“जबरन कोर्ट मैरिज और धर्म परिवर्तन”
हिंदू लड़के से लव मैरिज करने वाली शबाना का वीडियो वायरल है, जिसमें वह कहती हैं कि उससे जबरन शादी और धर्म परिवर्तन कराया गया और अब वह इस्लाम में लौटना चाहती हैं।
"हम मुसलमान जरूर हैं, लेकिन आज तक अपने हाथ से एक मुर्गी भी नहीं काटी। ऐसे परिवार को गोमांस के आरोप में फंसा दिया। हमने 10 साल से बकरीद भी नहीं मनाई!"
अखलाक के भाई जान मोहम्मद ने कहा। 28 सितंबर 2015 को बिसाहडा में फ्रिज में गोमांस रखने के शक में अखलाक की पीट–पीटकर हत्या कर दी गई!
अपडेट:🚨
कश्मीरी शॉल बेचने वाले युवक की बेरहमी से पिटाई के मामले में
बजरंग दल नेता अंकुर सिंह और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
भीड़ ने युवक को घेरकर पीटा, पहचान के नाम पर टारगेट किया और खुलेआम कानून को चुनौती दी।
अब गिरफ़्तारी हुई है — लेकिन सवाल अब भी वही है:
अगर दबाव न होता, वीडियो न बनता, आवाज़ न उठती,
तो क्या ये गिरफ्तारी होती?
नफ़रत की राजनीति सड़कों पर जान ले रही है,
और इंसाफ़ अक्सर बहुत देर से आता है।
रेप पीड़िता- "मैं सोशल मीडिया में वीडियो डाल दूंगी"
BJP नेता अशोक सिंह- "उससे मेरा कुछ नहीं होगा, मुझे कोई डर नहीं है"
भाजपा में इतने बलात्कारी क्यों निकल रहे है!
मुकदमे वापस कैसे लिए जाते हैं यह यूपी के मुख्यमंत्री से पूछ लो! जिन्होंने मुख्यमंत्री बनते ही अपने ऊपर दर्ज तमाम मुकदमे वापस लेकर खुद को ‘साफ’ कर लिया था। योगी आदित्यनाथ पर मुख्यमंत्री बनने से पहले कुल 28 मुकदमे दर्ज थे, जिनमें 22 मुकदमे बहुत गंभीर थे।
@WDSiddiqui2011 2014 के बाद से हिन्दू धर्म कुछ ज्यादा ही खतरे में आ गया है शायद.।
समय समय पर धर्म के नाम पर भीड़ द्वारा ऐसी मॉब लिंचिंग आम बात हो चुकी है..
लोकतंत्र पर भीड़तंत्र हावी हो रहा है.। 😡
ओडिशा के संबलपुर ज़िले में 24 दिसंबर को एक प्रवासी मज़दूर की मॉब लिंचिंग हुई इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है !!
मृतक की पहचान 30 साल के जुएल शेख के रूप में हुई है जो पश्चिम बंगाल का रहने वाला था और संबलपुर में दिहाड़ी मजदूर के तौर पर काम करता था !!
गुंडाराज की हद पार!
भाजपा नेता ने एक दिव्यांग नागरिक से पूछा –
“किसे वोट देगा?”
उसने कहा – “सपा को।”
तो जवाब में
मुँह में डंडा घुसा दिया।
ये राजनीति नहीं,
ये आतंक है।
शर्म करो!
कौन सा लोकतंत्र है ये?
कौन सा संविधान है ये?
दिव्यांग व्यक्ति छाती ठोक कर बोला —
“मैं सपा को ही वोट दूँगा।”
छत्तीसगढ़ में पुलिस इन गुंडों के आगे असहाय नज़र आती है।
राजधानी रायपुर के मैग्नेटो मॉल में क्रिसमस 🎄 की सजावट तोड़ने वाले गुंडों के समर्थन में आज तेलीबाँधा थाना घेर लिया गया है।
थाने के सामने सड़क पर कब्ज़ा कर ट्रैफ़िक जाम कर दिया गया है,और पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। हालात ऐसे हैं कि यातायात को दूसरी ओर डायवर्ट करना पड़ रहा है।सड़कों पर नमाज़ पढ़ने पर आपत्ति है लेकिन भगवा गमछा डाल कर सड़क को घेरना राष्ट्रवाद है।
सवाल यह है— छत्तीसगढ़ में कानून का राज है या गुंडों का?
