देश के सबसे बड़े प्रदेश (उत्तर प्रदेश) में 4 बार की रही मुख्यमंत्री बहुजन समाज की जिंदा देवी बसपा सुप्रीमो आदरणीय बहन कुमारी मायावती जी को आज उनके 70 वें जन्मदिन पर बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं।
भारत के राजनैतिक इतिहास में इतनी बड़ी भागम भाग किसी ऐसी पार्टी में पहली बार हो रही है जो लगातार 3 चुनाव से सत्ता में थी। राष्टीय पार्टी बन चुकी। रिजल्ट आये कुछ दिन हुए और उसमे;
60 विधायको ने एकाएक ठेंगा दिखा दिया।
20 सांसदों ने ठेंगा दिया।
फिर आप मजबूत कन्हा थे? आप सत्ता में थे इसलिए मजबूत दिख रहे थे। अब "तू चल, में आया" कि तर्ज पर वो तक भाग रहा है जो बागी को कोस रहा था।
दृश्यम फ़िल्म देखी है?
जिसमे ऐसा वातावरण बनाया जाता है जिसमे एक कहानी बनाई जाती है, उस कहानी को इतना ज्यादा गम्भीरता से निभाया जाता है कि झूठ से बना माहौल भी सच लगता है।
पिछले 8 साल से कल्याण बनर्जी, ममता बनर्जी, सयानी घोष, केजरीवाल, ही चर्चाओं में है। ऐसा दिखाया जाता कि यह लोग ही भाजपा को रोक रहे है। एक दृश्यम जैसा वातावरण बनाकर रखा गया। इसमे "कोंग्रेस" भी फँस गयी। सपा तो कॉकरोच पार्टी तक को महत्व दे रही थी।।जबकि अब सयानी घोष व कल्याण बनर्जी जैसे स्वयं कह रहे है कि हम ममता से अलग हो रहे है। ममता बनर्जी व केजरीवाल ने भाजपा को और मजबूत किया है, जैसे सपा ने उत्तर प्रदेश में भाजपा को स्थापित किया।
भाजपा 2014 से दृश्यम रूपी राजनैतिक माहौल बनाकर लड़ाई जीत रही है। जिसमे कमजोर से पक्ष को मीडिया के माध्यम से अपना विपक्ष बनाकर पूरा माहौल बनाती है व फिर आराम से जीत जाती है। समय समय पर;
1.केजरीवाल को अपना विपक्ष बनाकर दिखाया।
2.उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी से पर्दे के पीछे से गठबंधन करके दृश्यम माहौल बनाकर बसपा को लड़ाई में नही दिखाया।
3.बंगाल में 26 साल सत्ता में रही वाम दलों का नाम फक नही लिया दृश्यम रुपी माहौल बनाकर ममता व अपने मे लड़ाई दिखाई, जिसे ममता ने बखूबी हवा दी औऱ 2 विधायक वाली भाजपा सीधा 208 पर ममता ने पहचा दिया।
भाजपा इसमे माहिर है।। श्री मुलायम सिंह यादव जब पहली बार मुख्यमंत्री बने तब उससे पहले पूरे उत्तर प्रदेश में भाजपा के सांसद तक नही थे। पूरे देश मे केवल दो सांसद थे। फिर कार सेवा की घोषणा हुई, श्री मुलायम जी ने पहले उन्हें अंदर आने दिया और फिर गोलियां चलवाई। इससे हिन्दू भाजपा के पक्ष में व मुस्लिम मुलायम जी के पक्ष में खड़ा हुआ। यह भी इतिहास है कि ;
1.श्री मुलायम जी ने मुख्यमंत्री रहते 2 सांसद वाली भाजपा को सीधा उत्तर प्रदेश में 57 पर पहचाया दिया व अगली सरकार पहली बार उत्तर प्रदेश में भाजपा की बनवा दी।
2.बहनजी ने भाजपा को 2009 में 10 लोकसभा पे ला दिया और श्री अखिलेश जी ने 2014 में भाजपा को 71 पे ला दिया।
जब जब सपा मजबूत हुई, उसने भाजपा को डबल मजबूत किया।
जब जब बसपा मजबूत हुई। भाजपा कमजोर हुई है। इसलिए बसपा को मीडिया की सुर्खियों से नदारद किया गया। यह सपा भाजपा का आपसी साहयोग है। जिसे नौशिखिया, अपरिपक्व टाइप व केवल हल्ला करने वाले नही पकड़ सकते है।।
विकास कुमार जाटव
बड़ी खबर 🚨
आजाद समाज पार्टी के तत्वावधान में मध्यप्रदेश के अंदर 11 जून से "दामोदर सिंह यादव" जी के नेतृत्व में गांव चौपाल कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है
इसके तहत प्रत्येक गांव तक @AzadSamajParty पहुंचेगी और पार्टी की नीतियों से जनता को जोड़ेगी
2028 में मध्यप्रदेश में आजाद समाज पार्टी मुख्य विपक्षी दल की भूमिका में होगी...!!
