आज न्यूज़ीलैंड में नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह 30 साल पहले न्यूज़ीलैंड आए थे
तब उन्हें कोई जानता नहीं था और वहाँ उनके एक साथी ने उन्हें एक मफलर, एक टोपी और एक जोड़ी दस्ताने गिफ्ट किए थे.
▪️30 साल पहले उनकी उम्र 45 साल थी
▪️उन्होंने पहले यह भी बताया है कि वह 17 साल की उम्र तक चाय बेचते थे
▪️और यह भी बताया था कि 35 साल तक उन्होंने भिक्षा मांगकर अपना जीवन चलाया
▪️तो मतलब 17 + 35 = 52 साल की उम्र तक उन्होंने अ���ना जीवन चाय बेचने और भिक्षा मांगने में बिताया
👉लेकिन उसी दौरान उन्होंने न्यूज़ीलैंड की यात्रा भी की
👉👉भाई जो भी कहिए - अच्छे दिन तो कांग्रेस सरकार में ही थे - भिक्षा मांगकर जीवनयापन करने वाले भी न्यूज़ीलैंड घूमने जाते थे
Modi’s vacation packed summer ⛱️🕶️✈️
📍 UAE: 15–16 May
📍 Netherlands: 17 May
📍 Sweden: 18 May
📍 Norway: 19 May
📍 Italy: 20 May
📍 France: 13–16 June
📍 Slovakia: 17–18 June
📍 Seychelles: 27–29 June
📍 Indonesia: 6–7 July
📍 Australia: 8–9 July
📍 New Zealand: 10–11 July
After telling Indians not to travel overseas - he has himself travelled to 11 countries in the last 57 days.✈️✈️
Quran says again and again
“And future will be better for you than the past” (93:4)
“If the hurt comes, so will the happiness” (94:5-6)
“So remember me and I will remember you” (2:152)
The Prophet Mohammad ﷺ was deeply sensitive. He felt for others, he cried, he cared. Sensitivity is not weakness it is Sunnah. So don't let anyone convince you that feeling deeply is a flaw.
“अगर पहरा देने वाला कुत्ता ना भोंके तो समझना चाहिए कि वो चोरों को जानता है”
सोशल मीडिया पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का पुराना बयान वायरल हो रहा है
पिछले सप्ताह हुई UGC-NET परीक्षा को लेकर सामने आए गंभीर आरोप बेहद चौंकाने वाले हैं।
NEET पेपर लीक के कुछ ही हफ्तों बाद अब खबरें आ रही हैं कि -
- UGC-NET परीक्षा से ठीक पहले 100 पन्नों की एक PDF प्रसारित हुई।
- यह PDF उस question paper setting की है, जो सिर्फ़ NTA के पास उपलब्ध होती है।
- PDF के लगभग 90 सवाल Sociology के असली प्रश्नपत्र से मेल खाते हैं।
- वही प्रश्नपत्र ₹2.25 लाख में बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान ���ें बेचा जा रहा था।
- इसी नेटवर्क ने CSIR-NET, HTET और ADA जैसी आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का भी दावा किया।
NEET और NET में बार-बार सामने आए घोटालों के बाद भी मोदी सरकार आंखें मूंदकर सो रही है, क्योंकि लाखों छात्रों की रात-रात जागकर की गई सालों की मेहनत उनके लिए कोई मायने ��हीं रखती।
सारा देश जानता है कि प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री से किसी भी तरह की जवाबदेही या कार्रवाई की उम्मीद बेकार है - न जांच होगी, न छात्रों को न्याय मिलेगा।
बदलाव का एकमात्र औज़ार हमारी सम्मिलित आवाज़ है - देश भर के छात्रों की गूंज, जो भारत में शिक्षा revolution लाकर रहेगी।