अपने बेटे सुलेमान की पीट-पीटकर हत्या किए जाने के 3 महीने बाद, खान परिवार ने हिंदू गांव छोड़ दिया!
अगस्त में, 20 वर्षीय सुलेमान खान पठान की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी, जिसमें उनके सबसे करीबी दोस्त भी शामिल थे। ये सभी लोग महाराष्ट्र के उनके हिंदू बहुल गांव के रहने वाले थे, जहां उनकी पांच पीढ़ियां रह चुकी थीं। तब भी, पठान के पिता रहीम—जिन्हें विश्वास था कि उनका गांव बाहर पनप रही नफरत से अछूता है—गांव छोड़कर नहीं गए। लेकिन जैसे-जैसे खतरा और दहशत बढ़ती गई, पिछले महीने परिवार ने 150 साल पुराने अपने घर को छोड़ दिया।
अगस्त में, जब उन्हें उनकी सबसे ज्यादा जरूरत थी, तो कोई भी नहीं आया, उन्होंने कहा। कई लोगों ने भीड़ को उसके बेटे सुलेमान को योजनाबद्ध तरीके से पीटते हुए देखा, फिर बारी-बारी से खान, उसकी पत्नी तबस्सुम और यहां तक कि उसकी बेटी मुस्कान को भी पीटते हुए देखा।
खान परिवार का दिल टूट गया। दशकों से, परिवार गांव वालों के साथ मिलकर त्योहार मनाता था। जब बाहर की दुनिया जल रही थी, तब भी गांव शांत था। उन्हें अब एहसास हुआ कि उनका गांव अब बदल गया है।
हाथ में बाप का कफन लेकिन एक हिंदू को देने चला खून। इस भाई की हिम्मत देखिए कितना मजबूत दिल होगा जो इतने नाजुक वक़्त में भी दूसरे के लिए सोच रहा है।
ये एक सोशल एक्सपेरिमेंट वीडियो है लेकिन इस इम्तिहान में इस भाई ने पूरे के पूरे नंबर ले लिए।
जैसे इसराइल ने गाज़ा के मासूमों का नरसंहार किया है, ठीक वैसा ही नरसंहार यह भाजपा नेता भारत के मुस्लिमों का कराना चाहता है!
ये है पश्चिम बंगाल का BJP नेता शिवेंदु अधिकारी!
कमाल की बात है,
इस नरसंहार के आह्वान पर ना तो अभी तक FIR हुई है, ना ही गिरफ्तारी!
AVBP अब डाइनामाइट नही, सड़कछाप गुंडे हो गये है. #मेरठ के बेगमब्रिज पर कारों के काफिले में, कारों से लटक कर हूटर बजाते ये AVBP कार्यकर्ता है. राहगीरों का जान मुसीबत में डाली और बीच बाजार जब कर हु़ड़दंग किया.
केस दर्ज है और थानेदार लाइन हाजिर
उस चचेरे भाई का नाम अरविंद कुमार है। किसी भी ‘टीबी वाले’ ने उसका नाम नहीं लिखा है। हाँ! अगर यही आरोपी ‘दूसरा’ होता तो उसके पूरे खानदान का नाम ‘रिपोर्ट्स’ में होता है।
जीवन में पैसे कमाना है तो बाबा बन जाओ अब देखो
धीरेंद्र शास्त्री को लेने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार का चार्टर्ड प्लेन मौजूद है और सीनियर पुलिस ऑफिसर ने धीरेंद्र शास्त्री का पैर छूने से पहले जूते उतार दिये..
सीधा-सीधा सवाल है, गोबर खाके
जवाब मत देना, संघियों।
जब तुम खुलेआम इज़राइल का समर्थन करते हो और फ़िलिस्तीन के मुसलमानों के ख़िलाफ़ खड़े रहते हो,
तो फिर तुम हमसे बांग्लादेश के हिंदुओं के लिए समर्थन क्यों चाहते हो?