समाजवादी पार्टी के नेता ने जा रही है एक मुस्लिम महिला की पीठ पर पोस्टर चिपका दिया 😱
जिससे मुस्लिम महिला डर गई किस तरह के लोग हैं यह जो महिलाओं के साथ इस तरह की हरकत करते हैं Rt 🙏
अमरावती के कुकर्मी #अयान अहमद" के घर बुलडोजर चल गया और चलना भी चाहिए ,
लेकिन नासिक वाले #अशोक बाबा का ऑफिस और टेबल अब भी सही सलामत है,
एक जैसे गुनाह थे दोनों फिर ये इंसाफ दुरंगा क्यों!!
यह ख़बर देखी क्या! यूपी के कुशीनगर में एक बच्ची के साथ दरिंदगी हुई। दरिंदगी करने वाला सुरेंद्र था। जिसने स्कूल से लौटते वक्त बच्ची को अपने पास बुलाया और फिर दरिंदगी के बाद बेहोश करके छोड़ दिया। लेकिन इस बीच परिजनों ने स्कूल के प्रिंसपल नईमुद्दीन अंसारी पर आरोप लगा दिया। बस फिर क्या था हिंदूवादियों को मौका मिल गया, उन्होंने खूब हंगामा काटा, नईमुद्दीन को गिरफ्तार किया गया। और हर बार की तरह बेगुनाह साबित होने से पहले ही नईमुद्दीन को गुनहगार मान लिया गया।
नईमुद्दीन को यातनाएँ दी गईं, उनका बहिष्कार किया गया। हिन्दुवादी संगठनों के लिए तो ऐसे किसी मामले में ‘नईमुद्दीन’ का आरोपी हो जाना ही काफी होता है। उन्होंने जितना कर सकते थे, उतना हंगामा किया। जांच शुरू हुई, जांच में पता चला कि नईमुद्दीन तो बेगुनाह है। असली गुनहगार तो पीड़ित बच्ची का पड़ोसी सुरेंद्र है। पुलिस ने सुरेंद्र को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया।
अब सवाल यह है कि जो हिन्दुवादी संगठन बच्ची को इंसाफ दिलाने के नाम पर हंगामा कर रहे थे, वो अब क्यों खामोश हैं? जिन्होंने नईमुद्दीन का बहिष्कार किया, वो अब नईमुद्दीन से माफी क्यों नहीं मांगते? अब सुरेंद्र का विरोध करके दिखाएं, उसका बहिष्कार करके दिखाएं!
फिर से गुड मॉर्निंग राजस्थान पुलिस
@PoliceRajasthan राष्ट्रपिता का अपमान करने वाली इस बिगड़ैल पर क्या कार्यवाही की गई ?
कोई भी देश उनके स्वतंत्रता सेनानी पर ऐसी भद्दी टिप्पणी बर्दाश्त नहीं करता।
परंतु जाने @BhajanlalBjp की पुलिस क्यों चुप है ?
दिल्ली के त्रिनगर में मुसलमानों की नफ़रत में सुअर तो पाले ही जा रहे हैं, अब मुसलमानों के साथ हिंसा करने का षडयंत्र किया जा रहा है। त्रिनगर के निवासी अब्दुल बारी पर अश्विनी, सचिन, मनीष और तरुण ने अपने गैंग के साथ हमला करने की कोशिश की है। अब्दुल बारी ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई है। सवाल यह है कि @CPDelhi की @DelhiPolice इन दंगाइयों को सबक़ क्यों नहीं सिखाती?
नफ़रत की आँधी चाहे जितनी तेज़ चले, इंसानियत की एक सच्ची तस्वीर उसे कमजोर कर देती है। जब मोहब्बत और भाईचारे के दृश्य सामने आते हैं, तो नफ़रत फैलाने वालों की बेचैनी खुद-ब-खुद बढ़ जाती है।
यह हिंदू महिला रुपये लेकर मस्जिद और मदरसों में देने के लिए खड़ी है और मुस्लिम बहुल इलाके में बिना किसी डर के सुरक्षित है यही असली ताक़त है हमारे समाज की।
आपसी सम्मान, सौहार्द और भाईचारे की इसी खूबसूरत परंपरा से हमारा देश भारत पूरी दुनिया में पहचाना जाता है।
आरती और अज़ान को ले कर जबलपुर के सिहोरा में विवाद की सच्चाई 8 साल के बच्चे आकिल ने बताया: नमाज के दौरान पुलिस मौजूदगी में आंसू गैस छोड़ी गई इनके भाई बेहोश हो गए, मामला तनाव में बदलता चला गया और पुलिस मुकदर्शक बनी रही, पहले क्यों नहीं रोका? अब 60 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है!
भाजपा के पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया को मोहम्मद साबिर से सीख लेनी चाहिए। एक तरफ साबिर हैं, जो बिना किसी का धर्म पूछे और बिना भेदभाव के हर जरूरतमंद की खिदमत कर रहे हैं। उनकी पहचान राजनीति नहीं, इंसानियत है, उन्होंने अपनी सच्ची नीयत और अपनापन से लोगों का दिल जीता है। यही असली दौलत है लोगों की दुआएं, सम्मान और भरोसा।
"तुम इंडिया से आए हो ना...क्या करने आए हो?
तुम लोग तो औरतों का रेप करते हो। मैं नहीं चाहती कि तुम हमारे आयरलैंड की औरतों का रेप करो"
: आयरलैंड की महिला ने बस स्टॉप पर खड़े भारतीय युवक से!
भारत में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध की खबर सारी दुनिया में पहुंचती है, जिससे भारत की छवि खराब हो रही है!
रुबिका लियाक़त , अंजना ओम कश्यप , चित्रा त्रिपाठी अगर हिम्मत है तो ऐसी पत्रकारिता करके दिखाओ ,
एक लड़की पत्रकार की हिम्मत देखिये , इंदौर में पत्थर बरसते रहे लेकिन वो निडर होकर पत्रकारिता करती रही, मैदान छोड़ कर नहीं भागी और सच दिखाती रही ,
" ये कोई कश्मीरी नहीं , ये कोई पाकिस्तान नही " ,
बेशर्म लोग । बेशर्म सरकार ।
अगर एक मेहनत से काम करने वाले बच्चे को बेहरहमी से मार के किसी को भी सुकून मिलता हो तो थू है ऐसी सोच पे , थू है इन ज़ालिमों पे।
#Dehradoon#Uttrakhand#Islamophobia
मुंब्रा के मुस्लिम बहुल इलाके में एक हिंदू लड़की ने रात 2 बजे भी खुद को सुरक्षित बताया। ❤️
आप को बता दे हाल ही में यहां से ओवैसी की पार्टी से शहर शेख चुनाव जीतकर कर काफी चर्चाओं में है
इस संघी महिला को सबने देखा लेकिन आसपास मौजूद हिंदू भाइयों पर किसी ने ध्यान नहीं दिया जो इस महिला की सारी नफ़रती एजेंडे को नाकाम कर दिए हैं। उसे साफ़ कह रहे हैं कि यहाँ से हटो और कहीं और जाकर शिकायत करो। ऐसे नफ़रत फैलाने वालों के ख़िलाफ़ हम सभी को इसी तरह खड़ा होना चाहिए।