एससी, एसटी, ओबीसी, किसानों व गांव वालों को यह समझना होगा, कि अगर पुजने से लछमी मिलती तो 'उन्हें' हजारों साल मांग कर नहीं खाना पडता..? धन, बल व पद सही समय पर सही काम करने से ही मिलता है..✍️
इधर अयोध्या के राजा साहब अपने बच्चों लव - कुश को नही पहचान पाए और उधर भोले नाथ अपने बेटे गणेश को नही पहचान पाए और लगे आपस में युद्ध करणे। जबकि दोनों को अंतर्यामी , त्रिकालदर्शी..भगवान कहा जाता है। कृपया तर्कसंगत जवाब दें।
मैं पूर्णत नास्तिक और वास्तविक इन्सान हूं, किसान कौम से हूं, चौधरी छोटूराम, बाबा साहेब और पेरियार को जानने वाला हूं,
दो गावों में निशुल्क लाइब्रेरी चल रही हैं हमारी।
लेकिन लोग चंदा मंदिरों और पाखण्डी बाबाओं को ही दे रहे हैं।
जबकि उनके बच्चों को निशुल्क हम पढ़ा रहे हैं??
मन्दिर भी सामने था और मन्दिर में भगवान भी फिर भी लोग मरें।
अब तो समझ जाओ की मंदिरों में पत्थर के सिवाय कुछ नही रखा होता..।
अभी भी टाइम है जाग जाओ कोई ईश्वर अल्लाह भगवान नहीं है इस दुनिया में।।
राष्ट्रीय शिक्षक दिवस की शुभकामनायें...
सोचिये,कैसे मनुवादी और सामन्ती युग में ज़रूरी संसाधनों के अभाव में एक महिला शिक्षा के लिये कितनी बड़ी लड़ाई लड़ गई!
आज सारे साधन संसाधन होने पर भी आप कुछ नहीं कर पा रहे समाज के लिये?
अलख माई-#सावित्री_बाई के जन्मदिन पर शत शत नमन!
इन्सान से लेकर हर जीव ज़मीन पर ही पैदा होता है और एक दिन मरकर ज़मीन में ही दफ़न हो जाता है।ऊपर तो जलाने के बाद धुआँ और दफ़नाने के बाद सिर्फ़ गन्दी गैसें ही जाती हैं कोई आत्मा नहीं😉