मुहर्रम का जुलूस लेकर
दलितों की बस्ती को उजाड़ डाला इस्लामिस्ट्स ने
बिहार बेगूसराय में... मुसलमानों की भीड़ दलितों
के ऊपर कहर बनकर टूटी... दलितों को लगा था
कि भीम मीम भाई भाई हैं
लेकिन इस्लामिस्ट्स ने पत्थरों लाठी डंडो और
तलवारों से भीम के सैनिकों का भूत बना डाला🔥
संत कबीर नगर में एक दलित युवक की नासिर और तीन साथियों ने मिलकर आनंद गौतम की गला रेतकर निर्मम तरीके हत्या कर दी।
बताया जा रहा हैं कि आनंद गौतम बाहर चैनल में टाइल्स का काम करता हैं यहाँ अपने घर शादी समारोह में शामिल होने आया था जहाँ नासिर ने शादी समारोह में आई लड़कियों के साथ छेड़खानी करने की कोशिश की जिसको लेकर आनंद गौतम ने नसीर को थप्पड़ मार दिया जिसके बाद थप्पड़ का बदला लेने के लिए नासिर ने अपने तीन अन्य साथियों के साथ आनंद गौतम की गला रेतकर हत्या कर दी।
आज बसपा इकाई संत कबीर नगर का प्रतिनिधि मंडल पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचेंगे और साथ में प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर सख्त कार्यवाही की मांग करेंगे।
एससी से प्रेम। भारत मे यह सबसे बड़ा क्राइम समझा जा रहा है। इसी महीने चार घटनाएं हुई जिसमें दो दलित युवक की हत्या हुई व दो केस में लड़कीं की हत्या हुईं।। इनमे तीन घटनाओं में आरोपी ओबीसी जाति से है।
यह दो घटनाएं एक हफ्ते की है। इसमे;
1.बांदा जिले के ललित वर्मा से उंसकी पड़ोसी शिवानी चौहान ने भागकर शादी की। पुलिस सतना से दोनो को लेकर आई।।शिवानी का पिता सत्य चौहान थाने आया चाकू से अपनी लड़कीं को मार दिया। चौहान पूर्वांचल में नमक उत्पादन से जुड़ी नोनिया/लोनिया जाति लगाती है। जो ओबीसी में आती है।
2.मुज्जफरपुर के दलित युवक गौरीशंकर ने सुजाता यादव से भागकर शादी करी और हरियाणा में रहने लगे। पुलिस ने दोनो को बरामद किया। सुजाता यादव ने पति के साथ मर्जी से जाने की बात कही, उंसके बाद भी पति को जेल भेज दिया गया। लड़कीं अपनी मौसी के साथ रहने लगी जँहा उंसके भाई और माँ बहला फुसलाकर होली पर घर ले आये और भाई ने गला।दबाकर हत्या कर दी। यह मामला पता भी तब लगा जब गौरीशंकर जेल से बाहर आया और उसने मीडिया में पत्नी से सम्पर्क न होने का हवाला दिया, तब पुलिस ने जांच करी और भाई को गिरफ्तार कर लिया जिसने बताया कि उसने मारकर डेड बॉडी जला दी।।
दोनो मामलों में कॉमन यह है कि;
"चौहान (लुनिया) व यादव दोनो ही ओबीसी है। वरन व्यवस्था में शुद्र जाति से"
प्रश्न : कि अगर लड़के "दलित की जगह ब्राह्मण" होते तो क्या तब भी हत्या करते?