UP विधानसभा चुनाव: किसी के साथ गठबंधन नहीं करेगी बहुजन समाज पार्टी, 22 जून को फैजाबाद में बड़ी रैली
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए सभी राजनीतिक पार्टियां कमर कस रही हैं. प्रदेश में धरातल पर पहुंच चुकी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) भी चुनावी रणनीति को धार देने में अब जुट गई है. इसी क्रम में पार्टी 22 जून को फैजाबाद में एक बड़ी रैली आयोजित करने जा रही है, जिसमें बसपा के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी शामिल होंगे.
पढ़ें पूरी ख़बर: https://t.co/IBDfmNDtMv
#AssemblyElections #faizabad #BSP #Mayawati #UttarPradesh | @ashishaajtak
यूपी की राजधानी लखनऊ के पड़ोसी ज़िला हरदोई में एक सरकारी अधिकारी शाहाबाद के एसडीएम श्री सुशील मिश्रा पर सरकारी निरीक्षण के दौरान दबंगों द्वारा ईंट व पत्थर आदि से किया गया जानलेवा हमला तथा उसमें उनके घायल होकर इलाज के लिये अस्पताल में भर्ती होने की ख़बर है, जो दुर्भाग्यपूर्ण ही नहीं बल्कि अति-चिन्ताजनक भी है। ऐसी घटनाओं की रोकथाम ज़रूरी है ताकि सरकारी कार्यों में कथित भ्रष्टाचार के साथ-साथ प्रदेश को अराजक तत्वों से बचाया जा सके। सरकार व्यापक जनहित के मद्देनज़र, इस ओर ज़रूर समुचित ध्यान दे।
ममता बनर्जी की केवल एक हार से उनकी पार्टी का बंटाधार हो गया है। सीधा कुल 28 सांसदों में से 20 सांसदों ने अलग दल बनाकर मान्यता के लिए लोकसभा अध्यक्ष को अर्जी दी है। बाकी 1 या 2 को छोड़कर अन्य भी लाइन में है। इसके साथ ही 20 सांसदों ने एनडीए में शामिल होने की घोषणा कर दी है।
इससे नरेंद्र मोदी सरकार पर;
1.चंद्रबाबू नायडू का प्रेशर खत्म हुआ।
2.नीतीश कुमार का जो बचा खुचा प्रेशर था वो भी खत्म।
वर्ष 2024 के चुनाव में मेंने एक लेख लिखा था जो फेसबुक ही नही बल्कि ट्विट्टर व्हाट्सएप्प पर काफी ज्यादा वायरल हुआ था, जिसमे मेने बताया था कि सपा मुस्लिम को आश्वासन दे रही है कि बस एक दो साल में सरकार गिर जाएगी, फिर हम बना लेंगे, जबकिं नरेंद्र मोदी सरकार पूरे पाँच साल चलेगी। क्यों चलेगी। पूरा ब्यौरा दिया था। जिसमे ममता व केजरीवाल के सांसदों का भी जिक्र था। नरेंद्र मोदी के स्वतंत्र रूप से जो 32 कम सांसद है। उनकी पूर्ति आराम से कर लेंगे और धीरे धीरे कर भी ली। इस पूर्ति से;
1.ममता बनर्जी की पार्टी के 20 सासंद पूरे कर रहे है।
2.केजरीवाल की पार्टी के सांसद राज्यसभा में पूर्ति कर रहे है।
दोनो ही पार्टियो को;
"बंगाल व नई दिल्ली में मुस्लिम ने 90% से ऊपर वोट दिया"
अब इस वोट का मजा भाजपा लेगी। इनडायरेक्ट ही सही लेकिन लेगी।
अब;
1.ममता बनर्जी की एक हार से पार्टी खत्म होने के कगार पर कुछ समय बाद दिखेगी।
2.केजरीवाल की पार्टी भी एक तरह से नई दिल्ली में खत्म है। जिस दिन आप पार्टी में भागवत मान ने अलग गुट बना दिया, पंजाब में भी खत्म हो जाएगी।
अब हम इस स्तिथी में बसपा की तरफ ध्यान लाते है।
बहनजी 2012 से लगातार हार रही है। हर चुनाव हार रही है। 1 शीट तक पर आ गयी। लोकसभा में शून्य हो गई। लेकिन;
"पार्टी अभी भी मजबूती के साथ खड़ी है। नींव मजबूत है। टूटने की नौबत कभी नही आई। एक बार भी 2012 के बाद किसी ने बसपा के टूटने की आवाज तक नही सुनी"
कारण?
