गृह मंत्री अमित शाह जी ,
बिना वर्दी वाले ये गुंडे कौन हैं ? हाथों में लाठियां हैं और चुन चुनकर प्रदर्शनकारियों को मार रहे हैं . क्या दिल्ली पुलिस ने युवाओं की पिटाई करने के लिए भाड़े के लोगों को बुलाया था ?
पुलिस की लाठियां और गालियां खाकर जाते हुए इस बच्चे को देखिए .
ये दिल्ली पुलिस की बर्बरता के सबूत है .
अंधाधुंध लाठियां बरसाई गई. जैसे ऊपर से निर्देश हो कि किसी को छोड़ना नहीं है . हर हाल में इन्हें खदेड़ना है .
मैं जितना भी अपनी ज़िंदगी की परेशानियों को दूर करना चाहता हूँ, वो बार-बार किसी नए चेहरे में लौट आती हैं।
लगता है ज़िंदगी ने मुझे सुकून नहीं, सिर्फ़ सब्र सिखाने का फैसला किया है।
फिर भी मुस्कुरा रहा हूँ... क्योंकि हार मानना मेरी फ़ितरत नहीं।
PLEASE PAY ATTENTION TO THIS. 🇮🇳
SALUTE TO THIS MEDIA PERSON WHO PICKED UP INDIA'S PRIDE, THE NATIONAL FLAG (TIRANGA), FROM THE GROUND.
A POLICE OFFICER ALLEGEDLY WIPED HIS FACE WITH THE TIRANGA AND THEN THREW IT ON THE ROAD.
IF THIS INCIDENT IS VERIFIED, THE PERSON RESPONSIBLE SHOULD BE HELD ACCOUNTABLE UNDER THE LAW.
PLEASE SHARE THIS WITH DELHI POLICE SO THAT APPROPRIATE ACTION CAN BE TAKEN IF THE ALLEGATIONS ARE FOUND TO BE TRUE.
@Yaseen_0_1 Relationships are never perfect, because the people who manage them aren't perfect either. Ups and downs, arguments, and disagreements are a part of every relationship. But true wisdom lies in embracing the relationship rather than magnifying the problem.
बड़ी-बड़ी इमारतों में इंसान तो बहुत रहते हैं,
मगर ढूँढने निकलो, तो इंसानियत नहीं मिलती।काँच के मकानों को सजाने में मसरूफ़ है दुनिया,
टूटे हुए दिलों को जोड़ने की फुर्सत नहीं मिलती।
आसमां थक जाएगा अपनी बूंदें गिराते-गिराते,पर ये पैर नहीं थकेंगे हक की राह पर आते-आते।
बदलती फिज़ाओं ने हर मुमकिन कोशिश कर ली,मगर हौसले और बुलंद हुए, यहाँ तक आते-आते।