सहायक आचार्य विज्ञापन संख्या 51 (अप्रैल 16-17, 2025) के अभ्यर्थी केवल न्याय की अपेक्षा रखते हैं।
पूर्व परिणाम को बहाल कर चयन प्रक्रिया में विश्वास बनाए रखा जाए।
@PrashantK_IPS90 सर, हम लोगो ने बहुत मेहनत से एग्जाम पास किया है और आज भी कह सकते है कि एग्जाम दोबारा भी निकाल लेंगे । बस बात इतनी सी है कि जिंदगी एक साल कम हो गई है, उम्र एक साल और बढ़ गई है। घर का प्रेशर और मां बाप पे सामाजिक प्रेसर और बढ़ गया है इसलिए आपसे निवेदन है कि दागियों का डाटा लेके उन्हें बाहर करें, और बाकी लोगों को इंटरव्यू देने का मौका दें। आपकी बड़ी कृपा होगी। धन्यवाद। 🙏
#Withdraw_decision_to_cancel_AP51
@narendramodi@myogiadityanath@BJP4UP@AmitShah@India_NHRC
यहां हम सबने अपने 4 साल विज्ञापन 51 की परीक्षा की तैयारी और फिर उसके साक्षात्कार के लिए झोंक दिए। ना घर गए, न किसी की शादी अटेंड की, न ढंग से खाया। अपने कमरे में 4 अलग अलग जगह सिलेब्स लगाया था कि पूरा सिलेब्स याद हो जाए।कितनी बार लाइब्रेरी में बैठ के रोए हैं कि भगवान मेहनत करने की शक्ति दें जिससे यह एग्जाम निकाल के अपने मम्मी पापा को गौरवानवित कर सकें, लेकिन @myogiadityanath और @PrashantK_IPS90 आप लोगों ने पूरे जीवन की तपस्या पे अपने एक तानाशाही फैसले से पानी फेर दिया।
#withdraw_decision_to_cancel_AP51
@narendramodi@BJP4UP@ravish_journo@abhisar_sharma@ajitanjum@DainikBhaskar@JagranNews
@INCIndia यूपी में #Adv51 के साथ क्रूर मजाक! 2022 से 2026 तक सिर्फ तारीखें मिलीं। एग्जाम और रिजल्ट के बाद अब सब रद्द! 4 साल की मेहनत और हज़ारों छात्राओं का भविष्य दांव पर है।क्या यही है युवाओं का न्याय?
सबूत: https://t.co/cnyYatrSxx
@RahulGandhi@kharge
#UPHESC_Adv51
उत्तर प्रदेश की तो यह पहचान बन चुकी है कि
यहाँ के मुख्यमंत्री जुलाई 2022 में एक विज्ञापन प्रकाशित करते हैं 3 साल बाद 16-17 अप्रैल 2025 को उसकी परीक्षा करवाते हैं।
जून 2025 में एक निगरानी समिति का गठन करते हैं। उस निगरानी समिति की देखरेख में संपूर्ण मूल्यांकन कार्य संपन्न करवाते हैं। 4 सितंबर 2025 को परीक्षा परिणाम घोषित करते हैं।
परीक्षा में सफल छात्र इंटरव्यू की तैयारी करते हैं और मुख्यमंत्री @myogiadityanath
परीक्षा परिणाम घोषित करने के
4 महीने बाद नए साल के तोहफे के रूप में 7 जनवरी 2026 को पूरी परीक्षा को रद्द कर देते हैं। मूर्खता की भी कोई सीमा होती है। अगर आपको परीक्षा रद्द करनी थी, अगर भ्रष्टाचार हुआ था तो आपकी निगरानी समिति क्या उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग में घास छीलने गई थी?
