@askshivanisahu मुंडे साहब बहुत अच्छे टॉपिक को बता रहे हैं,मेडिकल विभाग में बहुत मार्जिन है ,दवाएं प्रिंट के हिसाब से बिक्री होती हैं ,
जबकि उसका परसेंटेज फिक्स रहता है ..
@bstvlive@UPGovt@upprpb होम गार्ड 8 बजे के बाद रनिंग न कराया जाये।
कई बच्चों की हालत गंभीर हो गई है। इसमें 3 से 4 दिन और लगता। कृपया अभी भी 8.30 से 9 बजे वालो को 22 के बाद करा दीजिए
रवि हमारे प्रयागराज जिले के हैं, अच्छी रिपोर्टिंग करते हैं, श्रंग्वेरपुर में टूटी हुई सड़क दिखा रहे थे तो एक महाशय आकर रोकने लगे.
अब क्या ये सब दिखाना भी अपराध हो गया है?
@ravirajprayagi आप जुटे रहिए.
आरक्षण के समर्थन में वरिष्ठ पत्रकार श्यामलाल यादव सर ने जो कहा वह एकदम परफेक्ट है।
"जहां आरक्षण नहीं है, पहले वहां तो बराबरी की व्यवस्था लाइए, अगर ऐसा नहीं करते तो स्वाभाविक है कि मन में खोट है।"
लखनऊ: लखनऊ के कुकरैल वन क्षेत्र में प्रदेश का पहला सरकारी स्नेक वेनम एक्सट्रैक्शन सेंटर बनेगा, शिलान्यास अक्टूबर के पहले सप्ताह वाइल्डलाइफ वीक में होगा।
निर्माण के बाद संचालन की जिम्मेदारी UP वन निगम को दी जाएगी।
सर्पदंश से मौतें रोकना और एंटी-वेनम के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम करना।
सेंटर में प्रदेश के 4 प्रमुख विषैले सांपों (इंडियन कोबरा, कॉमन क्रेट, रसेल वाइपर, सॉ-स्केल्ड वाइपर) के विष का वैज्ञानिक निष्कर्षण, संग्रह व शोध होगा।
स्थानीय सांपों के विष पर शोध से क्षेत्रीय जरूरत के अनुसार एंटी-वेनम को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
तैयारी हेतु एक टीम गुजरात के वलसाड स्थित स्नेक रिसर्च इंस्टीट्यूट का अध्ययन कर चुकी है, उसी आधार पर सेंटर की तकनीक व व्यवस्था विकसित होगी।
पश्चिमी यूपी :
जाट राजनीति में हरेंद्र मलिक का कद समझना है तो मुजफ्फरनगर का इतिहास देखना तो पड़ेगा
2019 में जिस संजीव बालियान ने चौधरी अजित सिंह जैसे बड़े जाट नेता को हरा दिया था,
वही संजीव बालियान 2024 में जयंत चौधरी के एनडीए के साथ होने के बावजूद हरेंद्र मलिक के सामने चुनाव हार गया 😂
मतलब मुकाबला सिर्फ एक चुनाव का नहीं था
एक तरफ बालियान के साथ सत्ता, संगठन और गठबंधन की ताकत थी,
दूसरी तरफ हरेंद्र मलिक का अपना जाट राजनीतिक जनाधार।
और नतीजा सबके सामने भी हैं
मुजफ्फरनगर की जनता और जाटों ने बता दिया कि जाट राजनीति में हरेंद्र मलिक को हल्के में लेना आसान नहीं है
2024 लोक सभा चुनाव में हरेंद्र मलिक ने संजीव बालियान को करीब 24,672 वोटों से हराया था
जाटों के बड़े नेताओं की बात होगी, तो हरेंद्र मलिक का नाम सबसे आगे गिना जाएगा।