उत्तर : अजी हां। खुशियां मनाते। अहोभाग्य समझते, जो ब्राह्मण ने शुद्र लड़कीं से शादी करी।।
इंहा पुलिस की गलती है। पुलिस को प्रोफेशनल तरीके से ट्रेनिंग की जरूरत है। जब दोनो बालिग है तो उन्हें बरामद नही बल्कि "सुरक्षा" प्रदान करे।
में सैकड़ों बार लिख चुका हूं कि भारत मे;
"वर्ण व्यवस्था में शुद्र अथार्त ओबीसी के दिमाग मे यह सॉफ्टवेयर फिट कर रखा है कि तुम चाहे हमारे से नीचे हो लेकिन अवर्ण जाति अछूत (एससी) व आदिवासी से ऊपर हो। इसी मानसिकता में वो ब्रह्मन क्षत्रिय, वैश्य से नीचे होने को भी यह सोचकर स्वीकार कर लेता है कि चलो कम से कम एससी व आदिवासी से ऊपर है। इसी क्रम में वो एटॉसिटी करता है। आंकड़ों के अनुसार 90% एटॉसिटी केस ओबीसी के विरुद्ध है। जातिवाद के खात्मे के लिए शुद्र अथार्त ओबीसी जातीयो में काफी जनजागरूकता फैलाने की आवश्यकता है। जिससे ओबीसी व एससी/आदिवासी में समन्वय पैदा हो सके"
जय भीम। जय भारत।
विकास कुमार जाटव
NAME → Ashish Kuamr Jaiswal
FATHER NAME →S/0 Ashok Kumar
MOBILE →9161203203
📍88, STATION ROAD Jaunpur, MARDANPUR POST SADAR. Uttar Pradesh 222001
यह बाबा साहेब अंबेडकर जी पर अभद्र पोस्ट एडिट करके शेयर कर रहा है जो बिल्कुल बर्दाश्त योग्य नहीं है तथा सामाजिक माहौल खराब करने वाली है तथा लोगो में इसकी पोस्ट से आक्रोश फैलता जा रहा है जिससे सामाजिक वैमनस्यता के कारण कोई भी अप्रिय घटना हो सकती है
@Uppolice@dgpup@DMjaunpur@jaunpurpolice कृपया यथाशीघ्र आरोपी युवक पर कठोरतम कार्यवाही करने का कष्ट करे 🙏
@Mayawati जी
@BhimArmyChief
यादव लड़की से प्रेम की सजा मौत! 😡💔
बिहार के मुजफ्फरपुर में सुजाता यादव नामक लड़की ने भागकर दलित लड़के गौरीशंकर से प्रेम विवाह किया था।
लड़की ने कोर्ट में कहा कि उसने अपनी मर्जी से शादी की है। लड़की के भाई अभिषेक यादव को यह बर्दाश्त नहीं हुआ। अतः उसने घरवालों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी।
पुलिस को दोनों के प्रेम विवाह एवं बालिग होने की पूरी जानकारी थी। फिर भी लड़की के घरवालों और पुलिस की मिलीभगत से लड़के पर झूठी FIR दर्ज करा दी गई। लेकिन चूंकि लड़का दलित है, इसलिए लड़की अपने प्रेम विवाह पर अटल रही।
शर्म की बात है कि लड़की के बयान के बावजूद लड़के को जेल भेज दिया गया। इसी बीच कोर्ट के निर्देश पर लड़की को उसकी मौसी के घर भेजा गया। अब लड़की के परिजनों ने उसे बहला-फुसलाकर अपने घर बुला लिया। घर में लड़की के भाई अभिषेक यादव एवं अन्य परिजनों ने मिलकर उसकी निर्मम हत्या कर दी।
इतने से मन नहीं भरा तो इन जातिवादी हैवानों ने सबूत छिपाने हेतु अपने ही घर की मासूम लड़की के शव को नदी किनारे जला दिया। इस तरह अभिषेक यादव और उसके घरवालों ने समाज में अपने जातीय गुरूर को जीवित रखा। वैसे तो यादव स्वयं को OBC कहते हैं, लेकिन अगर सामने दलित हों तो उनका स्वभाव अगड़ों से भी ज्यादा निर्मम हो जाता है।
इस घटना पर समाजवादी पार्टी और राजद के सारे नेता एवं सामाजिक न्याय पर लच्छेदार लफ्फाजी करने वाले सामाजिक न्याय के सारे क्रांतिकारी कोमा में क्यों चले गए हैं? इसलिए मैं बार-बार कहता हूँ कि यादव सामाजिक कार्यकर्ताओं को सामाजिक न्याय पर काम करने की बजाय सबसे पहले अपने समाज की जातिवादी एवं सामंती मानसिकता को बदलने पर काम करना चाहिए।
