BJP सरकार और दिल्ली पुलिस की गुंडई 👇
4PM की पत्रकार शाहीन ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल पूछा तो दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और मारपीट की।
शाहीन का कहना है- जब पुलिसवालों को पता चला कि वो मुसलमान हैं तो उन्हें और बेरहमी से मारा गया। उनके शरीर पर जख्म हैं.. कैमरापर्सन भी बेसुध पड़ी है।
एक पत्रकार के साथ ऐसा बर्ताव कतई सही नहीं है, दोषी पुलिसवालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
हालांकि, इसकी उम्मीद कम है, क्योंकि- BJP सरकार में सवाल पूछना गुनाह हो चला है।
क्या मुख्यमंत्री से सवाल पूछना अब इतना बड़ा अपराध हो गया है कि पत्रकार को पुलिस बेरहमी से पीटेगी?
आज दिल्ली में 4PM की पत्रकार शाहीन के साथ जो हुआ, वह बेहद गंभीर और डराने वाला है.
शाहीन दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल पूछने की कोशिश कर रही थीं. शाहीन का आरोप है कि इसी दौरान दिल्ली पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया और मारते-पीटते थाने ले गई. उनका यह भी आरोप है कि जब पुलिसकर्मियों ने उनका नाम पूछा और नाम में ‘खान’ सुना, तो उनके साथ मारपीट और बढ़ गई.
अगर एक पत्रकार को सिर्फ इसलिए पीटा जाता है क्योंकि वह मुख्यमंत्री से सवाल पूछ रही है, तो यह मामला सिर्फ शाहीन या 4PM का नहीं है. यह देश की पूरी पत्रकारिता और प्रेस की आजादी का सवाल है.
पिछले दिनों 4PM ने दिल्ली सरकार और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से जुड़े मामलों पर लगातार गंभीर सवाल उठाए और खबरें प्रकाशित की थीं. ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या आज की कार्रवाई का उन खबरों और सवालों से कोई संबंध है?
मुख्यमंत्री से सवाल पूछना अपराध कब से हो गया?
पत्रकार का सवाल सत्ता के लिए इतना खतरनाक कब से हो गया?
और किसी पत्रकार के नाम में ‘खान’ होना क्या उसके साथ मारपीट की वजह बन सकता है?
दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार को इन सवालों का जवाब देना चाहिए.
हम मांग करते हैं कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच हो. घटनास्थल और थाने के CCTV सहित उपलब्ध सभी वीडियो फुटेज तत्काल सुरक्षित किए जाएं. यदि किसी पुलिसकर्मी ने शाहीन के साथ मारपीट या उनकी धार्मिक पहचान के आधार पर दुर्व्यवहार किया है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो.
4PM सवाल पूछता रहा है और सवाल पूछता रहेगा.
पुलिस की ताकत से पत्रकार की आवाज दबाई नहीं जा सकती.
#Shaheen #PressFreedom #DelhiPolice #RekhaGupta #4PMNews #JournalismIsNotACrime
हरियाणा इंस्टिट्यूट ऑफ सिविल अविएशन करनाल में महेंद्रगढ़ की रहने वाली प्रीती की कहानी दुःखद है की किस तरह जाति वाद हर जगह कायम है कहीं पीएचडी पुरी नहीं होने देते कहीं NFS के तहत पोस्ट किसी और को देते हैँ.उड़यन मंत्री और सिविल अविएशन मंत्रालय संज्ञान लें @RamMNK,@MoCA_GoI,
हरियाणा के हिसार में पिछले 27 दिनों से अपनी जायज मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे सफाई कर्मचारियों के साथ पुलिस की धक्का-मुक्की और एक महिला सफाई कर्मचारी के निजी अंग पर लात मारने का वीडियो बेहद शर्मनाक और अमानवीय है।
प्रधानमंत्री @narendramodi जी चुनाव के समय इन्हीं सफाई कर्मचारियों के पैर धोने का दिखावा करते हैं और इन्हें “स्वच्छता सैनिक” कहते हैं, लेकिन आज उन्हीं महिला सफाई कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की और निजी अंग पर लात मारकर उन्हें अपमानित किया जा रहा है। यह सम्मान के नाम पर किए जाने वाले राजनीतिक दिखावे और जमीनी हकीकत के बीच का फर्क साफ दिखाता है।