आप अपराधी को दंडित करेंगे या लिखित परीक्षा में साक्षात्कार हेतु सफल हुए सभी 3000 छात्रों को दंडित करेंगे? अगर परीक्षा रद्द करनी थी तो परीक्षा के तत्काल बाद परीक्षा को रद्द कर देना चाहिए था।अगर परीक्षा को रद्द करना था तो परीक्षा परिणाम देने की क्या आवश्यकता थी? मूर्खता की सारी सीमाएं पार कर चुके हैं और उसके ऊपर अपनी बढ़ाई करने में आपको गौरव का अनुभव हो रहा है? आपने लिखित परीक्षा में सफल हुए 3000 छात्रों के भविष्य पर लात मार दी है
और आपको शर्म भी नहीं आती है। जिसने पढ़ाई लिखाई नहीं की होती है वह पढ़ाई-लिखाई के महत्व को नहीं समझता है। आपने पढ़ाई-लिखाई की होती तब आपको पता चलता पढ़ाई-लिखाई क्या होती है और जब आपने कोई परीक्षा दी होती और उसमें पास हुए होते और जब उस परीक्षा रद्द कर दिया जाता तब आपको पता चलता परीक्षा रद्द होने पर कितनी पीड़ा होती है। आप जनता के सेवक हैं किंतु समस्या यह है कि निरंतर चुनाव जीतने के बाद आप स्वयं को भगवान समझने लगे है। समय बदलता है। सरकार बदलती है।
कहीं ऐसा न हो 2027 में आप भी हमारी तरह सड़क पर ही आ जाएँ। मुख्यमंत्री बनने से पहले आप सड़क पर ही थे और बड़े-बड़े वादे करते थे कि लोक सेवा आयोग की सीबीआई जाँच करवाएंगे।
8 साल हो गया आप लोक सेवा आयोग की सीबीआई जाँच को भूल गए हैं। अखिलेश यादव के समय में की गई एक भी भर्ती को आपने रद्द नहीं किया लेकिन विधानसभा में आज भी चिल्लाते हैं कि उस समय की सारी भर्तियों में भ्रष्टाचार हुआ था। जब आपको पता है भ्रष्टाचार हुआ था तो अखिलेश यादव के समय की सारी भर्तियों को रद्द क्यों नहीं करते हैं?
अपनी ही सरकार में की गई असिस्टेंट प्रोफेसर विज्ञापन संख्या 51 की परीक्षा को आपने क्यों रद्द कर दिया इसका कारण बताना तो आपका नैतिक दायित्व बनता है।
और अगर परीक्षा को रद्द कर दिया है तो युद्ध स्तर पर आगामी 2 महीने में परीक्षा करना भी आपका ही दायित्व बनता है या क्या दोबारा परीक्षा कराने के नाम पर अभ्यर्थियों को फिर अगले 3 साल तक बैठा कर रखेंगे?
@realDonaldTrump@narendramodi@PMOIndia@RSSorg@DrMohanBhagwat@BJP4India@myogiadityanath@myogioffice@CMOfficeUP@UPGovt@PrashantK_IPS90
विज्ञापन संख्या 51 का साक्षात्कार जल्द संपन्न कराया जाए यह जो भी कृत्य किया जा रहा है वह पूरी तरह से भ्रामक है। खिसियानी बिल्ली खंबा नोचे की स्थिति हुई है सरकार सरकार को बदनाम करने की साजिश है।
जो लोग भी इस परीक्षा की सुचिता पर सवाल उठा रहे हैं, उनके पास इसका कोई ठोस आधार नहीं है । सच्चाई तो यह है जब कोई चोर या जेबकतरा हो जाता है तो जेल से छूटने के बाद पुनः काम करता है यही काम यह रद्दी गैंग भी कर रहा है क्योंकि उसकी दाल तो गली नहीं ।यह परीक्षा पूरी तरह से पारदर्शी हुई है, इसके पक्ष में निम्नलिखित सुबूत दिए जा सकते हैं ।
1# विज्ञापन संख्या 50 की तुलना में इस बार मेरिट कम गई है । उदाहरण स्वरूप मेरे विषय दर्शनशास्त्र में पिछली बार unreserved में 160 कट ऑफ गई थी और अब की बार 154 जबकि सीटें नहीं बढ़ी है ।
2# इस बार आयोग ने नकल रोकने के लिए न केवल विद्यालयों के मानक चेंज किए थे और केवल सरकारी कॉलेजों को ही अपना केंद्र बनाया अपितु परीक्षा केंद्र जहां पहले केवल प्रयागराज तक सीमित रहते थे उसको दूसरे शहरों जैसे लखनऊ आगरा आदि में भी परीक्षाएं सुचिता पूर्वक संपन्न कराई । इससे भी नकल माफिया रद्दी गैंग चित्त हो गया ।
3# यहां तक की प्रश्न पत्रों के मूल्यांकन के लिए भी सरकार ने एक निगरानी समिति बनाई जिसमें पुलिस व शिक्षा विभाग दोनों के वरिष्ठ अधिकारी थे ।
