#ब्रह्माकुमारीपंथ_का_पर्दाफाश
ॐ शांति अर्थात ब्रह्माकुमारी पंथ को छोड़ संत रामपाल जी महाराज की शरण क्यों ग्रहण कर रहे लोग?
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#परमात्मा_पर_किये_गए_जुल्म
सरेआम कोड़े मारना
एक बार सत्संग के दौरान शेखतकी ने सैनिकों द्वारा कबीर साहेब को कोड़े (चाबुक) मरवाए। सर्वशक्तिमान और अमर शरीर होने के कारण कबीर साहेब पर इसका कोई असर या निशान नहीं पड़ा।
6Days Left Kabir Prakat Diwas
#परमात्मा_पर_किये_गए_जुल्म
गले में जहरीला सांप डालना
कबीर जी जब सत्संग कर रहे थे, तब शेखतकी के आदेश पर एक सिपाही ने उनके गले में खतरनाक जहरीला सांप डाल दिया। लेकिन गले में जाते ही वह सांप सुंदर फूलों की माला बन गया।
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#परमात्मा_पर_किये_गए_जुल्म
तलवारों से वार करना
शेखतकी ने रात के समय कुटिया में सो रहे कबीर साहेब की हत्या के लिए गुंडों से बेतहाशा तलवारें चलवाईं। लेकिन कबीर जी का शरीर अविनाशी और नूरी होने के कारण तलवारें उनके शरीर के आर-पार निकल गईं।
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#काशी_वाला_कबीर_ही_भगवान_है
स्वामी रामानंद जी और कबीर जी समकालीन थे और सांसारिक दृष्टिकोण से कबीर जी, स्वामी रामानंद जी को अपना गुरु मानते थे। उन्हीं रामानंद जी ने कहा है कि काशी वाला कबीर भगवान है।
Sant Rampal Ji Maharaj
#काशी_वाला_कबीर_ही_भगवान_है
काशी वाला कबीर भगवान है। इस विषय में गुरुग्रंथ साहिब के पृष्ठ 721 में आदरणीय नानक जी ने कहा है:
हक्का कबीर करीम तू, बेएब परवरदिगार।
नानक बुगोयद जनु तुरा, तेरे चाकरां पाखाक।।
Sant Rampal Ji Maharaj
#काशी_वाला_कबीर_ही_भगवान_है
ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 93 मंत्र 2 और ऋग्वेद मण्डल 10 सूक्त 4 मंत्र 3, 4 के अनुसार परमात्मा का किसी माँ से जन्म नहीं होता। वह सशरीर प्रकट होता है और सशरीर चला जाता है। इतिहास गवाह है कि कबीर काशी वाला कबीर भगवान है।
Sant Rampal Ji Maharaj
#काशी_वाला_कबीर_ही_भगवान_है
संत गरीबदास जी अपनी वाणियों में कबीर परमात्मा की महिमा गाया करते थे तो किसी ने उनसे पूछा कि कौन कबीर तो सुनिए उन्होंने अपनी वाणी में स्पष्ट किया है:
गरीब, हम सुलतानी नानक तारे, दादू कूँ उपदेश दिया।
जात जुलाहा भेद न पाया, काशी माहीं कबीर हुआ।।
#DivineTeachings_Of_GodKabir
💫कुष्टी हो संत बंदगी कीजिए।
जे हो वैश्या को प्रभु विश्वास, चरण चित दीजिए।।
यदि किसी भक्त को कुष्ट रोग है और वह भक्ति करने लगा है तो उससे घृणा न करे। उसको प्रणाम करे। उसका हौंसला बढ़ाना चाहिए। भक्ति करने से उसका जीवन सफल होगा, रोग भी ठीक हो जाए
#DivineTeachings_Of_GodKabir
कबीर साहेब भक्ति युग में अर्थात् हमारे इतिहास के मध्यकाल में आए।
उनकी अद्वितीय और मूल्यवान कबीर वाणी/कविता साहित्य जगत के लिए अमूल्य निधि है।
#DivineTeachings_Of_GodKabir
Kabir Sahib came in the Bhakti era i.e. in the medieval period of our history.
His unique and valuable Kabir Vani/poetry is an invaluable treasure to the literary world.