भाषा की भी छुआछूत होती है। अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरी महिला सफाई कर्मचारी को प्रशासन की ओर से “तू” जैसे अपमानजनक संबोधन देना भी उसी सामाजिक मानसिकता को दर्शाता है, जिसमें मेहनतकश और वंचित समाज के सम्मान को छोटा समझा जाता है।
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की चुप्पी भी गंभीर सवाल खड़े करती है। हरियाणा सरकार दमन का रास्ता छोड़कर तत्काल सफाई कर्मचारियों से बातचीत करे। महिला कर्मचारी के साथ हुए दुर्व्यवहार की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए और उनकी सभी जायज मांगों का सम्मानजनक समाधान निकाला जाए।
भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) हरियाणा के अपने सफाई कर्मचारियों के संघर्ष, सम्मान और अधिकारों के साथ मजबूती से खड़ी है।
@NCWIndia@ncsk_mosje_goi@NCSC_GoI@India_NHRC@cmohry@NayabSainiBJP
जो न्यायालय में बैठे हैं वो मेरिट के आधार पर नहीं बल्कि जातीय प्रभुता और भाई-भतीजावाद के कारण हैं। 85% आबादी के 1% जज उच्च न्यायालय क्यों नहीं हैं ? कोलेजियम को ध्वस्त करना ही होगा।
~ @sanjuydv जी
जिन सवालों के जवाब वो देना नहीं चाहते वही सवाल मज़बूती से दागे गए हैं।
शानदार✊🏾
मोदी जी कितना झूठ बोलेंगे Sir?
आप कह रहे हैं “छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले जेलों में सड़ रहे हैं”
आपकी CBI तो कह रही है “2024 NEET पेपर लीक के मुख्य आरोपी संजीव मुखिया के ख़िलाफ़ कोई सबूत ही नहीं”
इतना सफ़ेद झूठ कैसे बोल लेते हैं Sir?
https://t.co/PsK90y0a0N… https://t.co/xzibwNC1XP…
20 जुलाई को दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे 19 साल के साहिल के चेहरे पर दिल्ली पुलिस ने पेलेट गन से हमला किया।
साहिल दिल्ली विश्वविद्यालय का छात्र है मगर परिवार को सहारा देने के लिए वो पार्ट-टाइम कार भी चलाता है। वो खुद 2025 के SSC दिल्ली कॉन्स्टेबल पेपर लीक का शिकार है। अब उसे डर है कि SSC ने फिर से उसी एजेंसी को ठेका दिया है और फिर से पेपर लीक हो जाएगा।
इंसाफ़ और बेहतर भविष्य की मांग के साथ वह प्रदर्शन में शामिल हुआ था। आज हालत ये है कि उसकी एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए जाने का खतरा है।
ये सज़ा मिलती है हमारे छात्रों को सवाल पूछने और जवाबदेही मांगने की।
हम साहिल के साथ हैं। हम जवाबदेही मांग रहे हर छात्र के साथ हैं।
मोदी जी, देश के बच्चों से अपने इस गुनाह की माफ़ी मांगिए, इसके दोषियों पर कड़ी कार्रवाई कीजिए और धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत बर्खास्त कीजिए।
छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है।
प्रधानमंत्री मोदी को लगता है कि वो बिना जवाब दिए, बिना किसी नतीजे का सामना किए बच निकलेंगे - नहीं कर पाएंगे, इस बार तो बिल्कुल नहीं।
मैं हर उस देशभक्त भारतीय से अपील करता हूं जो मानता है कि हमारे छात्रों को न्याय मिलना चाहिए - प्रधानमंत्री आवास के सामने हमारे धरने में शामिल हों।
भारत के छात्रों की आवाज़ को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
An attack on students is an attack on every Indian family.
PM Modi believes he can get away without answers, without consequences. He cannot. Not this time.
I ask every patriotic Indian who believes our students deserve justice - join us in dharna in front of the Prime Minister’s residence.
The voice of India’s students will not be ignored.
अपने ही देश के युवाओं के साथ ऐसा सलूक ?
क्यूँ ?
बात करने से डर लगता है ?
प्रश्नों का जवाब देने से डर लगता है ?
कैसा प्रजातंत्र है ये ??
