बड़े अधिकारियों और मुख्यमंत्री जी की नाक के नीचे भारत व उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी नकल वाली भर्ती की 100+ FIR के बाद भी कोई CBI जांच तक नहीं कराई गई ।
अगर इसकी जांच कराई जाय तो राजस्थान SI से बड़ा घोटाला सामने आएगा।
#UPSI_2021_CBI_INVESTIGATION
#UPSI_SCAM9534
#UPSISCAM_9534
#UPSI_NEEDS_CBI_INVESTIGATION 🙏
देश का बड़ा हिस्सा ख़ासकर UP/बिहार- एम्स और सफ़दरजंग जैसे अस्पतालों पर निर्भर हैं। ये अस्पताल पूरी तरह पैक हो चुके हैं। बावजूद इसके नये अस्पतालों का निर्माण होते कहीं नहीं दिखता। GST के नाम पर इतना टैक्स चूसा जा रहा है मगर स्वास्थ्य, शिक्षा और पुलिस, तीनों व्यवस्थाएँ सड़ रही हैं।
@RahulGandhi@yadavakhilesh सर एक नजर आप यूपी के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 2013 से पढ़ा रहे प्रशिक्षित स्नातक अनुदेशक शिक्षक पर देने की महती कृपा करें । हम 11 वर्षो से अल्प मानदेय 9हजार पर पढ़ाने को विवश है 11 साल से हमारा शोषण हो रहा हमारी आवाज बनिये सर हमे न्याय दिलाये सर