इस मामले में सरकार से हमारी मांग है कि अभिषेक यादव सहित इस हत्या में शामिल सभी हैवानों को कड़ी से कड़ी सजा मिले। इन हरामखोरों को लगता है कि ये डायनासोर की प्रजाति के हैं। इनकी बहन ने दूसरी जाति में शादी कर ली तो इनकी पूरी प्रजाति ही नष्ट हो जाएगी। बस इसी जातीय अहंकार के चक्कर में इन्होंने अपनी ही बेटी की बर्बर हत्या कर दी।
BJP की B टीम अखिलेश यादव।
इस समय पूरा विपक्ष BJP से सवाल कर रहा है कि MP के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने पद के प्रभाव का उपयोग करके अपने परिजनों के नाम पर सैकड़ों प्लॉट कैसे खरीदे हैं।
लेकिन जाति का मामला देखते ही अखिलेश यादव तुरंत मोहन यादव के बचाव में खड़े हो गए और कह रहे हैं कि मोहन यादव को बदनाम करने के लिए भाजपा ने साजिश की है। वे पहले रियल एस्टेट का काम करते थे। क्या भाजपा यह नहीं जानती? ये आरोप इसलिए लग रहे हैं कि भाजपा रास्ता ढूंढ रही है कि 3 मुख्यमंत्री कैसे बदले जाएं। वे मुख्यमंत्री बदलना चाहते हैं इसलिए आरोप लगवा रहे हैं।
इस तरह अखिलेश यादव ने एक तीर से दोहरा निशाना लगाया है। एक तरफ अपनी जाति के मुख्यमंत्री के भ्रष्टाचार का बचाव भी कर लिया और दूसरी तरफ भाजपा को खुश भी कर दिया। हम इसलिए कहते हैं कि समाजवादी पार्टी विचारधारा विहीन पार्टी है। इन्हें केवल सत्ता में बैठकर आम जनता को लूटना आता है।
अछूतों का जीवन। 💔
यूपी, सीतापुर में एक गांव में 400 से अधिक लोग रहते हैं। वैसे तो सरकारी कागजों में उनके लिए सड़क पास है लेकिन उस पर दबंगों का कब्ज़ा था। वे रोड बनने नहीं देते थे।
अब आजादी के 79 साल बाद उनके लिए सड़क नहीं बन सका है। दलितों को आज भी अछूत बनाकर रखा गया है।
दलित शिक्षक पर भयावह हमला।
हापुड़ के होनहार रिसर्च स्कॉलर ओमपाल सिंह पर जानलेवा हमला भयावह है। कुछ बाइक सवार गुंडे उन्हें नशीला पदार्थ सुंघाकर उठा ले गए और फिर बुरी तरह हमला किया।
लोकल थाने के पुलिस अधिकारी जांच में पक्षपात कर रहे हैं। अतः इसमें SP महोदय को संज्ञान लेना चाहिए।
दलित छात्रा के साथ हॉस्पिटल में रेप।
लखनऊ के तेजस अस्पताल में डॉ विजय गिरी ने इलाज कराने आई मासूम छात्रा को नशीला इंजेक्शन देकर बेहोश किया और फिर दयनीय हालात में उसका रेप किया।
दलित महिलाएं कहीं भी सेफ नहीं हैं। उन्हें लाचार समझकर पापी भेड़िए हर जगह उनका शिकार कर रहे हैं।
Attack on a dalit girl's wedding. 😡
THAKUR CASTE HINDUS attacked relatives of a DALIT FAMILY in UP's Sambhal during wedding procession of a girl for playing songs of Ambedkar. Many are injured.
All casteist goons must be arrested without any delay. This is just cowardice.
गिरफ्तारी तक रिपोस्ट करते रहिए ..
हैलो @SaranPolice@bihar_police यह व्यक्ति छपरा का रहने वाला है जो संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर जी को AI से वीडीओ बनाकर अपमानित करके करोड़ों अंबेडकरवादी के भावनाओं को ठेस पहुंचा रहा, आपसे निवेदन है जल्द से जल्द इसे गिरफ्तार करे
Look into .... @Bahujansenaa
The NSE building shines in blue tonight in tribute to Bharat Ratna Dr. B. R. Ambedkar, on the eve of his birth anniversary (14 April). Honouring the visionary behind India’s Constitution and the values of justice, equality, and dignity he upheld.
