@arunruby08 Law ke hisab se koi bhi government ka servent agr pakch pat cruption ya kisi ko gali galoj deta hai sidha samvidhan ka ullanghan...
Aur
Ose public sabse bada madhar ch#d hamari kehti hai
‘गोरखपुर मॉडल’ की पोल खोलते-खोलते तुलना के रूप में ‘गुजरात मॉडल’ की घपलेबाज़ी की बात भी सामने आ गई। दोनों में जो बातें कॉमन हैं वो ये हैं कि दोनों जगह भाजपाई सरकार है और भाजपाई महा-भ्रष्टाचार भी।
आपसी टकराहट ने तो ‘डबल इंजन’ को ‘ट्रबल इंजन’ बना दिया है।
आज इलाहाबाद हाई कोर्ट में जौहर यूनिवर्सिटी के फाउंडर मोहम्मद आज़म ख़ान और उनके बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्लाह आज़म की जमानत की मांग की जाने वाली याचिका पर सुनवाई होनी थी लेकिन जस्टिस विक्रम डी चौहान ने सुनवाई के वक़्त ख़ुद को सुनवाई से अलग कर मामले को मुख्य न्यायधीश को ट्रांसफर कर दिया।
जज साहब ने 15 जुलाई को सुनवाई की थी और अगली तारीख़ 6 अगस्त दे दी, आज़म ख़ान के वकीलों और परिजनों ने 20 दिन इंतिज़ार किया और आज अदालत पहुंचे तो जज साहब ने बिल्कुल मौके पर ख़ुद को सुनवाई से अलग कर लिया, जज साहब चाहते तो मामले को पिछली तारीख़ यानी 15 जुलाई को ही इस मामले से अलग कर सकते थे ताकि अब तक मामला की सुनवाई हो जाती, लेकिन साहब ने ऐसा नहीं किया क्योंकि मामले को खींचना भी था।
ख़ैर जज साहब की मामले से दूरी बनाने की मजबूरी जो भी रही हो लेकिन साफ़ जाहिर है कि अदालतों में सरकारों का खौफ़ है, इसलिए जज अब मामलों से दूरी बनाना ही बेहतर विकल्प समझते हैं, और यह दूरी उन्हीं केसों में बनाई जाती हैं जिनमें पहली ही सुनवाई में जमानत देने का आधार बनता हैं लेकिन दबाव के कारण जज फ़ैसले देने का भी फैसला नहीं ले पा रहे हैं, और फैसला लिया जाता है तो मामलों से दूरी बनाने का।
यह पहला मामला नहीं जब किसी जज ने आज़म ख़ान और उनके बेटे के मामले की सुनवाई से दूरी बनाई हो, इससे पहले 21 नवंबर 2025 को यतीमखाना केस में भी जो कि आज़म ख़ान से ही जुड़ा हुआ था, उसकी सुनवाई से भी जज समीर जैन ने ख़ुद को अलग कर मामले को मुख्य न्यायधीश के पास भेज दिया था।
साबित हैं जज साहब आज़म ख़ान के मामले को भांप चुके हैं जिसमें आज़म ख़ान और उनके बेटे को बरी या जल्द जमानत देने के अलावा कोई रास्ता नहीं था, लेकिन जज साहब ने जमानत न देकर ख़ुद को मामले की सुनवाई से अलग कर मुख्य न्यायधीश के पास भेजना मुनासिब समझा। अगर जज साहब को इस मामले से ख़ुद को अलग ही करना था तो अलग होने वाला फैसला कई महीनों में क्यों लिया गया? क्यों न ख़ुद को मामले की शुरुआत या जब मुख्य न्यायधीश ने अदालत में भेजा था उसी दौरान क्यों नहीं लौटाया गया? अब नागरिक अदालतों का नहीं बल्कि अदालत ही नागरिकों का समय बर्बाद करती हैं, अदालत का नागरिक समय बर्बाद करता है तो अदालत द्वारा नागरिकों पर जुर्माना और FIR तक दर्ज कर देती हैं लेकिन नागरिकों अगर अदालत ही नागरिकों का समय बर्बाद करें तो किस पर जुर्माना और किस पर FIR होनी चाहिए यह भी अदालतों को बताना चाहिए।
'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को रोकने के लिए BJP सरकार जो कर रही है, उसका कारण है कि BJP डर गई है।
नरेंद्र मोदी और अमित शाह को डर है कि देश का युवा राहुल गांधी जी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा न हो जाए।
हम युवाओं को बता देना चाहते हैं कि पूरी कांग्रेस पार्टी उनके साथ है, आपकी आवाज को बुलंद करते रहेंगे।
: @tanujpuniaINC जी
📍 दिल्ली
बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने बताया कि Ai आधारित सॉफ्टवेयर बनाया जाएगा, जिससे यह तुरंत पता चल सकेगा कि किस सरकारी अस्पताल में कितने बेड खाली हैं।
मैं नरेंद्र मोदी, योगी आदित्यनाथ और पूरी BJP को स्पष्ट कर देना चाहता हूं-
आप कानून को अपने हिसाब से इस्तेमाल कर रहे हैं और सभी काम संविधान के खिलाफ कर रहे हैं। लोकतंत्र में कानूनी तरीके से सभा करना सभी का अधिकार है।
हम 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को नियम-कानून के अंतर्गत ही आयोजित कर रहे हैं, सभी जरूरी परमिशन ले रहे हैं। इसके बाद भी यूपी की BJP सरकार इस कार्यक्रम को रद्द कराने की कोशिश कर रही है।
'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम रद्द नहीं होगा, हम यूपी की सरकार और प्रयागराज के प्रशासन से निवेदन करते हैं कि आप लोकतंत्र को कमजोर मत कीजिए।
हम छात्रों के मुद्दे पर किसी भी तरह का Compromise नहीं करेंगे। हम छात्रों के हक के लिए आवाज उठाते रहेंगे।
: उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी @AdvRajendraPal जी
📍 दिल्ली
अनपढ़ और पढ़े लिखें दोनों इरफ़ान को सुना जाए !
इरफान पंचर नहीं लगाता हैं, इस देश से हुक्मरान से आंखों में आंखे डालकर जायज़ सवाल करता हैं।
लोकतंत्र का पहरेदार बनता हैं वह भी तब जब बड़े से बड़े डरकर घर में दुबक जाते हैं।
अब्दुल हो या इरफान इस देश को बचाने में बड़ा योगदान निभा रहे हैं।
"जो सरकार 26000 स्कूल बंद कर सकती है, PDA पाठशाला चलने पर FIR कर सकती है, जो खाने में घोटाला कर सकती है उनके लिए एक्सप्रेसवे में घोटाला करना कौन सी बड़ी बात है।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी
तमिलनाडु में मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली सरकार ने अपना पहला बजट पेश किया। बजट में आम लोगों को राहत देने के उद्देश्य से कई घोषणाएँ की गईं। सरकार ने पात्र परिवारों की बेटियों की शादी के लिए आठ ग्राम सोने का सिक्का और रेशमी साड़ी मुफ्त उपलब्ध कराने की घोषणा की है।
असम में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सेवा दल टीम के साथ राहत सामग्री और जरूरी सामान बांट रहे हैं @srinivasiyc जी
मुश्किल के वक़्त लोगों के साथ खड़ा रहना ही कांग्रेस का प्रण है ✊🇮🇳❤️
अखिलेश यादव🔥:- देखिए BJP के लोग क्या कह रहे है, कि रसीद लाइए आपने चंदा दिया है कि नही दिया...
इससे ज्यादा घटिया बात कोई नही हो सकती,
क्योकि दान दी हुई चीज का दिखावा नही होता है
उन्हे रसीद इसलिए याद आ रही है, कि एक रसीद घोटाला भी हुआ था जिसमें DCM सामिल थे 😳
उन्होने नकली रसीद छपवाकर चंदा लिया था कही पर, उसका उनपर पाप पडा और जनता ने उन्हे हरा दिया
इस बार जो रामधन की चोरी किए है प्रभू श्री राम इन्हे जीतने नही देंगे, इनके महापाप की सजा इन्हे मिलने जा रही है !!
⦿ It is my right to decide what to speak, when to speak, and how to speak.
⦿ We only raise genuine questions concerning the country and its 140 crore people. We are asking the Home Minister and the Prime Minister to come to the House.
⦿ We request the Chair to direct the Home Minister to come and give a statement. We are ready to discuss it.
⦿ In this House, Jaitley ji himself said that disruption is a part of democracy. You can raise any questions that is relevant to the proceedings.
⦿ But here, when we are asking genuine questions, they are running away.
: Congress President & Rajya Sabha LoP Shri @kharge