"बहनजी की योग्यता। कुशलता। अनुभव। व जब देखा कि इस समय हालात पक्ष में नही है। चुप रहो। लेकिन अपना कैडर, नींव बचाकर रखो"
इसलिए;.."
"चुनाव कोई से भी हो। डर बसपा का रहता है क्योंकि पता है कि हाथी कभी भी उठकर जंगल में तहस नहस मचा सकता है"
जबकिं;
"ममता बनर्जी व केजरीवाल को उधोगपतियों ने भर भरकर बॉन्ड के माध्यम से पैसा दिया। इतना दिया कि बसपा के चुनाव खर्च से कई गुणा ज्यादा ममता व केजरीवाल को मिला। फिर भी एक हार से ही दोनो का अस्तित्व संकट में आ गया"
जबकिं हम 5 से 6 चुनाव 2012 के बाद हार चुके है। हर हार के बाद भी अस्तित्व बरकरार रखा। आप राजनीति को जितना आसान समझते है, उससे कई गुणा ज्यादा टेढ़ी है। आजकल के नौशिखिया एससी युवा जो अभी अभी निक्कर से पेंट में आये है, वो सोचते है कि कुर्ता पजामा पहना बाहर निकले, भारत की जनता उनके सत्कार के लिए खड़ी है। सन्गठन चलाना कोई आसान काम नही है और उसमे भी अस्तित्व बचाकर रखना।
समझे?
विकास कुमार जाटव
आज दिनांक 08-06-2026 को आदरणीय बहन कुमारी मायावती जी द्वारा आयोजित प्रदेश स्तरीय बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन के क्रम में प्रयागराज में मंडल स्तरीय एक अति महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।
इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रयागराज मंडल के सभी विधानसभा स्तर तक के जिम्मेदार पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
बैठक के दौरान संगठन की मजबूती, बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने तथा मिशन 2027 को सफल बनाने हेतु विस्तृत चर्चा की गई।
उक्त महत्वपूर्ण बैठक में सम्मिलित होने का अवसर प्राप्त हुआ।
#जयभीम
#अबकी_बार_बसपा_सरकार
#मिशन_2027
#प्रयागराज
#BSP #bsp4up
अयोध्या जिले की बीकापुर विधानसभा से पूर्व विधायक जितेंद्र सिंह बबलू की वापसी हुई है।
बबलू बीकापुर विधानसभा से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे। बबलू पर रीता बहुगुणा जोशी के घर जलाने का आरोप था।
बबलू की वापसी बता रही है मायावती इस बार सबको चौकाने वाली है मायावती जिन नेताओं का नाम सुनने को तैयार नहीं थी अब उनकी पार्टी में वापसी कराई जा रही है
सूत्रों बताते है कई पुराने दिग्गज जो कि इस समय महत्वपूर्ण पदों पर हैं वापसी के लिए जुगत लगा रहे हैं
आगामी 2 महीने में उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव बसपा बनाम भाजपा होता दिखाई देगा
सूत्रों से बड़ी खबर
मुस्लिम समाज का एक चर्चित चेहरा पूर्व राज्य मंत्री की जलालपुर अंबेडकर नगर से बसपा प्रत्याशी बनाये जाने की चर्चा से अंबेडकर नगर का माहौल गर्म ।
