अजय आलोक जी, ज़रा ये भी बोलिए ना—देश की इकॉनमी में सबसे ज्यादा टैक्स देने वालों का योगदान भी है। लेकिन ये बात बोलते ही आपकी छाती क्यों छिलने लगती है, लाला? 😏
सवर्णों के योगदान पर बोलने में इतनी तकलीफ़ क्यों है?
आलोक जी, आरक्षण के नाम पर समाज को बाँटने के बजाय सवर्णों के सवालों पर भी बोलिए। उनके टैक्स और मेहनत से देश चलता है, तो उनकी आवाज़ दबाने का अधिकार आपको किसने दिया?
सवर्णों के योगदान पर राजनीति नहीं, उनके अधिकारों पर भी बात कीजिए।
@alok_ajay आलोक जी, आरक्षण के नाम पर समाज को बाँटने के बजाय सवर्णों के सवालों पर भी बोलिए। उनके टैक्स और मेहनत से देश चलता है, तो उनकी आवाज़ दबाने का अधिकार आपको किसने दिया?
सवर्णों के योगदान पर राजनीति नहीं, उनके अधिकारों पर भी बात कीजिए।
टीपू, ज़रा JPNIC पर भी ज्ञान दे दो भाई! 😏 जिस प्रोजेक्ट की लागत को लेकर ₹200 करोड़ से ₹800 करोड़ तक के दावे किए ��ा रहे हैं, उसका हिसाब-किताब भी जनता को बता दो। और जहाँ डिंपल यादव जी अध्यक्ष हैं, वहाँ के पैसों का हिसाब कौन देगा, टीपू? थोड़ा इस पर भी बोल दो बेटा! 😂
@samajwadiparty@yadavakhilesh टीपू, ज़रा JPNIC पर भी ज्ञान दे दो भाई! 😏 जिस प्रो���ेक्ट की लागत को लेकर ₹200 करोड़ से ₹800 करोड़ तक के दावे किए जा रहे हैं, उसका हिसाब-किताब भी जनता को बता दो। और जहाँ डिंपल यादव जी अध्यक्ष हैं, वहाँ के पैसों का हिसाब कौन देगा, टीपू? थोड़ा इस पर भी बोल दो बेटा!
@surya_samajwadi मोटे बुद्धि वाले यादव जी, झूठ बोलने से कोई ज्ञानी नहीं बन जाता। 😏 योगी जी को ज्ञान देने से पहले इतना बता दो—बाबा ने गांजा कब पिया था, बेटा लाला? या फिर ह���ा में ही ज्ञान बाँट रहे हो? 😂
���ब सैफई में करोड़ों रुपये हीरो-हीरोइनों के डांस पर उड़ाए जा रहे थे, तब टीपू बाबा को महंगाई याद नहीं आई? आज जनता के बीच महंगाई का रोना रो रहे हो—तब कहाँ गई थी तुम्हारी चिंता?
सुनो भाजपा वालों
ये AI का बच्चों वाला झूठा खेल खेलना बंद करो, समाजवादियों ने तो अभी सच्चा खेल खेलना अभी शुरू भी नहीं किया है,
देखो भाई, ये सोशल मीडिया है, आप शुरुआत करेंगे तो हमारे पास आपके 10 सालों का पूरा हिसाब किताब है, आप एक बनाओगे तो हमारे क्रिएटिव कार्यकर्ता और समाजवादी समर्थक आपके सारे किए धरे पर पानी फेर देंगे
फिलहाल ये पहला जवाब ले लो, अगला जवाब झेल भी नहीं पाओगे
सुनो भाजपा वालों
ये AI का बच्चों वाला झूठा खेल खेलना बंद करो, समाजवादियों ने तो अभी सच्चा खेल खेलना अभी शुरू भी नहीं किया है,
देखो भाई, ये सोशल मीडिया है, आप शुरुआत करेंगे तो हमारे पास आपके 10 सालों का प��रा हिसाब किताब है, आप एक बनाओगे तो हमारे क्रिएटिव कार्यकर्ता और समाजवादी समर्थक आपके सारे किए धरे पर पानी फेर देंगे
फिलहाल ये पहला जवाब ले लो, अगला जवाब झेल भी नहीं पाओगे
@yadavakhilesh अखिलेश यादव जी, राम मंदिर पर ज्ञान देने से पहले ज़रा अपने पिता के राजनीतिक अतीत और अयोध्या से जुड़े उस दौर को याद कर लीजिए। इतिहास को अपनी सुविधा के हिसाब से भूल जाने से जनता की याददाश्त नहीं मिटती।
पहले अपने घर का इतिहास देखिए, फिर राम मंदिर पर उपदेश दीजिए। जनता सब देख रही है।
@Harshdubey9956 दूब�� जी, आपका ये दोगलापन आगे चलकर आपको बहुत भारी पड़ेगा। आपने गलत किया है। वक्त सबका हिसाब करता है—ये दोगलापन आपके लिए सर्वनाश की वजह न बन जाए।
हर्ष दूबे जी, इतने दिनों से आरक्षण सुधार की लड़ाई लड़ रहे थे, तब किसी ने ध्यान नहीं दिया। एक दिन के आंदोलन पर बृजेश पाठक मिल क्या लिए, आप तुरंत समर्थन म��ं आ गए? 😏
भाई, आंदोलन थोड़ा लंबा चलने देते—शायद मोदी जी भी मिलने आ जाते!
@yadavakhilesh अखिलेश जी, कुछ दिन पहले PDA में ‘P’ का मतलब पंडित बता रहे थे, अब कह रहे हैं आरक्षण रहेगा ही।
भाई, वोट बैंक जिधर दिखे, PDA उधर ही क्यों मुड़ जाता है? 😏
पिता के नहीं तो कम से कम पंडितों के सगे हो जाइए!
‘आरक्षण सुधार’ के नाम पर ‘आरक्षण समाप्ति’ का षड्यंत्र पीडीए समाज के ख़िलाफ़ एक और गहरी साज़िश है। आरक्षण पीडीए का अधिकार है किसी की इच्छा का विषय नहीं।
भाजपा व उनके संगी-साथी समय-समय पर जिस तरह कभी ‘समीक्षा’ तो कभी ‘सुधार’ जैसे अस्पष्ट शब्दों का प्रयोग कर आरक्षण का विरोध करते हैं या कभी ‘क्रीमीलेयर’ की बात करते हैं या ‘आरक्षण त्यागने’ की सलाह देते हैं, वो सदियों से शोषित-व���चित लोगों को मिले आरक्षण के अधिकार की हक़मारी की लगातार की जा रही कोशिश के अलग-अलग मुखौटे हैं।
आरक्षण था, आरक्षण है, आरक्षण रहेगा!