#NSE#NSEIndia#AmbedkarJayanti@ashishchauhan
भारत रत्न, बोधिसत्व, परमपूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती पर मैं उन्हें कोटि-कोटि नमन करता हूँ और पुष्पांजलि एवं श्रद्धा-सुमन अर्पित करता हूँ।
बाबा साहेब ने भारत के संविधान में देश के गरीबों, उपेक्षितों, शोषितों तथा जातिवाद एवं सामंतवाद से पीड़ित महिलाओं सहित समस्त 'बहुजन समाज' की सुरक्षा, सम्मान एवं विकास को सुनिश्चित किया।
हम नौजवान बाबा साहेब के 'सामाजिक परिवर्तन व आर्थिक मुक्ति' के कारवाँ को जारी रखेंगे।
जय भीम, जय भारत
विशाल आबादी वाले अपने भारत देश में ’बहुजन समाज’ अर्थात् बहुजनों के मसीहा भारतरत्न बोधिसत्व परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर को आज उनकी जयंती पर प्रातः मेरे द्वारा शत्-शत् नमन, पुष्पांजलि एवं अपार श्रद्धा-सुमन अर्पित करने के साथ ही बी.एस.पी. के लोगों द्वारा पूरे देश भर में ख़ुद व अपने परिवार सहित उन्हें पूरी मिशनरी भावना के साथ भावभीनी श्रद्धांजलि एवं श्रद्धा-सुमन अर्पित करने के लिये सभी लोगों का तहेदिल से आभार, शुक्रिया एवं धन्यवाद।
सर्वविदित है कि बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर का पूरा जीवन देश के ग़रीबों उपेक्षितों, शोषितों तथा जातिवाद एवं सामंतवाद से पीड़ित महिलाओं आदि समेत ’बहुजन समाज’ की सुरक्षा, सम्मान व उत्थान के लिये अत्यन्त ही कड़े संघर्ष में बीता, और अन्ततः जिसकी गारण्टी उन्होंने संविधान में सुनिश्चित करने का ऐतिहासिक कार्य किया और अमर हो गये और जिसके लिये देश हमेशा उनका कृतज्ञ रहेगा।
किन्तु काश, देश की केन्द्र व यहाँ राज्यों की सत्ता में रहने वाली पार्टियाँ बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के अति-मानवतावादी, सर्वजन-हितैषी व बहुजन-कल्याणकारी संविधान के पवित्र उद्देश्यों को प्राप्त करने में सही से सफल हो पातीं तो भारत अभी तक स्वावलम्बी/आत्मनिर्भर व विकसित देश बनकर यहाँ के करोड़ों बहुजनों की अपार ग़रीबी, बेरोज़गारी, जातिवादी द्वेष, शोषण व जुल्म-ज़्यादती आदि से मुक्त समता एवं न्याय-युक्त जीवन लोगों को ज़रूर दे पाता।
अगर ऐसा नहीं हो पाया है तो क्यों? इसका जवाब ढूंढने पर देश में बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर का ’सामाजिक परिवर्तन व आर्थिक मुक्ति’ का कारवाँ चुनावी सफलता भी हासिल करके अपनी मंज़िल की ओर ज़रूर आगे बढ़ेगा। जय भीम, जय भारत
टाटा कंसल्टेंसी सर्विस नासिक में 7 पुलिसकर्मी लडकिया;
1.नौकरी का resume देती है। सभी सेलेक्ट होती है।
2.40 दिन तक वो सीसीटीवी कैमरे से लेकर अन्य सबूत इकट्ठा करती है और पाती है कि;
"यह ऑफिस मुस्लिम धर्म मे परिवर्तन की फैक्ट्री बन गया था। क्यों व्यक्ति गिरफ्तार किए जाते है"
3.एक लड़कीं जो इस ऑफिस में कार्य करती थी वो जीन्स टॉप से सलवार कुर्ते में आकर व रोजे के समय रोजा रखने लगती है। परिवार को शक होता है और लड़कीं से प्यार से पूछताछ करने पर पता लगता है कि दफ्तर में उसे बहकाकर धर्म परिवर्तन के लिए influence किया गया। पुलिस में रिपोर्ट होती है। टाटा कम्पनी बड़ी कम्पनी है सीधा अटैक नही किया जा सकता इसलिए 7 पुलिस कर्मी महिलाये वँहा नौकरी करने लगती है।