जितेंद्र सिंह बबलू बीकापुर तो जलालपुर से युवा मुस्लिम पूर्व मंत्री को @Mayawati ने @PalVishwnathbsp से बुलवाया ।
आज लखनऊ में @Mayawati ने बुलाए सहारनपुर मंडल के सभी पदाधिकारी ।
बेनीवाल से लेकर जिलाध्यक्ष तक लखनऊ बुलाए गए ।
गुटबाज़ी पर सख़्त मायावती
रोज़ रोज़ की शिकायत का निपटारा आज कर सकती हैं बसपा सुप्रीमो।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता योगी आदित्यनाथ जी को आज उनके जन्मदिन पर हार्दिक बधाई एवं उनके स्वस्थ्य जीवन व दीर्घायु होने की भी शुभकामनायें।
दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड में जान गँवाने वाले हर व्यक्ति और उनके परिवार के साथ मेरी गहरी संवेदनाएं है। जिन्होंने अपनों को खोया, उनके दुख की कोई भरपाई नहीं लेकिन इतना ज़रूर है कि वे इस घड़ी में अकेले नहीं हैं। पूरा देश उनके साथ खड़ा है।
मैं जानता हूँ कि कोई भी हादसा पूरी तरह रोका नहीं जा सकता। लेकिन कुछ हादसे ऐसे होते हैं जिनकी कहानी हम पहले भी सुन चुके होते हैं और यही सबसे तकलीफ़देह बात है। उपहार सिनेमा से लेकर आज तक, दिल्ली ने आग से होने वाली मौतों का यह सिलसिला बार-बार झेला है। हर बार वही सवाल उठते हैं, और हर बार जवाब अधूरे रह जाते हैं।
ईमानदारी से कहूँ तो इन घटनाओं की ज़िम्मेदारी किसी एक पार्टी पर नहीं डाली जा सकती। दिल्ली में बारी-बारी से कांग्रेस, बीजेपी और आम आदमी पार्टी ने सरकार चलाई है, नगर निगम भी इनके पास रहा है और फिर भी फायर सेफ्टी के बुनियादी नियम लागू करना किसी की प्राथमिकता नहीं बन सका। बिना मंज़ूरी के रेस्टोरेंट चलते रहे, अनाधिकृत निर्माण होते रहे, और जिनकी ज़िम्मेदारी निगरानी की थी, वे कहीं और देखते रहे। यह सिर्फ़ प्रशासन की चूक नहीं है यह उस भरोसे की चूक है जो हर नागरिक अपनी सरकार से करता है।
दिल्ली के लोग सिर्फ़ फ़रियाद नहीं कर रहे वे यह माँग रहे हैं कि अगली बार किसी और परिवार को इस त्रासदी को ना झेलना पड़े। यह माँग बहुत बड़ी नहीं है। यह वही बुनियादी माँग है जिसका हर लोकतंत्र अपने नागरिकों से वादा करता है।
हम मिलकर इसे बदल सकते हैं,पार्टी से ऊपर उठकर, चुनाव से ऊपर उठकर। यही उन परिवारों के प्रति सच्ची संवेदना होगी जिन्होंने आज अपनों को खोया है।
महोदय का एक भी पोस्ट बसपा के पॉजिटिव प्रचार के लिए नहीं है केवल और केवल नेगेटिव प्रचार और आरोप लगाते हुए पोस्ट करते हैं । इनको केवल निष्कासन चाहिए पार्टी से इनको कुछ मतलब नहीं है? पर ऐसा क्यों है समझ नहीं आ रहा है 🤔
@Saurabh74796928 यह आंकड़ा गलत है भाई बेल्थरा रोड विधानसभा 357 में प्रवीण प्रकाश तीसरे नंबर पर थे लगभग 38000 वोट पाकर पर यदि हम मेहनत करे तो अच्छा रिजल्ट आ सकता है।