#संविदा_अधिकार_आंदोलन मानवाधिकार नाम की भी कोई चीज होती है या गुलामी प्रथा से उसे भी खत्म करना चाहते हैं आप? स्वयं को लोकतांत्रिक कहते हैं पर शासकीय कार्यों को प्रोजेक्ट का नाम देकर 20-20 सालों से आप उनका शोषण कर रहे हैं जिन्होंने आपको अपना वोट दिया है।
क्या वास्तव में लोकतंत्र है? -
जनता ने चुना मुखिया,
मुखिया ने चुना संविदा प्रथा खत्म करने का रास्ता,
लोकतंत्र होता तो मुखिया की मंशा अनुरूप आज संविदा शोषण खत्म हो चुका होता परंतु हुआ नहीं।
लोकतंत्र या नॉकरशाही
@CMMadhyaPradesh@ChouhanShivraj@ndtvindia@AmitShah@INCIndia
#संविदा_अधिकार_आंदोलन
मामा जी@ChouhanShivraj 2018 में कुछ सीट कम थी सरकार चली गयी ये अधूरापन था,हम वर्षोँ से इस अधूरेपन से पीड़ित हैं,ये संविदा जीवन कलंकित है,मानसिक प्रताड़ना है,आपने भी ये झेला है अधूरापन,फिर क्यूँ नहीं दिखा रहे अपनापन।
@OfficeofSSC@eGov_MP_IT @egeump @BJP4MP
मामाजी @ChouhanShivraj आपको यह पता है कि संविदा की नॉकरी एक शोषण की नॉकरी है कर्मचारियों के लिए use एंड throw की पॉलिसी अपनाई जाती है उनके परिवार की कतई चिंता नही की जाती की वो भूखो मरेंगे । क्या आपको नही लगता इस आजाद भारत मे ऐसे गुलामी वाली नॉकरी नही होना चाहिए । @ABPNews
क्या वास्तव में लोकतंत्र है? -
जनता ने चुना मुखिया,
मुखिया ने चुना संविदा प्रथा खत्म करने का रास्ता,
लोकतंत्र होता तो मुखिया की मंशा अनुरूप आज संविदा शोषण खत्म हो चुका होता परंतु हुआ नहीं।
लोकतंत्र या नॉकरशाही
@CMMadhyaPradesh@ChouhanShivraj@ndtvindia@AmitShah@INCIndia
क्या संविदा प्रथा खत्म करना इतना कठिन है ,कि प्रदेश में मुखिया हर बार हड़ताल खत्म करने के लिए प्रेस के सामने वादा तो कर देते है ,लेकिन उसका क्रियान्वयन आज दिनांक 10जून 2021 तक नहीं करा पाए ।क्या प्रदेश के मुखिया के वचन ,वादे और इरादे पर प्रदेश की जनता भरोसा कर सकेगी????
#संविदा_अधिकार_आंदोलन
हे मामा जी @ChouhanShivraj क्या आप हमारे मामा नहीं? क्या हम म.प्र. के निवासी नहीं ? संविदा के साथ सौतेले व्यवहार क्यूँ? आप तो प्रदेश के मुखिया हो मुखिया ही अपने वचन(संविदा एक कलंक और शोषण की व्यवस्था है मैं इसे समाप्त करूँगा) से मुकर जाए तो हम क्या करें?
@AjaySirsate@ChouhanShivraj@vdsharmabjp@JM_Scindia@BJP4MP@PMOIndia@AmitShah@BhopalSamachar मानवाधिकार नाम की भी कोई चीज होती है या गुलामी प्रथा से उसे भी खत्म करना चाहते हैं आप? स्वयं को लोकतांत्रिक कहते हैं पर शासकीय कार्यों को प्रोजेक्ट का नाम देकर 20-20 सालों से आप उनका शोषण कर रहे हैं जिन्होंने आपको अपना वोट दिया है। यही है क्या आपकी न्यायपूर्ण व्यवस्था?
#संविदा_अधिकार_आंदोलन
मामा जी@ChouhanShivraj 2018 में कुछ सीट कम थी सरकार चली गयी ये अधूरापन था,हम वर्षोँ से इस अधूरेपन से पीड़ित हैं,ये संविदा जीवन कलंकित है,मानसिक प्रताड़ना है,आपने भी ये झेला है अधूरापन,फिर क्यूँ नहीं दिखा रहे अपनापन।
@OfficeofSSC@eGov_MP_IT @egeump @BJP4MP