बस तंत्र ही है -- प्रजा को तो हाँक रहे हो !
दुःखद - निंदनीय
शर्मनाक !
@narendramodi@RahulGandhi@priyankagandhi@SanjaySDutt@raonarenderinc
#श्वेता_ढुल
सोनाक्षी सिन्हा ने सोनम वांगचुक के समर्थन में आज फिर वीडियो जारी किया है . दिल्ली पुलिस के रवैये पर एतराज जताया है . बहादुर लड़की है .
बॉलीवुड के बड़े - बड़े एक्टर्स मौन क्यों साधे हैं ? सबकी जुबान पर ताला है .
लानत है .
लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध और अपनी बात रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।
और इस तरीके से चादर से Cover करके ताकि कोई वीडियो ना बना सके उठा कर ले जाना उस शख़्स को जो देश के तमाम बच्चो के भविष्य के लिए अनशन पर है कहा तक उचित है ?
क्या सही तरीका ये नहीं कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफ़ा करवा देते , या आप सरकार के किसी मंत्री के द्वारा बातचीत करके उनका अनशन तुड़वाने की कोशिश करते लेकिन जबरदस्ती इस तरीके से अनशन तुड़वाना ये अनशन और देश का अपमान है
लोकतंत्र की हत्या है ! ......
दमन हर चीज का हुआ है ! तो दमन सत्ता के गलियारों में घर कर गया उस घमंड का भी होगा जिसके सामने आम नागरिकों की आवाज नहीं सुनाई दे रही !......
@cmohry@NayabSainiBJP Sir ye video Village Nigana khud ki hai jo tehsil Tosham me padta hai
Aap se vinti hai sir eska samadhan
Karege hamare village me murga farm hai eski vajh se jaya makhi aa gai hai
Uske ander sapry nhi karte.aapse ummid Hai samadhan karege
Dhanywaad
@cmohry@NayabSainiBJP Sir ye video Village Nigana khud ki hai jo tehsil Tosham me padta hai
Aap se vinti hai sir eska samadhan
Karege hamare village me murga farm hai eski vajh se jaya makhi aa gai hai
Uske ander sapry nhi karte.aapse ummid Hai samadhan karege
Dhanywaad
@Bhiwani_DC Sir ye video Village Nigana khud ki hai jo tehsil Tosham me padta hai
Aap se vinti hai sir eska samadhan
Karege hamare village me murga farm hai eski vajh se jaya makhi aa gai hai
Uske ander sapry nhi karte.aapse ummid Hai samadhan karege
Dhanywaad
@Bhiwani_DC Sir ye video Village Nigana khud ki hai jo tehsil Tosham me padta hai
Aap se vinti hai sir eska samadhan
Karege hamare village me murga farm hai eski vajh se jaya makhi aa gai hai
Uske ander sapry nhi karte.aapse ummid Hai samadhan karege
Dhanywaad
हरियाणा में SIR के नाम पर लोकतंत्र पर सबसे बड़ा सवाल!
प्रदेश में लगभग 28 लाख मतदाता सत्यापन प्रक्रिया में नहीं मिले हैं। अब यदि वे निर्धारित समय में दावा-आपत्ति नहीं करते, तो उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं।
सोचिए…
क्या हर वह मतदाता जो घर पर नहीं मिला, वह मृत है?
क्या हर वह नागरिक जिसने फॉर्म जमा नहीं किया, वह वोट देने का अधिकार खो दे?
चुनाव आयोग का दायित्व है कि एक भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से न कटे।
आज लाखों प्रवासी मजदूर, विद्यार्थी, नौकरीपेशा लोग और दूसरे शहरों में रहने वाले नागरिक अपने घरों से बाहर हैं। क्या उनकी अनुपस्थिति उनके लोकतांत्रिक अधिकार छीनने का आधार बन सकती है?
हर पात्र मतदाता का वोट सुरक्षित रहना चाहिए।
न किसी का गलत वोट बने,
न किसी सही मतदाता का वोट कटे।
लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत मतदाता है। इसलिए इस प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और संवेदनशीलता आवश्यक है।
#SIR #Haryana #VoterList #Democracy #RightToVote
@NayabSainiBJP@SanjaySDutt@raonarenderinc@JitendraBaghel_
#श्वेता_ढुल