उत्तर प्रदेश में एक मंत्री जी हैं जिनको पंचायत विभाग मिला है पर इनको अपने विभाग से कोई मतलब ही नहीं है,
उनके विभाग के ही कर्मचारी पिछले लगभग दो हफ्तों से धरना दे रहे हैं पर उनकी सुनने वाला कोई नहीं,
उनसे सिर्फ ₹6000 में बधुआ मजदूर की तरह पूरे महीने भर काम कराया जाता है,
आखिरकार ₹200 दिन में कौन काम करता है,
उनकी मांग है कि उनकी सैलरी बढ़ाई जानी चाहिए जो की जायज है।
कल लखनऊ के ईको गार्डन में पंचायत सहायकों के बीच मिलते हैं।
बारिश हो या धूप, अपने हक़ की लड़ाई में हमारे भाइयों और बहन-बेटियों को अकेला नहीं छोड़ेंगे...
जय भीम! जय भारत! जय मंडल! जय संविधान!
#पंचायत_सहायक_का_मानदेय_बढ़ाओ#पंचायत_सहायक_नियमित_करो
पंचायत सहायक साथियों का मानदेय बढ़ाने को लेकर विरोध प्रदर्शन जायज है।
इतनी महंगाई में घर परिवार और बच्चों को संभालना सिर्फ 6000 रूपए मानदेय पर गुजारा करना कितना मुश्किल है।
इस दर्द को AC कमरों में बैठे और मुफ्त की लाल बत्ती वाली गाड़ियों में घूमने वाले नेता, मंत्री और अधिकारी नहीं समझ सकते।
सरकार को पंचायत सहायक साथियों के मानदेय में उनके मांग के अनुसार सम्मानजनक वृद्धि करना ही होगा।
@myogiadityanath@panchayatirajup@UPGovt@yadavakhilesh
#PanchayatSahayakUP
#पंचायत_सहायक_यूपी
उत्तर प्रदेश सरकार कर्मचारियों का शोषण करने और अपनी झूठी वाहवाही का ढिंढोरा पीटने में बहुत माहिर है।
एक तरफ सरकार आउटसोर्स कर्मचारियों को सम्मानजनक वेतन' देने के लिए पोर्टल और आयोग बनाने का दिखावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ यूपी के गांवों में 58,000 से ज्यादा पंचायत सहायकों को पिछले 5 सालों से केवल 6000 रूपए मानदेय देकर उनका शोषण कर रही है।
आज की कमरतोड़ महंगाई में 6000 रूपए में क्या होता है?
क्या पंचायत सहायकों और उनके बाल-बच्चों को सम्मानजनक ज़िंदगी जीने का कोई हक़ नहीं है? सरकार तुरंत इनकी मांगें सुने, इनका शोषण बंद करे और पंचायत सहायकों के मांग के अनुसार उनके मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि करे।
@myogiadityanath@panchayatirajup@UPGovt@yadavakhilesh
#PanchayatSahayakUP
#पंचायत_सहायक_यूपी
मेरिट के आधार पर सर्वाधिक अंक पाने वाले प्रतिभाशाली युवाओं की तैनाती पंचायत सहायक पद पर कर तो लिया किंतु मानदेय मात्र ₹6000 हो जो दैनिक मजदूरी से भी कम है। उत्तर प्रदेश के होनहार प्रतिभाशाली युवाओं का शोषण है। सरकार के इस शोषण कारी नीति की निंदा करता हूँ तथा पंचायत सहायकों को नियमित करते हुए मानदेय ₹30000 की मांग करता हूँ।
योगी जी, यूपी के नौजवानों की बेचैनी को हल्के में मत लीजिए!
सालों पढ़ो, कोचिंग करो, फॉर्म भरो और फिर भर्ती के इंतज़ार में उम्र गँवा दो - यूपी के युवाओं की यही कहानी बना दी गई है।
नौकरी माँगो तो तारीख़ मिलती है, भर्ती माँगो तो इंतज़ार!
देश के कई राज्यों में युवाओं का गुस्सा सड़कों पर दिख चुका है। अब उसकी आहट यूपी में भी सुनाई दे रही है।
सवाल नौकरी का है, सवाल भविष्य का है - और अब सवाल सरकार से होगा!
₹6000 के नाममात्र मानदेय में हमारा शोषण बंद हो। हमारी मुख्य माँग नियमितीकरण और सम्मानजनक वेतनमान है। यूपी का युवा अब रुकने वाला नहीं है।#पंचायत_सहायक#panchayatsahayak
लखनऊ
➡️पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन का प्रदर्शन
➡️हजरतगंज चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन, नारेबाजी
➡️हमें आश्वासन नहीं, परिणाम चाहिए- प्रदर्शनकारी
➡️स्थायीकरण और मानदेय में बढ़ोतरी की मांग
➡️मानदेय 6,000 से बढ़ाकर 30,000 करने की मांग
➡️प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने ईको गार्डन भेजा
#Lucknow #UttarPradesh @lkopolice
700 Million 💜
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To our users, merchants and partners across every corner of India thank you for making us 700 Mn strong!
आदरणीय जिलाधिकारी महोदया उक्त प्रकरण के संबंध में आपको अवगत कराना है कि लेखपाल महोदय को CH-41 व 45 की नकल प्राप्त हो गई है व मेरे द्वारा यहाँ पर भी भेजी जा रही है कृपया ग्राम पंचायत की भूमि से अवैध अतिक्रमण हटवाने की कृपा करें।
धन्यवाद @DMBahraich@AmarUjalaNews@CMOfficeUP
आदरणीय जिलाधिकारी महोदया उक्त प्रकरण के संबंध में आपको अवगत कराना है कि लेखपाल महोदय को CH-41 व 45 की नकल प्राप्त हो गई है व मेरे द्वारा यहाँ पर भी भेजी जा रही है कृपया ग्राम पंचायत की भूमि से अवैध अतिक्रमण हटवाने की कृपा करें।
धन्यवाद @DMBahraich@AmarUjalaNews@CMOfficeUP