4.लड़कियों का जिसमे 6 अविवाहित व 2 विवाहित है उनमे से कई का रेप व छेड़छाड़ की जाती थी। गौमांश खिलाया जाता था। धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जाता था।
इस प्रकार के जोम्बी टाइप लोग जो इतनी बड़ी कम्पनी में नौकरी कर रहे थे, उन्होंने ऐसी घटनाएं करके लड़कियों के नौकरी करने पर परिवार की पाबंदियों को बढ़ाने का कार्य किया है।
गाजियाबाद,यूपी : एससी वर्ग के प्रोफ़ेसर नितिन कुमार और मुस्लिम वर्ग की मुस्कान दोनों एक-दूसरे से प्रेम करते थे। दोनों ने एक वर्ष पहले प्रेम-विवाह किया।
चूंकि मुस्कान मुस्लिम वर्ग से थी और नितिन कुमार एससी वर्ग से,इसलिए मुस्कान के पिता मेहरुद्दीन और चाचा आसिफ अली को दलित व्यक्ति से शादी बर्दाश्त नहीं हुई और वह मौके के इंतजार कर रहे थे।
प्रोफेसर नितिन कुमार और उसकी पत्नी मुस्कान के बीच सुबह के समय जल्दी उठने को लेकर कुछ कहासुनी हुई,इसके बाद मुस्कान गुस्से में अपने पीहर चली गई। मुस्कान 8 माह की गर्भवती है।
ससुराल पक्ष ने पति-पत्नी के बीच सुलह कराने के लिए धोखे से नितिन को बुलाया और ससुर मेहरुद्दीन,चचिया ससुर आसिफ अली और तीन अन्य लोगों ने मिलकर उसकी निर्मम हत्या कर उसे सड़क पर फेंक दिया।
मैं पिछसे दस वर्षों से लगातार लिख रहा हूँ कि एससी वर्ग के लड़के-लड़कियों को अन्तर्जातीय प्रेम व विवाह और अन्तर्धार्मिक प्रेम व विवाह नहीं करने चाहिए।
यह सत्य यह भी है कि एससी वर्ग के जो लड़के-लड़कियाँ अन्तर्जातीय प्रेम व विवाह और अन्तर्धार्मिक प्रेम व विवाह करते हैं,असल में वो अपनी मौत को न्योता देते हैं।
1. काफी लम्बे इंतज़ार के बाद जेवर में नोएडा इण्टरनेशनल हवाई अड्डा के प्रथम चरण का कल उद्घाटन हुआ, जबकि इसकी रूपरेखा ही नहीं बल्कि इसके सभी ज़रूरी बुनियादी कार्य बी.एस.पी. की मेरी सरकार में ही शुरू हो गये थे।
2. इतना ही नहीं बल्कि उस समय केन्द्र में रही कांग्रेस पार्टी की सरकार अगर रोड़ा नहीं अटकाती तो विकास का यह कार्य, यमुना एक्सप्रेसवे आदि की तरह, काफी पहले मेरी सरकार में ही पूरा हो गया होता।
3. जहाँ तक सपा सरकार का सवाल है तो इनका ज़्यादातर समय उत्तर प्रदेश की ग़रीबी व पिछड़ेपन आदि को दूर करने हेतु विकास के ठोस कार्य करने के बजाय, ख़ासकर बी.एस.पी. सरकार द्वारा समाज के कमज़ोर तबक़ों के हित, कल्याण व उनके उत्थान हेतु लिये गये ऐतिहासिक फैसलों व किये गये महत्वपूर्ण कार्यों को निष्क्रिय बनाने के साथ-साथ बहुजन समाज में जन्में महान संतों, गुरुओं व महापुरुषों के आदर-सम्मान में निर्मित शिक्षण व मेडिकल संस्थानों व ज़िला आदि का नाम बदलने व उनके नाम पर बने स्थलों, स्मारकों, एवं पार्कों आदि की अनदेखी व उपेक्षा करने के नकारात्मक, जातिवादी व राजनीतिक द्वेष में ही ज़्यादातर समय लगी रही, जो किसी से भी छिपा हुआ नहीं है।
4. अतः इन सबके मद्देनज़र यूपी की जनता से अपील है कि वे विरोधी पार्टियों की छलावापूर्ण राजनीति व बहकावे में ना आकर बी.एस.पी. के ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की नीति व सिद्धान्त में विश्वास रखते हुये अपने व प्रदेश के विकास हेतु बी.एस.पी. के आयरन नेतृत्व पर ही भरोसा करें।
5. इसके साथ ही, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की अलग से बेंच व उनके लिये अलग से प्रदेश बनाने का सपना ना जाने कब पूरा होगा?