देश के लिए कितनी शर्म की बात है कि -
दिल्ली पुलिस और पत्रकार इस आदमी से पूछ रही है कौन हो भाई कहां से आये हो क्या काम है और आदमी मुस्करा रहा है।
ये बेल्जियम मूल के महान भारतीय अर्थशास्त्री समाजविद् ज्यां द्रेज है जिन्होने नरेगा जैसी योजना और RTI जैसा अधिकार दिलवाया गरीबों के लिए तमाम योजनाएं बनाई।
लेकिन 5kg राशन देने वाले योगी मोदी सबको याद है।
अन्धविश्वास में डूबे प्रदेश में विज्ञान कौन पढ़ता है. विज्ञान किस चिड़िया का नाम है? कौन है विज्ञान?
Lt ग्रेड शिक्षक भर्ती के तकरीबन 1,400 रिक्त पदों के लिए 50,000 लोग परीक्षा में बैठे. आयोग को केवल 129 अभ्यर्थी मिले जिन्हें विज्ञान आता है. मुबारक हो रील असर कर रही है--😎
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ये वही प्रयागराज है जहाँ माघ मेलों और कुम्भ में चकाचौंध और होर्डिंग्स पर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा दिए जाते है।
विद्यालय हो रहे खस्ताहाल
प्रशासनिक PR हावी है
बिचौलिए काट रहे मौज
कागज में सरकार प्रभावी है
नेता के बच्चे ले चरपहिया
छाट रहे नवाबी है
.......
ये तस्वीर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के ईश्वर शरण विकास विद्यालय के हॉस्टल की हैं. बच्चे लगातार शिकायत कर रहे थे कि हॉस्टल की इमारत बहुत जर्जर है. खाने में कच्ची रोटी मिल रहीं. पीने की पानी की टंकी में काई जमी है.
बच्चों की शिकायतों के बाद लल्लनटॉप की टीम हॉस्टल पहुंची. हमने निरीक्षण किया. बच्चों के आरोप सही थे. हमने इन आरोपों को लेकर प्रिंसिपल से भी बात की.
देखें पूरी रिपोर्ट.
Full Report: https://t.co/Vnmix8Lj5i
@RajatpandeyJF@editor_yogeshy
@tadka_tez AC में बइठ के कवनो आदेश देहल जा सकेला
मैडम के फर्नीचर गड़बड़ा जात बा तोहरा के गरमी लउकत हवेI
बाकी राजा त मस्त हवे I
तु झुठे में कोतवाल बनत बाड़।
पुलिस भेद भाव क्यों कर रही है? गदर तो यूपीएससी के नाम पर दोनों ने ही काटा ! लेकिन पुलिस सिर्फ रंजीत कुमार को ही क्यों पकड़ी रही है? आकांक्षा सिंह को क्यों नहीं?
जबकि आकांक्षा सिंह ने तो अपना एडमिट कार्ड तक एडिट कर दिया था । @IAnandPandey सर ने ही पोल खोल दी थी एडमिट कार्ड वाला कांड पर ।
Afsarsahi naukarsahi sabhi me ek alag tarah hanak sawar hai ek aam aadmi ki kuchh aukat hi nahi hai.
Sarakar ko is mamle se jude sabhi harass karane wale logo par twarit karywahi karni chahiye.
@brajeshpathakup@CMOfficeUP
Heart-breaking video of a man narrating harrowing ordeal of his elderly mother assaulted by doctors and security staff at district hospital in Azamgarh, Uttar Pradesh. Requesting health minister @brajeshpathakup to take cognizance.
@askrajeshsahu जबर पुलुसिया कानून ह भइया।
मै कांस्टेबल से लगाई एसपी ले सब अपना के राजा मान लेहले बांटे।
थाना से लगाई तहसील ले सभे जगह खाली पइसा के बोल बाला चलत हवे।
@RebornManish भईया इ महेश एलकुंचवार जी के मराठी नाटक हवे।
इ नाटक इ० वि० वि० के हिन्दी स्नात्कोत्तर के हिन्दी और मराठी भाषा अध्ययन में पढ़ावल जाला।
एह में उच्च वर्ग के कथनी आउर करनी के बहुते निमन से देखावल गइल बा।
Modi-Shah Jailed the Man who Thinks in Generations, NOT in Elections.
The crime-duo fear his Wisdom:
Ladakh Walks with Sonam Wangchuk, the Voice of Children, Grandchildren, and Generations Unborn -Theirs and Ours.
राजीव मेरे IIMC के जूनियर थे। उत्तराखंड में मेहनत करके अपना YouTube चैनल चलाते थे। उत्तरकाशी में सरकारी अस्पताल का भ्रष्टाचार दिखाया। 10 दिन लापता रहे,फिर नदी ने एक दिन लाश उगल दी।
चमक-धमक वाला बड़ा पत्रकार होता तो नेता मंत्री ट्वीट करते मगर अभी कोई पूछने वाला नहीं है! CM @pushkardhami जी क्या न्याय होगा?
जब पत्रकार ही पत्रकार की बात नहीं कर रहे तो बाकी क्यों करेंगे? हिंदू-मुस्लिम करने वाली पत्रकारिता के लिए ये खबर नहीं होगी क्योंकि इसमें कोई सेलिब्रिटी या सांप्रदायिकता नहीं है।
कोई बात नहीं! जलते घर को देखने वालों…
यही असली भारत है।
नेताओं के भाषणों के इतर गरीब, मजदूर की कमाई परिवार के भरण पोषण के लिए ही अपर्याप्त है वह बच्चों की शिक्षा, शादी आदि के लिए कर्ज लेने को मजबूर है।
भारत में अमीरी और गरीबी के मध्य बहुत गहरी खाई हो गई है पूँजीवाद जड़े पसार चुका है।
कई बार मजबूरियां इस कदर हावी रहती हैं कि इंसान चाहकर भी कुछ नहीं कर पाता।
रूपा निषाद का घर नदी की कटान में जा चुका है। पिता का एक्सीडेंट हुआ है वह खाट पर हैं। 3 किलोमीटर दूर प्राइवेट स्कूल है लेकिन पैसा नहीं। 12 किलोमीटर दूर सरकारी स्कूल है वहां जा नहीं सकती।
इसी गांव की एक बच्ची मीना कुमारी चौहान है। 7 हजार की आबादी वाले गांव शुक्लपुरवा से अकेले 12 किलोमीटर दूर साइकिल से पढ़ने जाती है। 14 साल में 8 बार घर नदी में समा चुका है। जैसे-जैसे नदी इनके घर की तरफ बढ़ती है, ये अपना छप्पर वाला घर उठाकर किनारे होते चले जाते हैं।
कई बार मजबूरियां इस कदर हावी रहती हैं कि इंसान चाहकर भी कुछ नहीं कर पाता।
रूपा निषाद का घर नदी की कटान में जा चुका है। पिता का एक्सीडेंट हुआ है वह खाट पर हैं। 3 किलोमीटर दूर प्राइवेट स्कूल है लेकिन पैसा नहीं। 12 किलोमीटर दूर सरकारी स्कूल है वहां जा नहीं सकती।