कंगना के Gen Z को भ्रष्ट और बदसूरत कहने पर आशुतोष राणा का पलटवार! “शेर दहाड़ता है, कुत्ता भौंकता है…
कंगना रनौत के Gen Z को "भ्रष्ट और बदसूरत" बताए जाने वाले बयान पर अभिनेता आशुतोष राणा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "शेर दहाड़ता है, कुत्ता भौंकता है…"।
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"योगी आदित्यनाथ जी की इतनी ही लोकप्रियता है और दूसरे राज्यों में पैर रख रहे हैं, वहां पर BJP की सीट निकल रही है, तो फिर जिस प्रदेश के वह मुखिया हैं वहां पर 73 से 37 सीट कैसे हो गया"
~ वरिष्ठ पत्रकार राजीव रंजन जी
विपक्ष को बवाल काटना नहीं आता।
अभी तक तो पूछ रहे हैं कि छात्रों पर Pellet Gun चलाने के निर्देश किसने दिए ? अगर सवाल थोडा बदल दिया जाए कि “हिन्दू छात्रों” पर Pellet Gun चलाने की अनुमति किसने दी ?
"चप्पल उतारू सर.....नहीं.... नहीं... नहीं....चप्पल नहीं..."
इरफान जब लल्लन टॉप के स्टूडियो में गए तो लल्लन टॉप की पूरी टीम के द्वारा लगभग 1 मिनट की स्टैंड अप क्लेपिंग....
MY FAN MOMENT: meeting Mohd Irfan, the slum dwelling Mazdoor whose passionate reading of our Constitution at Jantar Mantar has gone viral and led to @RahulGandhi Rahul Gandhi seeking him out . @TheLallantop
इरफ़ान के वायरल होने के बाद एक मुलाक़ात तो बनती है. अब तमाम लोग मदद करने के लिए इरफ़ान को कॉल कर रहे. उससे मिलने जा रहे. बड़े नेता भी पहुँच रहे हैं. उम्मीद है तस्वीर बदलेगी.
@amie_story भैया के साथ मैं रजत. बने रहे @TheLallantop के साथ.
ऐसी तस्वीरों से डर लगता है. एक ओर देश-विदेश से लोग इरफान की मदद के लिए आगे आ रहे. और उस बीच कुछ लोग इरफान को संदेह की नज़र से देख रहे. पूछ रहे क्या ये भारत का नागरिक है या नहीं?
हद्द है.
कल जंतर-मंतर पर एक बार फिर इरफ़ान से मुलाक़ात हुई. वो वैसा ही था जैसा पहली बार मिला. जंतर मंतर के बाहर दरी बिछाए आंदोलन पर बैठा था. 20 जुलाई की लाठीचार्ज में पुलिस ने उसपर भी लाठियां भांजी. इरफान बताते हैं कि पुलिस ने उनका सिर पैर में फंसा कर मारा. कुर्ता फट गया. चप्पल खो गए. इरफान के पांव में चप्पल नहीं थे. उसे चप्पल भिजवा दिए हैं. लेकिन इरफान के चहरे पर वो मुस्कान थी जो उसे बाकियों से उसे अलग बनाती है. हर बार इरफान से मिलकर अपनी परेशानियां भूल जाता हूं. सोचता हूं ये इतना परेशान होकर भी मुस्कुराता है और हमारे हिस्से तो भगवान ने फिर भी बहुत कुछ दिया है.
इरफ़ान की कहानी लाचारी की नहीं हिम्मत की है.
अपने संस्थान @thelallantop का बहुत शुक्रगुज़ार हूं कि वो हमें इरफ़ान जैसी कहानियों तक जाने का मौक़ा देते हैं.
#cjp #jantarmantar #lathicharge
देशभर के आंदोलनकारियों के सूचनार्थ!
भाजपा और उनके संगी-साथियों के दुर्व्यवहार, दुर्वचनों और हिंसा को सब देख लें। इनका दुस्साहस देखिए कि अभी युवाओं को वचन दिए हुए चंद घंटे भी नहीं हुए हैं और ये भाजपाई अपने इतिहास को दोहराते हुए फिर से धोखा दे रहे हैं। भाजपा के ये संस्कारी नेताजी अपने शीर्ष नेतृत्व के दिये गये आश्वासन की सरेआम धज्जियाँ उड़ा रहे हैं और वीडियो भी बना रहे हैं। अब क्या ये भी डबल इंजन की टकराहट के कारण हो रहा है।
तुरंत गिरफ़्तारी हो!
भाजपाई तो अपने वचन के भी सगे नहीं हैं।
भरोसे का विलोम भाजपा!
देश में एक ऐसा एंकर नहीं होगा जो बरबस ऐसे .. और ऐसा बोल सके…ऐसे मेधावी व्यक्ति को क्यों नहीं मिले औपचारिकता शिक्षा के मौक़े? दिल्ली की एक झुग्गी बस्ती में रहते हैं मोहम्मद इरफ़ान…इन्हें सलाम 🙌🏼
मोदी जी, करोड़ों छात्रों का भविष्य बर्बाद करने के बाद अब आधी रात की Reel से उनका वक़्त बर्बाद मत कीजिए।
प्रधान बर्ख़ास्त। दोषियों पर कार्रवाई। छात्रों से माफ़ी।
इससे कम कुछ भी मंज़ूर नहीं।
आज छात्रों को बहुत बड़ी जीत मिली है।
याद रहे, प्रदर्शन में जिन छात्रों पर घातक हमले हुए - किसी का हाथ टूटा, किसी का पैर, किसी की पसली, पेलेट गन जैसे जानलेवा हथियार का इस्तेमाल किया गया, तो कई चोट खा कर critical हो गए - इन सबके सीधे ज़िम्मेदार गृह मंत्री अमित शाह हैं।
मांग साफ है, इस हमले के organisers से लेकर implementors तक, सभी की जवाबदेही तय हो और उनपर ऐसी कार्रवाई हो जो छात्रों को दिखे - तब जा कर होगा इंसाफ़।
अमित शाह जी, आपको जवाब तो देना ही पड़ेगा।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे education system को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है।
शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है।
सड़कों पर आ कर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डट कर खड़े होने वाले हर एक युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई।
2 मांगें अभी भी बाकी हैं - प्रधानमंत्री छात्रों और भारत के भविष्य को सम्मान देते हुए माफ़ी मांगें और छात्रों पर हिंसा के दोषियों पर कार्रवाई हो।
ये समाज के दूसरे वर्गों किसानों, मजदूरों, गरीबों, हर वो व्यक्ति जिसे इस सरकार ने दबाया है, कुचला है - अपने सम्मान के लिए संवैधानिक तरीके से डटकर खड़े होने में ही असली साहस है।
इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया है।
डरो मत!
Thank you PM for NOT firing Pradhan ji two weeks ago.
It gave us enough time for:
1. The end of godi media
2. A million funny memes
3. A thousand pictures of courage
4. The rise of a dozen new young political leaders
5. “56 inch ka chhota bandar”