अब नकल माफिया करें क्या? जिसके भी पेट पर लात पड़ेगी तो वह चिल्लाएगा ही। यही काम यह रद्दी गैंग कर रहा है ।
उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री
आदरणीय श्री @myogiadityanath जी
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग में
अध्यक्ष के रूप में रिटायर्ड डीजीपी महोदय को भेजने के पहले ही असिस्टेंट प्रोफेसर विज्ञापन संख्या 51 के संबंध में विशेष निगरानी समिति का गठन करके नकल माफिया की कमर तोड़ चुके हैं।
असिस्टेंट प्रोफेसर विज्ञापन संख्या 51 का संपूर्ण मूल्यांकन कार्य शासन द्वारा गठित विशेष निगरानी समिति की देखरेख में संपन्न होने के कारण कोई गड़बड़ी संभव नहीं हो सकी है इसलिए नकल माफिया इस परीक्षा को रद्द करने की जुगाड़ में लगा हुआ है।
नकल माफिया असिस्टेंट प्रोफेसर विज्ञापन संख्या 51 की परीक्षा को रद्द करने के नित नये तरीके खोज रहा है जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।
रेंडमाइजेशन करना या नहीं करना यह आयोग का नीतिगत निर्णय था जिसका किसी परीक्षार्थी से कोई संबंध नहीं है और जब सभी परीक्षार्थी समान रूप से रेंडमाइजेशन नीति के तहत परीक्षा में सम्मिलित हो चुके हैं तो परीक्षा में फेल होने के बाद रेंडमाइजेशन के आधार पर रिजल्ट को चुनौती देना अवैध है।
शासन द्वारा गठित निगरानी समिति में
1. एडिशनल एसपी सुश्री #गीतांजलिसिंह
2. एडिशनल एसपी एसटीएफ
श्री #विशालविक्रमसिंह
3. एडीएम सिटी प्रयागराज श्री #सत्यममिश्रा
4. उच्च शिक्षा निदेशालय के सहायक निदेशक
श्री #अजीतकुमारसिंह सदस्य के रूप में सम्मिलित रहे हैं।
शासन द्वारा गठित इस विशेष निगरानी समिति ने असिस्टेंट प्रोफेसर विज्ञापन संख्या 51 में नकल माफिया की कमर तोड़ दी है और
यह सौभाग्य की बात है कि असिस्टेंट प्रोफेसर विज्ञापन संख्या 51 के साक्षात्कार उत्तर प्रदेश के रिटायर्ड डीजीपी महोदय और वर्तमान में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष
डॉ. श्री. @PrashantK_IPS90 जी के
कुशल निर्देशन में संपन्न होंगे जिससे साक्षात्कार में भी किसी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना नहीं रह जाती है।
डॉ. श्री. @PrashantK_IPS90 जी से
निवेदन है कि असिस्टेंट प्रोफेसर विज्ञापन संख्या 51 का साक्षात्कार कार्यक्रम अतिशीघ्र जारी करने की कृपा करें क्योंकि इस भर्ती में पहले ही साढ़े तीन वर्ष का विलंब हो चुका है।
परीक्षा हुए 8 महीने बीत चुके हैं और परीक्षा परिणाम घोषित हुए 3 महीने बीत चुके हैं।
@myogiadityanath@myogioffice@CMOfficeUP@UPGovt@ChiefSecyUP@spgoyal@PrashantK_IPS90
@myogiadityanath@PrashantK_IPS90 आदरणीय अध्यक्ष महोदय आपसे विनम्र निवेदन है हम बेरोजगारों का ध्यान रखते हुए विज्ञापन संख्या 51 असिस्टेंट प्रोफेसर का साक्षात्कार जल्द संपन्न कराने की कृपा करें।
@SanjayAzadSln आपको सही जानकारी नहीं है फेल छात्रों द्वारा चलाए जा रहा है अभियान पूरी तरह से निराधार है जिसका पढ़ाई लिखाई लेने पढ़ाई लिखाई करने वाली छात्रों से कोई संबंध नहीं है विज्ञापन संख्या 51 का साक्षात्कार जल्द पूर्ण कर उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के साथ न्याय किया जाए.
ग्रामीण से लेकर शहरी थानों तक ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे थाने आधुनिक और कॉरपोरेट लुक में दिखाई दें। स्मार्ट पुलिसिंग के लिए बजट की कोई कमी नहीं है, थानों से लेकर पुलिस कार्यालयों तक को आधुनिक तकनीक से सुसज्जित किया जाए।
— मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी
#पुलिस_मंथन