अंडर-18 हॉकी एशिया कप में भारत ने इतिहास रचा है। भारतीय पुरुष टीम ने तीसरी बार स्वर्ण पदक और महिला टीम ने कांस्य पदक जीत कर देश का मान बढ़ाया है।
दोनों टीम के स���ी खिलाड़ियों को खूब बधाई और ढेरों शुभकामनाएं। देश को आप सभी पर ��र्व है।
@Madhurendra13 Is this the so called encounter ...have you seen the brutal murder images of the kid.. @Madhurendra13 . Now we can imagine the standards of international journilism...
मां आखिर मां के साथ सबसे बड़ी योद्धा होती है
तटीय इलाके में तेज लहरों ने बच्चे को समंदर में खींच लिया मां ने बिना सोचे समझे जान पर खेलकर बचाया
मां के साहस को लहरों का भी अहसास हो गया
सच में मातृशक्ति को दिल से नमन है 👏
This is just the beginning. The consequences of American-Israeli attack on Iran will be felt far and wide. The grossly faulty assumption that Iran will fold in 7 days flat has instead led to a structural reset in geopolitics. The Empire will shrink, and eventually give way in 10-15 years.
नाम : मानवी,
उम्र : करीब 5 साल
दोष: गरीबी और सरकारी अस्पताल में इलाज कराना।
सजा: अपना एक पैर गवां देना।
ता���ीख 24 दिसंबर 2025, जब बांदा जिले के छोटे से पांडुइ गांव में मानवी अपने घर की छत से गिर गई थी। परिवार वाले ��ेकर बांदा मेडिकल कॉलेज दौड़े। यहां हड्डी वाले डॉक्टर विनीत सिंह ने उसे भर्ती कर लिया। लेकिन, इलाज में लापरवाही की। पांच दिनों बाद मानवी की हालत बिगड़ने लगी तो कहा गया, "लखनऊ के KGMU ले जाओ। जल्दी करो।"
बेचारे मां बाप, बेटी को लेकर लखनऊ आए और यहां हाई इंफेक्शन को देखते हुए मानवी का पैर काटना पड़ा। अब लाचार पिता बेटी को लेकर बांदा पहुंचा। इधर उधर बेटी के दर्द पर मरहम लगाने के लिए मदद मांगता रहा। जन���री 2025 खत्म होने को आ गई। वह बांदा DM जे रीभा मैडम के दरबार में गया। सुना था कि मैडम भी अपनी बेटी का इलाज करवाने सरकारी अस्पताल गईं थीं। मैडम के दरबारियों ने कहा, "एक एप्लिकेशन लिखकर दे दो।"
पिता ने ऐसा ही किया। जनवरी से अप्रैल आ ग��ा। मैडम ने उधर सिर्फ जांच का आदेश दिया। बांदा CMO ने जांच करवाई और डॉक्टर दोषी मिले। अब FIR तो हुई। लेकिन, मानवी सिंह को इंसाफ नहीं मिला। क्योंकि उसके अच्छे भविष्य और बेहतर इलाज के लिए किसी ने कोई पहल नहीं की। परिवार का कहना है, "हम आज भी कर्ज लेकर बिटिया की पट्टियां करवा रहे। आर्थिक मदद हमने नहीं चाहिए। बस बेटी के भविष्य के लिए शासन और प्रशासन को मदद करनी चाहिए। हमारी मांग बस इतनी है कि इतना कर दिय�� जाए कि हमारी बेटी को कभी एक पैर खो देने का मलाल न हो। वो मन लगाकर पढ़ सके।"
LINK: https://t.co/WT5oSw0zc9
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@brajeshpathakup @shalabhmani @aditytiwarilive @Sachingupta @askrajeshsahu
रुद्रपुर में लोन क�� मकड़जाल...
20 हजार का लोन बना 1.20 लाख, महिला को ऑफिस में बनाया बंधक, मौके पर पहुंची पुलिस !
जब पुलिस बुलाया गया तो उनके सामने में हाथ - पाई कर रहा है ।
जबकि पुलिस पीड़ित ने बुलाया थी...
ये है दिल्ली यूनिवर्सिटी की कहानी....
मुझे यकीन है कि पक्का चून माँगने वाला ही रहा होगा
क्योंकि विश्विद्यालय में यही चूनमग्गे भिखारी जातिवादी प्रोफेसर बन कर बिठाए गये है..
🚨 #BREAKING 🇨🇴✈️
कोलंबिया का सैन्य विमान हादसे का शिकार
🔴 कोलंबियाई सेना का C-130 विमान पेरू सीमा के पास अमेज़न क्षेत्र में टेकऑफ के दौरान क्रैश
▪️ विमान में करीब 110 सैनिक सवार थे
⚠️ हताहतों की संख्या और हादसे की वजह अभी साफ नहीं
#Colombia#Crash#Breaking
"बैंकों ने पिछले 3 साल में 'Minimum Account Balance' के जरिए 19 हजार करोड़ रुपए इकट्ठा किए"
◆ AAP के सांसद राघव चड्ढा ने कहा
#RaghavChadha | Raghav Chadha | @raghav_chadha
₹19,000 crore.
That is what Banks collected in last 3 years just for not maintaining ‘Minimum Account Balance.’
Not from the rich. Not from big borrowers.
From the poorest accounts in the system.
Their crime? They didn’t have enough money.
A farmer misses the minimum balance - Penalty.
A pensioner withdraws money for medicine - Penalty.
A daily wage worker falls short by a few hundred rupees - Penalty.
The poor keep money in banks for safety. Not to be quietly fined for being poor.
Financial inclusion should protect small savings, not punish small balances.
In Parliament today I proposed ending minimum balance penalties so the banking system stops charging people for their poverty.
भारत गैस, इंडेन या HP, अगर डीलर नहीं दे रहा गैस तो इन नंबरों पर करें शिकायत...
भारत गैस हेल्पलाइन नंबर
1800-22-4344 (टोल फ्री)
इंडेन गैस कस्टमर केयर नंबर
1800-2333-555 (टोल फ्री)
एचपी गैस कस्टमर केयर नंबर
1800-2333-555 (टोल फ्री)
सवाल : एडमिनिस्ट्रेशन ने आपके ख़िलाफ़ कार्रवाई की है अब आप क्या कहेंगी?
गलगोटिया यूनिवर्सिटी की नेहा सिंह : मैम आपको क्या इंफ़ोर्मेशन है कि आप कह रही हैं कि एडमिनिस्ट्रेशन ने आपके ख़िलाफ़ कार्रवाई… हो सक��ा है कि ये प्रेस के लिए हो कि प्रेस हमें थोड़ी देर के लिए…”
ये इसकी टोपी उसके सिर डाल कर खेल रहे हैं… अभी भी प्रेस को बेवक़ूफ़ समझ रहे हैं!